Udaipur Murder Case: अदालत हमें उम्रकैद की सजा देगा या फिर फांसी...? उदयपुर में कन्हैयालाल के हत्यारे एनआईए के अधिकारियों से बार-बार यही सवाल पूछ रहे हैं। इससे साफ है कि कन्हैया की हत्या करने से पहले और गला काटते समय और उसके बाद ठसक से वीडियो बनाने वाले हत्यारे रियाज अत्तारी और गौस मोहम्मद को अब मौत का डर सता रहा है। यह वहीं हत्यारे हैं जो इस्लाम धर्म के अपमान में गला काटने को सजा बता रहे थे।
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Udaipur Murder Case: हमें फांसी होगी या फिर..., कन्हैया के हत्यारों को डराने लगा मौत का डर
Wed, 06 Jul 2022 12:27 PM IST
उदित दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उदयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उदयपुर
Published by: उदित दीक्षित
Updated Wed, 06 Jul 2022 12:27 PM IST
सार
कन्हैया के हत्यारों को मौत का डर, NIA अधिकारियों से पूछ रहे हमें फांसी
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हत्या के आरोपी रियाज अत्तारी और मोहम्मद गौस।
- फोटो : अमर उजाला
उदयपुर हत्याकांड
- फोटो : Social Media
अब तक यह चार बड़े खुलासे हुए?
- हत्यारे गौस मोहम्मद की स्कूटी शुक्रवार को कन्हैयालाल की दुकान से थोड़ी दूरी पर मिला। इसका नंबर आरजे 27 बीएस 1226 है। कन्हैया की हत्या के बाद से यह स्कूटी यहीं खड़ी हुई थी। इसे 2013 में ही खरीदी गई थी। इससे पहले पुलिस को आरोपी रियाज अत्तारी की पल्सर बाइक मिली थी। जिसका नंबर आरजे 27 एस 2611 है। इस बाइक को रियाज ने 2013 में ही खरीदा था। 2611 नंबर लेने के लिए उसने आरटीओ को पांच हजार रुपये का अतरिक्त भुगतान भी किया था।
- आरोपी गौस मोहम्मद आतंकी सलमान हैदर और अबू इब्राहिम के संपर्क में था। यह दोनों पाकिस्तान में बैठकर आंतक फैलाने का काम करते हैं। गौस मोहम्मद ने ही रियाज अत्तारी को कट्टरपंथी बनने के लिए उकसाया था। साथ ही ब्रेनवॉश कर अपनी टीम में शामिल कर लिया। हत्यारे गौस को आतंकी सलमान हैदर ने कट्टरपंथी बनने की ट्रेनिंग दी थी। सलमान ने ही उसका संपर्क अबू इब्राहिम से कराया था।
- आरोपी रियाज और गौस पाकिस्तान के कराची गए थे। 2014-15 में दोनों ने वहां 15 दिन की ट्रेनिंग ली थी। हत्यारे पाकिस्तान में दावत-ए-इस्लामी संगठन से भी जुड़े हुए थे। कराची से आने के बाद दोनों आरोपी अपने समाज के युवाओं को धर्म के प्रति कट्टरपंथी बना रहे थे। उन्होंने एक व्हाट्स ग्रुप भी बनाया था जिसमें भड़काऊ वीडियो और मैसेज भेजकर युवाओं का ब्रेनवॉश किया जा रहा था। पाकिस्तान के कुछ मोबाइल नंबरों पर दोनों की लगातार बात हो रही थी।
- रियाज और गौस के अलसूफा से भी जुड़े होने की बात सामने आई थी। यह संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) के रिमोट स्लीपर सेल के तौर पर काम करता है। रियाज पिछले पांच साल से अलसूफा के लिए राजस्थान के आठ जिलों में स्लीपर सेल बना रहा था। दोनों उदयपुर, भीलवाड़ा, अजमेर, राजसमंद, टोंक, बूंदी, बांसवाड़ा और जोधपुर में बेरोजगार युवाओं का ब्रेनवॉश कर आईएसआईएस के स्लीपर सेल से जोड़ रहे थे। दोनों को अरब देशों से फंडिग भी मिली थी।
हमले के दौरान हत्यारों का नाप ले रहे थे कन्हैयालाल।
- फोटो : अमर उजाला
राजस्थान ही नहीं हत्या से दहल गया था देश
28 जून मंगलवार को उदयपुर में कन्हैयालाल की की हत्या कर दी गई थी। वह धानमंडी इलाके के भूत महल क्षेत्र में रहते थे और पेशे से दर्जी थे। दो मुस्लिम युवक कपड़े का नाप देने के बहाने उनकी दुकान पर पहुंचे और धारदार हथियार से कन्हैया पर वार करना शुरू कर दिया। ताबड़तोड़ हमलों ने कन्हैया को संभलने का मौका तक नहीं दिया। उसकी गर्दन कट गई और मौके पर ही मौत हो गई। हमले में दुकान पर काम करने वाला उसका साथी ईश्वर सिंह भी गंभीर रूप से घायल हो गया। उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है।
28 जून मंगलवार को उदयपुर में कन्हैयालाल की की हत्या कर दी गई थी। वह धानमंडी इलाके के भूत महल क्षेत्र में रहते थे और पेशे से दर्जी थे। दो मुस्लिम युवक कपड़े का नाप देने के बहाने उनकी दुकान पर पहुंचे और धारदार हथियार से कन्हैया पर वार करना शुरू कर दिया। ताबड़तोड़ हमलों ने कन्हैया को संभलने का मौका तक नहीं दिया। उसकी गर्दन कट गई और मौके पर ही मौत हो गई। हमले में दुकान पर काम करने वाला उसका साथी ईश्वर सिंह भी गंभीर रूप से घायल हो गया। उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है।