अमृतसर में जी-20 सम्मेलन की बैठक की आज अमृतसर में शुरू हो गई है। खालसा कॉलेज और गुरु नानक देव विश्वविद्यालय में दो अलग-अलग कार्यक्रम भिन्न-भिन्न सेशन के तहत हो रहे हैं। 15 से 17 मार्च तक यहां शिक्षा क्षेत्र में हुई नई खोजों पर विचार किया जाएगा। कोरोना काल में पूरे विश्व को शिक्षा के क्षेत्र में हो चुके नुकसान पर भी चर्चा की जानी है। मुख्यमंत्री भगवंत मान और शिक्षा मंत्री भी कार्यक्रम में पहुंच रहे हैं।
जी-20 सम्मेलन: 10 हजार जवानों का पहरा, एजुकेशन मुद्दों पर बैठक शुरू, तीन जाेन में बांटा अमृतसर
अमृतसर में जी-20 सम्मेलन में मार्च 15 से होने वाले कार्यक्रमों के तहत 21वीं सदी के युवाओं की भविष्य की चुनौतियों से कैसे निपटा जाए और चार अलग-अलग सत्रों में क्या चर्चा होगी, इसे आगामी सत्रों में विश्व नेताओं के सामने रखा जाएगा।
एक पृथ्वी, एक परिवार और एक भविष्य
नोडल अधिकारी प्रो एसएस बहल ने बताया कि सम्मेलन का विषय ''वसुधैव कटुंबकम-एक पृथ्वी, एक परिवार और एक भविष्य'' है। जी-20 समूह में अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, कोरिया गणराज्य, मैक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, तुर्की, यूनाइटेड किंगडम और यूरोपीय संघ के राष्ट्र शामिल हैं।
आज के कार्यक्रम
बुधवार को गुरु नानक देव विश्वविद्यालय में वाई-20 कार्यक्रमों में जी-20 समूह के देशों के युवाओं का मार्गदर्शन किया जाएगा। वाई-20 में शामिल युवाओं को बताया जाएगा कि वह भविष्य के लिए कैसे वैश्विक नेता बनें। इसमें विचारों का आदान-प्रदान करना और निष्कर्ष तक पहुंचने की कोशिश करना शामिल है।
वाई-20 प्रोग्राम के पांच मुख्य विषय
वाई-20 प्रोग्राम के पांच मुख्य विषय हैं। इनमें शांति निर्माण और सुलह शामिल हैं, युद्ध के बिना एक युग की शुरुआत, काम का भविष्य: उद्योग 4.0, नवाचार, और 21 वीं सदी के कौशल, जलवायु परिवर्तन और आपदा जोखिम में कमी: स्थिरता को जीवन का एक तरीका बनाना, स्वास्थ्य, फिटनेस और खेल: एक एजेंडा युवाओं के लिए और एक साझा भविष्य लोकतंत्र और शासन में युवाओं का प्राथमिक उद्देश्य विश्व शांति बनाना है।
मार्च 15 से होने वाले कार्यक्रमों के तहत 21वीं सदी के युवाओं की भविष्य की चुनौतियों से कैसे निपटा जाए और चार अलग-अलग सत्रों में क्या चर्चा होगी, इसे आगामी सत्रों में विश्व नेताओं के सामने रखा जाएगा। यहा होने वाली विचार चर्चा के दौरान एक जमीन, एक परिवार और एक भविष्य प्रैक्टिकल रूप में सामने आएगा। 15 मार्च को होने वाले मुख्य कार्यक्रम में पैनलिस्ट एवं प्रतिनिधियों के अलावा उच्च शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस, उच्च शिक्षा सचिव व जीएनडीयू के वीसी जसपाल सिंह संधू भी विचार पेश करेंगे।
किसान मजदूर संघर्ष कमेटी ने विरोध में फूंका पुतला
किसान मजदूर संघर्ष कमेटी पंजाब ने जी-20 बैठक और लेबर-20 कांफ्रेस के विरोध में रोष प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी किसानों ने इस दौरान जी-20 का पुतला फूंक कर विरोध प्रकट किया। संघर्ष कमेटी के महासचिव सरवन सिंह पंधेर,गुरबचन सिंह चाबा और रणजीत सिंह कलेर बाला की अगुआई ने किसानों में बस अड्डा कस्बा तरसिक्का और खुजाला में पुतले फूंक कर जी-20 की नीतियों का भी विरोध किया।
उन्होंने कहा कि एल-20 भी जी-20 के तहत एक समूहों जो विकासशील देशों के वर्करों संबंधी नीतियां बनाती है। आज तक जो भी नीतियां बनाई गई हैं, वह मजदूर व किसान विरोधी ही रही हैं। उन्होंने कहा कि यह समूह दुनिया के 75% व्यापार को नियंत्रित करता है और विभिन्न देशों के साथ किसान-उत्पादित खाद्य उत्पादों के व्यापार को प्रभावित करता है, जिससे किसानों को उनकी फसल की पूरी कीमत नहीं मिलती।