हिमाचल मंत्रिमंडल के फैसले: शिक्षकों की होगी बंपर भर्ती, किसानों-बागवानों को भी बड़ी राहत
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जयराम सरकार ने मानसून से पहले प्रदेश के किसानों-बागवानों के लिए तोहफों की बारिश कर दी है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में कृषक उपभोक्ताओं को दी जाने वाली बिजली 65 फीसदी सस्ता करने पर अपनी मुहर लगा दी। अब किसानों को प्रति यूनिट एक रुपये की जगह 35 पैसे प्रति यूनिट के हिसाब से बिजली का बिल चुकाना होगा।
सरकार ने भूल सुधारी, खेती के लिए दो तिहाई नहीं इतने घटाए बिजली के दाम
सरकार के इस फैसले से प्रदेश के 32 हजार किसानों को फायदा होगा। इसके अलावा फल एवं सब्जियों पर एचपी टैक्सेशन एक्ट के तहत लगने वाले टैक्स को भी माफ कर दिया है। अब फल सब्जी लाने और ले जाने वाले वाहनों को परवाणू या चक्की बैरियर पर टैक्स नहीं चुकाना होगा। इसके अलावा सरकार ने एंटी हेल नेट पर 80 फीसदी सब्सिडी देने का भी निर्णय लिया है।
सरकार ने लक्ष्य रखा है कि चालू वित्त वर्ष के दौरान 30 लाख स्क्वेयर मीटर बागवानी क्षेत्र को एंटी हेल नट के अधीन लाया जाएगा। कैबिनेट ने यह भी निर्णय लिया कि किसानों की आय दोगुना करने के लिए सभी ट्रेनिंग कार्यक्रमों में सरकारी स्कीमों को शामिल किया जाए।
मुख्यमंत्री की बजट घोषणाओं में से एक ‘मुख्यमंत्री ग्रीन हाउस जीर्णोद्धार स्कीम’ की गाइड लाइंस को मंजूरी दी। इसके तहत पॉलीशीट बदलने के लिए 70 प्रतिशत सब्सिडी मुहैया कराई जाएगी। फूलों की खेती को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देने के लिए ‘हिमाचल पुष्प क्रांति योजना’ को भी मंजूरी दी गई।
ये भी हुए अहम फैसले
- छोटे और लघु उद्योगों की इलेक्ट्रीसिटी ड्यूटी 4 से 2 और 10 से 7 प्रतिशत की
- पर्यटन विकास के लिए नए क्षेत्र चयनित करने का निर्णय
- पीएम मातृ वंदना योजना में राज्य और जिला कक्ष का होंगे स्थापित
- स्कूल वाहनों के सुरक्षित परिवहन के लिए गाइड लाइंस को मंजूरी
- छत पर सोलर पावर प्लांट लगाने को दस प्रतिशत सब्सिडी
- विभिन्न विभागों में डेढ़ हजार से ज्यादा पद भरने को स्वीकृति
- थर्मोकोल उत्पाद खपाने के लिए दुकानदारों को तीन माह
- चंबा, हमीरपुर और सोलन में महिला थाने खोलने की मंजूरी
- गुडि़या हेल्पलाइन व शक्ति बटन एप के लिए नौ सिपाही तैनात
- पैरा मिलिट्री के हिमाचली शहीदों के परिवारों को अनुकंपा नियुक्ति
- बीपीएल परिवारों की चयन प्रक्रिया के नियमों में होंगे बदलाव
-आशा वर्कर्स के मानदेय को 1000 से 1250 रुपये किया
-जरूरतमंदों को इलाज के लिए चिकित्सा सहायता कोष मंजूर
-नवजातों के लिए मुख्यमंत्री आशीर्वाद योजना स्वीकृत
-कांगड़ा के संसारपुर टैरेस में गवर्नमेंट मॉडल आईटीआई मंजूर
1036 टीजीटी और 844 जेबीटी के नए पद भरने को मिली मंजूरी
प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए स्कूल मैनेजमेंट कमेटी (एसएमसी) के माध्यम से विभिन्न श्रेणियों के शिक्षक पद भरे जाएंगे। इसके अलावा 1036 टीजीटी और 844 जेबीटी के नए पद अनुबंध आधार पर भरने को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी। हिमाचल हाईकोर्ट की सख्ती के बाद सरकार ने दूरदराज क्षेत्रों में स्थित स्कूलों में शिक्षक भर्ती के लिए नई व्यवस्था की है।
इसके तहत प्राथमिक और उच्च शिक्षा विभाग में जहां शिक्षक नहीं हैं, वहां पर एसएमसी के माध्यम से पद भरने का फैसला लिया गया है। मंत्रिमंडल ने राज्य पोषण स्रोत केंद्र को खंड स्तर पर राज्य प्रबंधन इकाई, जिला हेल्प डेस्क को चलाने के लिए राष्ट्रीय पोषण मिशन के तहत विभिन्न श्रेणियों के 89 पदों को पांच जिलों चंबा, हमीरपुर, शिमला, सोलन तथा ऊना में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के माध्यम से भरने की मंजूरी प्रदान की। महिला एवं शिशु कल्याण विभाग में सांख्यिकी सहायक के 13 पद अनुबंध आधार पर सीधी भर्ती के माध्यम से भरने को निर्णय भी लिया गया है।
सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने पर अब मिलेगी 80% सब्सिडी
सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने के लिए अब लोगों को 80 फीसदी की सब्सिडी मिलेगी। जयराम सरकार ने संयंत्र लगाने वालों को 10 फीसदी अतिरिक्त सब्सिडी देने का फैसला लिया है। केंद्र सरकार संयंत्र लगाने के लिए 70 फीसदी सब्सिडी देती है। छत पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाकर लोग ढाई रुपये प्रति यूनिट दाम पर बिजली बोर्ड को बिजली बेच भी सकेंगे। सौर ऊर्जा संयंत्रों को ग्रिड से जोड़ा जाएगा।
घरों में बिजली के टू वे मीटर भी लगाए जाएंगे। मंगलवार को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में भवनों की छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के लिए घरेलू उपभोक्ताओं, सोसायटी और न्यास अधिनियम के तहत पंजीकृत संस्थानों तथा सामाजिक क्षेत्र, सरकार के संचालित आश्रमों में 10 प्रतिशत अनुदान या 4000 रुपये प्रति किलोवाट जो भी कम हो, देने की स्वीकृति प्रदान की गई। प्रदेश में हिम ऊर्जा के माध्यम से सौर ऊर्जा संयंत्र लगाए जा रहे हैं। सरकार ने संयंत्र लगाने के लिए साठ कंपनियों को पंजीकृत किया है।
14300 रुपये में लगेगा एक किलोवॉट का संयंत्र
एक किलोवॉट का सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने के लिए लोगों को अब 14300 रुपये खर्च करने पड़ेंगे। संयंत्र लगाने का कुल खर्च करीब 61 हजार रुपये पड़ता है। इसमें 80 फीसदी सब्सिडी मिलने से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। एक किलोवॉट से लेकर 10 किलोवॉट तक का प्लांट लगाया जा सकता है। एक किलोवॉट का प्लांट प्रतिदिन 5 यूनिट बिजली पैदा करता है। सौर ऊर्जा संयंत्र के लिए छत पर कम से कम 10 गुणा 10 फीट की जगह होनी चाहिए।
सोसायटी बनाने पर भी है जोर- गांवों में सौर ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए ग्रामीणों की सोसायटी बनाकर सोलर प्रोजेक्ट लगाने की शुरुआत भी की गई है। नई योजना के तहत राज्य बिजली बोर्ड गांवों में कुछ लोगों को शामिल कर उनकी सोसायटी बनाएगा। ग्रामीणों की ओर से प्रयोग किए जा रहे कुल बिजली लोड का 30 फीसदी सोलर पैनल का लोड सोसायटी को मंजूर किया जाएगा। ग्रामीणों द्वारा सौर ऊर्जा से उत्पादित की जाने वाली बिजली को उसी गांव के घरों सहित स्ट्रीट लाइटों में प्रयोग किया जाएगा।
ऊर्जा मंत्री अपने नए घर पर लगा रहे हैं संयंत्र- सौर ऊर्जा के प्रति प्रदेश की जनता को जागरूक करने के लिए ऊर्जा मंत्री अनिल शर्मा अपने घर पर भी सौर ऊर्जा संयंत्र लगा रहे हैं। ऊर्जा मंत्री मंडी शहर में नया घर बना रहे हैं। नए घर की छत पर वह दस किलोवॉट का सोलर पैनल लगाएंगे।
छोटे और मध्य उद्योगों के लिए बिजली सस्ती
जयराम मंत्रिमंडल ने बजट घोषणाओं के अनुरूप मंगलवार की बैठक में कई बड़े फैसले लिए। उद्योगों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से छोटे उद्योगों पर लगने वाले विद्युत कर को चार से घटाकर दो प्रतिशत और मध्य औद्योगिक इकाइयों में दस से सात प्रतिशत करने का निर्णय लिया है।
वहीं, आम लोगों को राहत पहुंचाने के लिए मंत्रिमंडल ने हिमाचल प्रदेश यात्री एवं वस्तु कराधान अधिनियम 1955 के अंतर्गत लोहा एवं इस्पात, धागा व प्लास्टिक वस्तुओं पर लागू दरों से अतिरिक्त वस्तु कर (एजीटी) को 25 फीसदी कम करने का निर्णय लिया है।
अब आबकारी एवं कराधान विभाग के अधीन आने वाला पैसेंजर गुड्स टैक्स को अब परिवहन विभाग वसूल करेगा। यह टैक्स सवारी वाहनों पर पर प्रति सीट के हिसाब से लगता है। वर्तमान में आबकारी एवं कराधान विभाग को इस टैक्स के रूप में करीब 80 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित होता था।
सूबे के हर जिले में होंगे महिला थाने- मंगलवार को मंत्रिमंडल ने चंबा, हमीरपुर और सोलन में महिला पुलिस थाना खोलने की मंजूरी दे दी। इसके साथ ही तीनों थानों में पर्याप्त स्टाफ की नियुक्ति को भी मंजूरी दी गई। मंत्रिमंडल के इस फैसले के बाद अब सूबे के हर जिले में महिला थाना हो जाएगा। इससे महिलाओं से जुड़े मामलों की जांच के लिए इधर उधर नहीं भटकना पड़ा करेगा।
थर्मोकोल बेचने को तीन महीने की मियाद
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के थर्मोकोल बेचने पर प्रतिबंध के एलान के बाद मंगलवार को मंत्रिमंडल ने पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए थर्माकोल से बने कप, प्लेट, कटलरी के निर्माण, भंडारण और क्रय विक्रय पर पाबंदी लगाने को स्वीकृति प्रदान की।
इसके साथ ही मंत्रिमंडल ने यह भी निर्णय लिया है कि मियाद के अंदर सूबे के सभी थर्मोकोल व्यापारियों को अपने उत्पादों का निस्तारण करना होगा। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने इसी महीने सूबे में थर्मोकोल से बने उत्पादों पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी।
जिसके बाद से थर्मोकोल से जुड़े व्यापारी इस बात को लेकर पसोपेश में थे कि उनके पास रखे माल का क्या होगा। अब सरकार ने उन्हें माल के निस्तारण के लिए तीन महीने की मियाद तय कर दी है।
स्कूली वाहनों के लिए कड़े किए नियम
जयराम मंत्रिमंडल ने कांगड़ा जिला के नूरपुर और मंडी जिले में स्कूल वाहन हादसों के बाद मंगलवार को बैठक में नई गाइडलाइन जारी करने को मंजूरी दी है। इस गाइडलाइन के मुताबिक अब स्कूली वाहनों में प्राथमिक चिकित्सा बॉक्स, आपातकालीन नंबर को दर्शाना जरूरी होगा।
इसके अलावा म्यूजिक सिस्टम, पर्दे लगाने और ज्वलनशील पदार्थों को ले जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। स्कूली वाहन 15 वर्ष से पुराने नहीं होने चाहिए। समक्ष बच्चों के लिए विशेष प्रबंध होने के अतिरिक्त स्पीड गवर्नर भी होना चाहिए।
गौरतलब है कि नूरपुर स्कूल बस गहरी खाई में जा गरी थी जिसमें कई मासूम की मौत हो गई थी। इसके बाद मंडी जिले में भी 5 सीटर वैन के गहरी खाई में गिरने से स्कूली छात्रा की मौत हो गई थी।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना को मंजूरी- बैठक में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना को भी मंजूरी दी गई। इस योजना के तहत राज्य कक्ष और जिला कक्ष स्थापित किए जाएंगे।
शहीद अर्ध सैनिकों के आश्रितों को मिलेगी नौकरी- प्रदेश सरकार ने शहीद सैनिकों की तर्ज पर अब अर्ध सैनिकों के आश्रितों को नौकरी देने का फैसला लिया है। कैबिनेट की बैठक में मंगलवार को इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।
अभी प्रदेश सरकार सेना में शहीद हुए आश्रितों को ही रोजगार देती रही है। अब शहीद अर्द्ध सैनिकों के परिजनों को भी सरकारी सेवाओं में करुणामूलक आधार पर रोजगार मिलेगा। सरकार के इस फैसले से हिमाचल के सैकड़ों लोगों को फायदा होगा।
नवजात को नवआगन्तुक कीट देने को मंजूरी
प्रदेश सरकार ने मंत्रिमंडल की बैठक में फैसला लिया है कि मुख्यमंत्री आशीर्वाद योजना के तहत अस्पताल में जन्मे शिशुओं को 1500 मूल्य की नवआगंतुक कीट मिलेगी और माताओं को 700 रुपये भी मिलेंगे। इससे हिमाचल के एक लाख नवजात लाभान्वित होंगे। प्रदेश सरकार ने अपने बजट भाषण में इसकी घोषणा की थी।
अब सरकार ने इसे अमलीजामा पहनाने के लिए कैबिनेट से मंजूरी प्रदान की है। वहीं मंत्रिमंडल ने हिमाचल में गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों को वित्तीय सहायता मुहैया कराने के लिए मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष को मंजूरी दी है।
इसके अलावा मंत्रिमंडल ने जवाली विधानसभा क्षेत्र के 34 स्वास्थ्य संस्थानों को ब्लॉक मेडिकल आफिसर नगरोटा सूरियां के प्रशासनिक नियंत्रण में करने को मंजूरी दी है।
बीपीएल चयन प्रक्रिया में होगा संशोधन- प्रदेश सरकार ने बीपीएल परिवारों के चयन प्रक्रिया में संशोधन का फैसला लिया है। अभी ग्राम सभाओं में बीपीएल परिवार का चयन होता है। इसमें ग्राम सभाओं में उपस्थित लोग व्यक्ति का नाम लेकर या हाथ खड़े कर चयन करते हैं।
लेकिन इसमें कई ऐसे लोग शामिल हो गए जो पात्र नहीं थे। मंत्रिमंडल ने अब बीपीएल परिवारों के चयन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए चयन प्रक्रिया में संशोधन करने का फैसला लिया है।
अगली बैठक में आएगा स्किल विवि खोलने का प्रस्ताव
शिक्षा विभाग प्रदेश में स्किल विश्वविद्यालय खोलने जा रहा है। जिला सिरमौर के कालाअंब में प्रस्तावित इस विश्वविद्यालय को खोलने के लिए मंगलवार को मंत्रिमंडल की बैठक में लाया गया। बैठक लंबी चलने के चलते फिलहाल इसको लेकर चर्चा नहीं हो सकी। अब मंत्रिमंडल की आगामी बैठक में यह प्रस्ताव लाया जाएगा।
स्किल विश्वविद्यालय के तहत प्रदेश सरकार नए कोर्स शुरू करने का विचार कर रही है। कौन से कोर्स शुरू किए जाने हैं? कॉलेजों या अन्य संस्थानों को इसके दायरे में किस तरह लाना है? यह मंत्रिमंडल की बैठक में तय होना था।
संभावित है कि अब आगामी बैठक में इसको लेकर फैसला होगा। उधर, मुख्यमंत्री आदर्श विद्यालय योजना को लेकर मंत्रिमंडल की बैठक में चर्चा नहीं हुई। इस प्रस्ताव को भी आगामी बैठक में लाया जाएगा। योजना के तहत प्रदेश में दस मुख्यमंत्री आदर्श विद्यालय खोले जाने हैं। इन स्कूलों में सिर्फ छात्राओं को ही प्रवेश देने का प्रस्ताव है।
पर्यटन योजनाओं की हुई समीक्षा- मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान पर्यटन विभाग द्वारा एशियन विकास बैंक के सहयोग से चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की समीक्षा भी की गई। मंत्रिमंडल ने प्रदेश में पर्यटन विकास की दृष्टि से नए क्षेत्रों को बढ़ावा देने पर सहमति जताई।
केंद्र सरकार से बीते दिनों पर्यटन विकास के लिए मिले 1900 करोड़ के बजट को लेकर भी बैठक में विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान पर्यटन से संबंधी कुछ अन्य मुद्दों पर आधारित योजनाओं की भी समीक्षा की गई।