जम्मू-कश्मीर में बीते शुक्रवार को आतंकी मुठभेड़ में शहीद हुए बंगाणा उपमंडल के गांव ननावीं के लांस नायक बृजेश कुमार का शनिवार को करवाचौथ के दिन सैन्य और राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। क्षेत्र के हजारों लोगों ने नम आंखों से मातृभूमि की रक्षा करते शहीद हुए देश के बहादुर बेटे को विदाई दी।
भतीजे आयुष ने शहीद बृजेश को मुखाग्नि दी। शहीद की माता धुरवी देवी और पत्नी श्वेता का रो-रोकर बुरा हाल है। शहीद की 6 वर्षीय बच्ची को समझ नहीं आ रहा कि आखिर उसके पापा को क्या हो गया। शनिवार सुबह करीब दस बजे शहीद के पार्थिव शरीर को सैन्य हेलीकॉप्टर से थानाकलां के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला के प्रांगण में लाया गया।
यहां से सेना के वाहन में पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव ननावीं पहुंचाया गया। इस दौरान सड़क के दोनों ओर क्षेत्र के हजारों लोगों ने मातृभूमि के लिए शहीद हुए जांबाज को नम आंखों तथा भारत माता की जय के नारों से सैल्यूट किया।
लोगों ने ‘बृजेश कुमार अमर रहे’ और ‘मां का बेटा कैसा हो, बृजेश कुमार जैसा हो’ के नारे लगाए। प्रदेश सरकार की ओर से ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने बहादुर जवान को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती तथा उपायुक्त राकेश कुमार प्रजापति ने भी श्रद्धासुमन अर्पित किए।
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीद बृजेश कुमार के परिवार को सरकार की ओर से 20 लाख रुपये की आर्थिक मदद, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और शहीद की बेटी की पढ़ाई का पूरा खर्च वहन करने की घोषणा की।