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मुख्य सचिव से मिला लोनिवि का प्रतिनिधिमंडल, सेवा विस्तार का किया विरोध
Sat, 06 Apr 2019 05:04 PM IST
Krishan Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हमीरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हमीरपुर
Published by: Krishan Singh
Updated Sat, 06 Apr 2019 05:04 PM IST
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फाइल फोटो
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लोक निर्माण विभाग में सेवा विस्तार का विरोध शुरू हो गया है। 31 मार्च को सेवानिवृत्ति के बाद लोनिवि के मुख्य अभियंता और एक अधीक्षण अभियंता को सेवा विस्तार दिया गया है। इसका लोनिवि के अधिकारियों ने विरोध किया है।
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शनिवार को लोनिवि हमीरपुर, ऊना और कांगड़ा जिले के दो दर्जन अभियंताओं का प्रतिनिधिमंडल शिमला से धर्मशाला जाते समय मुख्य सचिव बीके अग्रवाल से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने सेवा विस्तार का विरोध किया।
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कहा कि इससे सालों से पदोन्नति की राह देख रहे जेई, एसडीओ, एक्सईएन, एसई और मुख्य अभियंता प्रभावित हो रहे हैं। मुख्य सचिव को बताया कि 19-12-2017 को उच्च न्यायालय भी इस संदर्भ में फैसला सुना चुका है।
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सेवाविस्तार देकर उच्च न्यायालय के आदेशों की अवहेलना की जा रही
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि केवल उन्हीं परिस्थितियों में सेवा विस्तार दिया जा सकता है, जब विभाग में संबंधित पद के लिए योग्य अधिकारियों की कमी हो या निचली पंक्ति में बैठे अधिकारी की ऊंचे पद के लिए योग्यता न हो।
इस फैसले के बाद सरकार ने 8 फरवरी, 2018 को अधिसूचना भी जारी की है। अब विभाग में सेवाविस्तार देकर उच्च न्यायालय के आदेशों की अवहेलना की जा रही है।
लोनिवि के अधिकारियों ने कहा कि सेवाविस्तार देने से नीचे के सैकड़ों अभियंताओं की पदोन्नति रुक गई है, जिससे अधिकारियों में रोष है। मुख्य सचिव बीके अग्रवाल ने प्रतिनिधिमंडल को इस संदर्भ में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
इस फैसले के बाद सरकार ने 8 फरवरी, 2018 को अधिसूचना भी जारी की है। अब विभाग में सेवाविस्तार देकर उच्च न्यायालय के आदेशों की अवहेलना की जा रही है।
लोनिवि के अधिकारियों ने कहा कि सेवाविस्तार देने से नीचे के सैकड़ों अभियंताओं की पदोन्नति रुक गई है, जिससे अधिकारियों में रोष है। मुख्य सचिव बीके अग्रवाल ने प्रतिनिधिमंडल को इस संदर्भ में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।