त्रेता युग के दौरान भगवान श्रीराम ने अश्वमेघ यज्ञ के लिए भगवान रघुनाथ की इस मूर्ति को अपने हाथों से बनाया था। यज्ञ पूरा होने पर इसे श्रीराम ने अपने राज्य में ही स्थापित किया था। मगर कुल्लवी राजा अपने पाप धोने के लिए इसे हिमाचल ले आया था।
इसी मूर्ति ने मिटाया था राजा का खौफनाक श्राप
Updated Sat, 21 Feb 2015 09:04 AM IST
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इसी मूर्ति ने मिटाया था राजा का खौफनाक श्राप
इसी मूर्ति ने मिटाया था राजा का खौफनाक श्राप
इसी मूर्ति ने मिटाया था राजा का खौफनाक श्राप
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