हिमाचल प्रदेश में दो दिन चटक धूप खिलने के बाद रविवार को मौसम खराब हो गया। रोहतांग समेत प्रदेश की ऊंची पहाड़ियों पर बर्फबारी हुई, जबकि शिमला समेत कई मैदानी इलाकों में बारिश हुई। चंबा जिले में गत दिन हिमस्खलन हुआ। हालांकि इससे कोई नुकसान नहीं हुआ है। शिमला और इसके निकटवर्ती पर्यटन स्थल कुफरी में भी रविवार को बर्फ के फाहे गिरे हैं।
बर्फबारी और बारिश से प्रदेश में 164 सड़कें बंद हो गई हैं, जबकि 96 ट्रांसफार्मर और 19 जलापूर्ति योजनाएं प्रभावित हुई हैं। सोमवार के लिए भी चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, लाहौल-स्पीति और किन्नौर में भारी बारिश-बर्फबारी का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। ऊना समेत मैदानी इलाकों में बादल छाए रहने से न्यूनतम तापमान कम हो गया है।
इससे इन क्षेत्रों में ठंड में इजाफा हुआ है। राजधानी में जनवरी भी पूरा बीतने वाला है, लेकिन यहां अभी तक ज्यादा समय तक टिकने वाली बर्फबारी नहीं हुई है। प्रदेश के चंबा जिले में कबायली क्षेत्र पांगी की सुराल पंचायत के ताई गांव के सामने स्थित कोठे घडू की पहाड़ी से हिमखंड गिरा। इससे ताई गांव तक बवंडर आ गया।
जनजातीय क्षेत्र पांगी में चार फीट तक बर्फबारी हुई है। रोहतांग दर्रे सहित मनाली व लाहौल-स्पीति की ऊंची चोटियों पर हल्की बर्फबारी हुई है। अटल टनल रोहतांग की तरफ सिर्फ फोर बाई फोर वाहनों को जाने की ही अनुमति दी गई है। मंडी की कमरऊ घाटी और किन्नौर की पहाड़ियों पर बर्फबारी हुई।
वहीं, दोपहर बाद धौलाधार की पहाड़ियों पर भी हल्की बर्फबारी हुई है। जिला किन्नौर में सुमरा, शलखर, ठंगी, कुन्नोचारंग, नेसंग, लिप्पा आसरंग, हांगो, चुलिंग, छितकुल, रक्षम, बटसेरी, सांगला सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में 10 से 15 सेंटीमीटर ताजा बर्फबारी दर्ज की गई है, वहीं जिले के निचले इलाकों में दिन भर मौसम खराब रहा।