राजस्थान में चित्तौड़गढ़ जिले के प्रख्यात कृष्णधाम श्री सांवलिया जी मंदिर की ख्याति देश और दुनिया तक जा रही है। देश के हर राज्य से और विदेशों से भी भगवान कृष्ण के भक्त दर्शन के लिया आते हैं। भगवान सांवलिया सेठ श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूरी करते हैं। साथ ही बिजनेस में भी मुनाफा होता है।
यही कारण है कि हर महीने खुलने वाले सांवलिया सेठ के भंडार से करोड़ों रुपये का नकद चढ़ावा के अलावा सोने और चांदी के आभूषण भी चढ़ाते हैं। वहीं, एंटीक वस्तुएं भी भेंट में आती हैं, जो काफी महंगी भी होती हैं। किसी ने व्यवसाय तो किसी ने खेती तो किसी ने नौकरी के लिए मनोकामना मांगी। कुछ श्रद्धालु ऐसे भी हैं, जिन्होंने बीमारी से बचाव और परिवार वृद्धि के लिए मनोकामनाएं मांगी तथा पूरी भी हुई है। ऐसे में हर महीने लाखों श्रद्धालु दर्शनार्थ आ रहे हैं। गत दिनों ही मेलों में रावण बनाने वाले ठेकेदार ने चांदी से बना दशानन भेंट किया। वहीं, सोमवार को ही एक व्यक्ति ने चांदी से बना नलकूप भेंट किया है।
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सांवलिया सेठ मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
जानकारी में सामने आया कि जिले के प्रख्यात कृष्णधाम श्री सांवलियाजी मंदिर की ख्याति दिन दोगनी रात चौगुनी गति से बढ़ रही है। अब सामान्य दिनों में भी भारी भीड़ रहने लगी है। वहीं, श्रद्धालु मनोकामनाएं पूरी होने पर नकदी, आभूषण, एंटीक वस्तुएं, विदेशी मुद्रा आदि भेंट करते हैं।
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सांवलिया सेठ मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
किसान ने भगवान को नलकूप भेंट किया
सांवलियाजी मंदिर में सोमवार को मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले में स्थित कटारिया खेड़ा निवासी प्रहलाद सिंह पुत्र निलेश सिंह पेशे से किसान है। इसका परिवार भी खेती पर ही आधारित है। सिंचाई को लेकर पानी की आवश्यकता हुई तो उन्होंने नलकूप खुदवाने का निर्णय किया। इन्होंने बोरवेल मशीन मंगवाई और एक के बाद एक कर के पांच नलकूप खुदवाए। लेकिन एक में भी पानी नहीं आया। इस पर इसने भगवान सांवलिया सेठ से मन्नत मांगी थी। इसके बाद छठा नलकूप खुदवाया तो उसमें भरपूर पानी आ गया। इस पर अपनी मनोकामना पूरी होने पर चांदी का नलकूप बनवाया। करीब 119 ग्राम चांदी का नलकूप किसान ने भगवान को भेंट किया।
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चढ़ावा
- फोटो : अमर उजाला
इसमें बैट्री सिस्टम भी है, जिससे कि पानी भरने और मोटर चलाने पर चांदी के नलकूप से पानी भी निकलता है। सोमवार सुबह प्रहलाद सिंह चांदी नलकूप लेकर मंदिर पहुंचे। यहां मंदिर प्रभारी राजेंद्र शर्मा के साथ भगवान को नलकूप चढ़ाया। मंदिर प्रभारी शर्मा ने बताया कि भगवान सांवलिया सेठ के मंदिर में देश के कोने-कोने से श्रद्धालु आते हैं। अपनी मनोकामनाएं मांगते हैं। बिजनेस में पार्टनर भी बनाते हैं। मनोकामनाएं पूरी होने पर विभिन्न प्रकार की वस्तुएं तथा व्यापार में मुनाफा होने पर लाखों रुपये की नकदी चढ़ाते हैं।
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मंदिर में चढ़ावा
- फोटो : अमर उजाला
गुजरात और महाराष्ट्र के बड़े श्रद्धालु, बनाते हैं पार्टनर
एक समय था जब श्री सांवलियाजी मंदिर में दर्शन के लिए मेवाड़, मालवा व हाड़ौती (राजस्थान व मध्यप्रदेश) के श्रद्धालु अधिक आते थे। लेकिन मंदिर की ख्याति बढ़ी और श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूरी हुई तो श्रद्धालुओं की संख्या भी बढ़ी है। अब गुजरात और महाराष्ट्र से भी श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी है, जो कि व्यवसाय से जुड़े हैं।
ऐसे में श्रद्धालु भगवान को बिजनेस पार्टनर बनाने लगे हैं। बिजनेस में जो मुनाफा होता है, उसमें से प्रतिशत भगवान को भेंट चढ़ाते हैं। श्री सांवलिया मंदिर बोर्ड के सदस्य संजय मंडोवरा ने बताया कि भगवान श्री सांवलिया सेठ की ख्याति बढ़ी है। ऐसे में कई राज्यों के श्रद्धालु प्रतिदिन दर्शनार्थ आने लगे हैं। मनोकामनाएं पूरी होने पर भगवान को भेंट भी चढ़ाते हैं।