Sanwalia Seth Temple: राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के प्रसिद्ध कृष्णधाम श्री सांवलियाजी में जलझूलनी एकादशी का तीन दिवसीय मेला दो सितंबर से शुरू होगा। इस दौरान सांवलियाजी चांदी के रथ में विराजमान होकर नगर भ्रमण के लिए निकलेंगे और भक्त जमकर गुलाल खेलेंगे। साथ ही तीन दिन तक यहां धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों की धूम रहेगी। कवि सम्मेलन का भी आयोजन होगा, जिनमें कवयित्री अनामिका अंबर समेत कई नामी कवि काव्य पाठ करेंगे।
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चांदी के रथ पर सवार होंगे भगवान।
- फोटो : अमर उजाला
श्री सांवलिया मंदिर मंडल की मुख्य कार्यपालक अधिकारी एवं अतिरिक्त जिला कलेक्टर प्रभा गौतम ने बताया कि इस बार जलझूलनी एकादशी का मेला दो से चार सितंबर तक लगेगा। इसे लेकर बड़े स्तर पर तैयारियां की जा रही है। मेले के सभी आयोजन तय कर लिए हैं। इसमें तीन से चार करोड़ रुपए खर्च होंगे। तीन दिवसीय कार्यक्रम के दौरान एकादशी के दिन रथयात्रा निकलेगी। भगवान के बाल विग्रह को चांदी के रथ में विराजमान कर जल में झुलाने के लिए लेकर जाएंगे। भगवान के रथ को भक्त अपने हाथों से खींचेंगे। यात्रा में जिसमें लाखों भक्त भाग लेंगे। रात में हॉस्पिटल मंच पर कवि सम्मेलन का आयोजन होगा। इसी रात मीरा और गोवर्धन रंगमंच पर भी सांस्कृतिक संध्याओं का आयोजन किया जाएगा। मेले में कवि सम्मेलन के अलावा प्रसिद्ध गायिका ऋचा शर्मा, बॉलीवुड प्लेबैक सिंगर मय दल, बृजवासी ब्रदर्स, गोकुल शर्मा द्वारा भजनों की प्रस्तुतियां भी होंगी।
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2 से 4 सितंबर तक जलझूलनी एकादशी मेला।
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20 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं के आने की संभावना
अतिरिक्त जिला कलेक्टर ने बताया कि श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए जिग-जैग और अतिरिक्त सुरक्षा गार्डों की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही पुलिस के साथ भी बैठक कर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। मेले के तीन दिनों में 20 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए उसी हिसाब से तैयारियों की गई हैं।
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पहले दिन निकाली जाएगी शोभायात्रा।
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कब क्या कार्यक्रम होंगे?
तीन दिवसीय मेले के पहले दिन दोपहर में एक शोभायात्रा निकाली जाएगी। इसके समापन पर भव्य आतिशबाजी होगी। रात 8 बजे मंडफिया बाईपास स्थित स्टेज पर वैदिक पाठशाला के बालकों द्वारा गणपति वंदना होगी। इसके बाद कवि सम्मेलन शुरू होगा। गोवर्धन रंगमंच पर रात्रि में 9 बजे से रामू मारवाड़ी मय दल द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जाएगी। मीरा रंगमंच पर मनु महाराज, भगवत सुथार मय दल के द्वारा भजन संध्या का आयोजन होगा। रात्रि में 1 बजे मीरा रंगमंच पर प्रकाशदास महाराज द्वारा भजन संध्या की प्रस्तुति होगी। गोवर्धन रंगमंच पर भी रात को 1 बजे बाद स्वतंत्र बादशाह मय दल द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत होंगे।
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तीन सितंबर को निकलेगी यात्रा।
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मुख्य दिवस यह होंगे आयोजन
अतिरिक्त जिला कलेक्टर ने बताया कि मेले का मुख्य दिन 3 सितंबर रहेगा। दोपहर 12 बजे रथयात्रा शुरू होगी। नगर भ्रमण के बाद रथयात्रा रात्रि में 8 बजे मंदिर परिसर में पहुंचेगी, जहां आतिशबाजी होगी। रथयात्रा में विभिन्न रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी। रथयात्रा में खिमज मा नासिक ढोल मय गर्ल्स, बठिंडा आर्मी बैंड पंजाब, कच्ची घोड़ी व कालबेलिया नृत्य भी होंगे।
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