राजस्थान का उदयपुर जिला अपने इतिहास, संस्कृति और पर्यटन स्थल स्थलों के लिये प्रसिद्ध है। इसे पूर्व के वेनिस के नाम से भी जाना जाता है। शहर में फैली झीलों के कारण इसे झीलों की नगरी भी कहा जाता है। इसकी स्थापना 1559 में महाराणा उदयसिंह ने की थी, लेकिन इसे लेकर इतिहासकारों के अलग-अलम मत हैं।
Rajasthan: एशिया की दूसरी सबसे बड़ी झील, शाहजहां ने इस महल से प्रभावित होकर बनवाया था ताजमहल, देखें तस्वीरें
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पिछोला झील के तट पर स्थित सिटी पैलेस शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है। इसमें चार प्रमुख और कई अन्य छोटे-छोटे महल हैं। इनमें शाही परिवार के लोग रहा करते थे। अब महल के मुख्य भाग को संग्रहालय के रूप में संरक्षित कर किया गया है। इसमें रखे प्राचीन कलाकृतियां, पेंटिंग्स, अस्त्र-शस्त्र, जिरह-बख्तर, तलवारें, भाले और पोशाकें सहित अन्य प्राचीन चीजें पर्यटकों के देखने के लिए रखी गई हैं।
लेक पैलेस
शहर की पिछोला झील के बीचों-बीच जग निवास पैलेस स्थित है। इसे लेक पैलेस पांच सितारा होटल के नाम से जाना जाता है। यह महल एक द्वीप पर बना है। इसलिए यहां पहुंचने के लिए नाव से जाना पड़ता है। पैलेस को महाराजा जगतसिंह द्वितीय ने साल 1746 में बनवाया था। यह लेक पैलेस जग निवास कहलाता था।
जग मंदिर
जग मंदिर भी पिछोला झील के बीच में ही स्थित है। इसका निर्माण 1620 में शुरू हुआ और 1652 के आस पास पूरा हुआ। गर्मियों में आराम करने के लिए शाही परिवार द्वारा इस महल का उपयोग किया जाता था। शाहजहां (शहजादा खुर्रम) ने अपने पिता सम्राट जहांगीर के खिलाफ विद्रोह कर यहां आश्रय लिया था। ऐसा कहा जाता है कि इस महल से प्रभावित होने के बाद ही शाहजहां ने ताजमहल का निर्माण कराया था।
मानसून पैलेस
सज्जनगढ़ किला अब मॉनसून पैलेस के नाम से प्रसिद्ध है। एक ऊंची पहाड़ी पर बने इस महल को महाराणा सज्जन सिंह ने अपनी शिकारगाह के रूप में बनवाया था। 19वीं शताब्दी में बने इस महल को एक खगोलीय केंद्र के रूप में बनवाया गया था, लेकिन सज्जन सिंह की अचानक मौके के बाद यह योजना सफल न हो पाई। अब यह एक प्रसिद्ध सन-सैट पॉइंट है।