भारत और दुनियाभर में नौकरी खोजने वाले अधिकतर लोग आज लचीली शर्तों वाली नौकरियों को तरजीह दे रहे हैं और वे ऐसी नौकरियों के प्रति अधिक आकृष्ट हो रहे हैं, जिनमें घर से काम करने की सुविधा हो। यह बात एक रिपोर्ट में कही गई है। इंडीड के एक सालाना वैश्विक अध्ययन के मुताबिक भारत में नौकरी खोजने वाले लचीली शर्तों को अधिक पसंद करते हैं और 2017 में इंटरनेट पर ‘वर्क फ्रॉम होम’ (घर से काम करने की सुविधा) शब्द युग्म (टर्म) के लिए खोज (सर्च) में 111 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि आज कंपनियां बढ़-चढ़ कर वेतन ऑफर कर रही हैं, उदारता के साथ अन्य सुविधाएं (पर्क) और शर्तों में अत्यधिक लचीलापन उपलब्ध करा रही हैं। ऐसे में कर्मचारी भी लचीली शर्तों वाली नौकरियों के अवसर अधिक ढूंढने लगे हैं, जिनमें वे व्यक्तिगत क्षमताओं के विकास के लिए भी समय निकाल सकें। 2017 में जिन अन्य प्रकार की नौकरियों में लोगों की रुचि बढ़ी है, उनमें डिजिटल मार्केटिंग, सरकारी और तकनीक संबंधी नौकरियां भी शामिल हैं।
डिजिटल और तकनीक का भी बोलबाला
वैश्विक स्तर पर तकनीक ने भारी उलट-फेर किया है। इधर भारत सरकार ने भी डिजिटल पर काफी ध्यान बढ़ाया है। इन सबका असर स्थानीय श्रम बाजार पर भी पड़ा है। रिपोर्ट के मुताबिक भारत में अधिकाधिक कंपनियां डिजिटल मौजूदगी बढ़ाना चाहती हैं। इसके कारण डिजिटल मार्केटिंग की नौकरियों के लिए खोज में साफ तौर पर वृद्धि दिखाई पड़ रही है और मशीन लर्निंग, डाटा साइंटिस्ट और डाटा एनालिटिक्स अत्यधिक पसंदीदा पेशेवर डोमेन बन कर उभरे हैं।
फार्मा में रुचि 40 फीसदी घटी, आयुर्वेद में 56 फीसदी बढ़ी
रिपोर्ट के मुताबिक फार्मा क्षेत्र की नौकरियों के लिए किए जा रहे खोज में 2017 में 40 फीसदी गिरावट देखी गई है, जबकि आयुर्वेद के लिए नौकरियों की खोज में 56 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई है। इस बीच सरकारी नौकरियों की खोज में भी भारी वृद्धि हुई है। पूरी दुनिया में जहां सर्वाधिक खोज तकनीक संबंधी नौकरियों की है, वहीं भारत में सरकारी नौकरियों के प्रति गहरा लगाव दिख रहा है।