कोरोना महामारी के बीच सीबीएसई और आईएससी की 12वीं बोर्ड परीक्षा 2021 के रद्द होने से भले ही विद्यार्थियों का तनाव खत्म हो गया हो लेकिन अब उन्हें अंकों की चिंता सताने लगी है। चूंकि किसी को नीट देना है तो किसी को इंजीनियरिंग, मेडिकल, लॉ जैसे कोर्स की प्रवेश परीक्षा या विदेशी विश्वविद्यालयों में प्रवेश के लिए जाना है। अब इन विद्यार्थियों के पिछले प्रदर्शन के आधार पर ही परिणाम घोषित किए जाएंगे। लिहाजा, अंकों की प्रतिशतता को लेकर विद्यार्थी असमंजस में हैं।
उधर, सीबीएसई की ओर से मंगलवार को 12वीं कक्षा की परीक्षाओं को रद्द करने के बाद अब हिमाचल प्रदेश सरकार ने भी राज्य स्कूल शिक्षा बोर्ड की परीक्षाओं को लेकर मंथन शुरू कर दिया है। पांच जून की कैबिनेट बैठक में इस मसले को लेकर प्रस्ताव रखा जाएगा जिस पर सरकार फैसला लेगी। राज्य सरकार ने बीते दिनों ही स्पष्ट कर दिया था कि सीबीएसई का फैसला आने के बाद राज्य शिक्षा बोर्ड की परीक्षाओं को लेकर आगामी निर्णय लिया जाएगा।
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अनन्या
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अनिश्चितता का दौर खत्म : अनन्या
महामारी के समय में जब चारों ओर से केवल परेशान करने वाली खबरें आ रही हैं, तभी प्रधानमंत्री ने सुखद समाचार दिया। अनिश्चितता का दौर खत्म हुआ। इसमें दो राय नहीं कि हमारे शिक्षक एवं विद्यालय की तरफ से लगातार प्रयास किया जा रहा था कि हम सभी विद्यार्थी किसी भी समय परीक्षा देने के लिए तैयार रहें। हम सब इसमें लगे भी थे किंतु अनिश्चितता के कारण हमेशा एक मानसिक तनाव का वातावरण बना हुआ था। आज का निर्णय विद्यार्थियों के स्वास्थ्य एवं भविष्य दोनों को भली प्रकार से सुरक्षित करता है। - अनन्या कात्यायन, कक्षा 12 कॉमर्स, हेड गर्ल, डीएवी सीपीएस स्कूल मंडी
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बिपाशा
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कांगड़ा की बिपाशा मायूस
सीबीएसई बोर्ड की परीक्षा रद्द होने पर मैं मायूस हूं। एक तो पूरा वर्ष घर में बैठकर ही सेल्फ स्टडी करनी पड़ी, जिसमें स्कूल के अध्यापकों का भी बहुत योगदान रहा। दुख यह हुआ कि स्कूल नहीं जा पाए, जिस कारण कई कठिनाइयां हुईं। दो बार प्री बोर्ड परीक्षा दी हैं और प्रैक्टिकल भी दिए हैं। उसी के आधार पर ही विद्यार्थियों का वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित किया जाए, ताकि आगे अच्छे कॉलेज या यूनिवर्सिटी में दाखिला ले पाए। कोरोना संक्त्रस्मण के कारण स्टडी का बहुत नुकसान हुआ है, परंतु क्या कर सकते हैं जान हैं तो जहान है। - बिपाशा सिंह, केंद्रीय विद्यालय भनाला (गोहजू, रैत) कांगड़ा
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शिवांगी
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एडमिशन के लिए प्रवेश परीक्षा का हो अब प्रावधान : शिवांगी
सीबीएसई जमा दो के विद्यार्थियों को प्रमोट करने का निर्णय अच्छा है, क्योंकि विद्यार्थी भी काफी समय से असमंजस में थे। मौजूदा हालातों को देखते हुए अभिभावकों में भी काफी भय का माहौल है। बाहर जाने से अभिभावक भी कतरा रहे हैं। अब आगे सरकार को कॉलेजों और अन्य कोर्सों में एडमिशन के लिए प्रवेश परीक्षा का प्रावधान करना चाहिए ताकि सभी अपनी काबिलियत के आधार पर ही प्रवेश ले सकें। - शिवांगी शर्मा, डीएवी पब्लिक स्कूल हमीरपुर
परीक्षा न करवाने का फैसला सही : आईएससी 12वीं की परीक्षा न करवाने का फैसला सही है। कोरोना से छात्रों के संक्रमित होने का खतरा बना हुआ है। साल भर ऑनलाइन क्लास हुई, परीक्षा के लिए तैयारियां पूरी थीं लेकिन अब यह फैसला आ गया है। अब रिजल्ट कैसे बनेगा, कब तक घोषित होगा, इसका इंतजार रहेगा। - प्रकृति (नॉन मेडिकल), आक्लैंड हाउस स्कूल, शिमला