शारदीय नवरात्रि की शुरुआत के साथ ही सोमवार को सीकर जिले के प्रसिद्ध जीणमाता मंदिर का मेला भी शुरू हो गया। सुबह से ही भक्तों की भीड़ उमड़ने लगी और वातावरण भक्ति भाव से सराबोर हो गया।
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मंदिर परिसर में आरती के दौरान श्रद्धालु
- फोटो : अमर उजाला
मेले के पहले दिन सोमवार सुबह 4 बजे मंगला आरती के बाद मंदिर के पट भक्तों के लिए खोल दिए गए। इसके बाद अभिजीत मुहूर्त में 11:30 बजे से 12:30 बजे के बीच घट स्थापना की गई। परंपरा के अनुसार, पहले दिन जीणमाता ने शैलपुत्री स्वरूप में भक्तों को दर्शन दिए। मंदिर परिसर कोलकाता और दिल्ली से आए फूलों से सजाया गया, जबकि माता की पोशाकें जयपुर, हैदराबाद, पटना और बेंगलुरु से मंगाई गईं।
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जीणमाता मंदिर में भारी संख्या में पहुंचे श्रद्धालु
- फोटो : अमर उजाला
दिव्यांगों के लिए विशेष सुविधा
मंदिर के प्रकाश पुजारी ने बताया कि दर्शनों के लिए आने वाले दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए मंदिर ट्रस्ट ने 10 व्हीलचेयर, एक एंबुलेंस और ई-रिक्शा उपलब्ध करवाए हैं। इनके लिए अलग से लाइन की व्यवस्था की गई है, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो। मंगलवार सुबह 8 बजे श्रृंगार आरती होगी, जिसके बाद भक्त नियमित दर्शन कर सकेंगे।
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आरती करते श्रद्धालु
- फोटो : अमर उजाला
सुरक्षा और निगरानी के कड़े इंतजाम
मेले की सुरक्षा को लेकर पुलिस ने विशेष इंतजाम किए हैं। SHO दिलीप सिंह ने बताया कि करीब 100 सीसीटीवी कैमरों से पूरे मेले की निगरानी की जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए 400 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, जो 12-12 घंटे की दो शिफ्ट में ड्यूटी करेंगे। भीड़ में चोरी और चेन स्नैचिंग की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए सादी वर्दी में महिला और पुरुष पुलिसकर्मियों की भी तैनाती की गई है।
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मंदिर परिसर में इन चीजों को ले जाने पर प्रतिबंध
- फोटो : अमर उजाला
यातायात और पार्किंग की व्यवस्था
भक्तों की सुविधा के लिए इस बार पार्किंग व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। रेवासा रोड पर दो स्थानों पर, कोछो रोड और उदयपुरा रोड पर एक-एक स्थान पर तथा काजलशिखर बैरिकेडिंग के पास पार्किंग स्थल बनाए गए हैं।