साल 2024 अपने आखिरी सफर पर है, गुजरते दिनों के साथ हम नए साल में प्रवेश कर जाएंगे। साल कोई भी, कुछ न कुछ देकर जाता और लेकर भी जाता है। और फिर जब बात सियासत-राजनीति की है तो यह तय है कि कुछ भी हो सकता है। राजस्थान की सियासत में भी इस साल कुछ ऐसा ही हुआ, कई दिग्गज नेताओं के किले कैसे ढह गए, उन्हें खुद ही समझ नहीं आया। लेकिन, जनता ने यह बता दिया कि राजनीति में कुछ भी स्थाई नहीं है।
2024 में राजस्थान की सात विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव हुए इनमें झुंझुनूं, खींवसर और दौसा में कुछ ऐसा फेरबदल हुआ कि सारे समीकरण धरे रह गए। बृजेंद्र ओला परिवार का गढ़ माने जाने वाली झुंझुनूं सीट पर कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा। इसी तरह आरएलपी सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल को खींवसर में बड़ा झटका लगा। बेनीवाल के कब्जे वाली सीट से उनकी पत्नी कनिका बेनीवाल हार गईं। दौसा सीट पर कैबिनेट मंत्री किरोड़ीलाल मीणा के भाई जगमोहन मीणा को भी हार का सामना करना पड़ा। मीणा और भाजपा के लिए यह बड़ी हार साबित हुई।
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Year Ender 2024: बृजेंद्र ओला
- फोटो : Amar Ujala
कांग्रेस और ओला परिवार को लगा झटका
झुंझुनूं सीट पर भाजपा दशकों से चुनाव नहीं जीती थी। अखिरी बार साल 2003 में भाजपा ने यह सीट जीती थी। इसके बाद से कांग्रेस के टिकट पर बृजेंद्र ओला जीतते रहे। इसलिए यह यह सीट कांग्रेस और ओला परिवार का गढ़ मानी जाती थी। 2024 के उपचुनाव में भाजपा के राजेंद्र भांबू ने बृजेंद्र ओला के पुत्र और कांग्रेस प्रत्याशी अमित ओला को 42,828 वोटों के बड़े अंतर से हरा दिया। ऐसे में यह ओला परिवार को बड़ा झटका था।
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Year Ender 2024: पति हनुमान बेनीवाल के साथ कनिका बेनीवाल
- फोटो : Amar Ujala
बेनीवाल की पत्नी हारीं, आरएलपी जीरो पर पहुंची
खींवसर सीट पर हनुमान बेनीवाल की पत्नी कनिका बेनीवाल को भाजपा के रेवतराम डांगा ने उपचुनाव में करारी शिकस्त दी थी। साल 2023 में रेवतराम को खींवसर में करीब 77 हजार वोट मिले थे। वहीं, 2024 के उपचुनाव में उन्हें एक लाख आठ हजार 628 वोट मिले थे। पिछले चुनाव के मुकाबले रेवतराम को 41 हजार से ज्यादा वोट मिले। वहीं, कनिका बेनीवाल को 92,727 वोट मिले थे। कनिका की हार का असर यह हुआ कि राजस्थान विधानसभा में आरएलपी के विधायकों की संख्या जीरो हो गई।
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कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा के भाई जगमोहन मीणा
- फोटो : अमर उजाला
दौसा में किरोड़ीलाल मीणा को मिला भितरघात, भाई चुनाव हारे
दौसा सीट पर हुए उपचुनाव में भाजपा सरकार में कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा के भाई जगमोहन मीणा को हार का सामना करना पड़ा। कांग्रेस के डीडी बैरवा ने 2,300 वोटों के अंतर से जगमोहन को हरा दिया। हार पर जगमोहन मीणा ने कहा था- जब अपने ही बेवफा हो जाएं तो कोई क्या करें।