तमाम दावों और शोर शराबे के बाद भी महिलाओं के साथ आपराधिक घटनाएं दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही हैं। राष्ट्रीय अपराध अनुसंधान ब्यूरो यानी एनसीआरबी द्वारा साल 2015 के जारी किए गए आंकडे एक बार फिर इसकी तस्दीक करते हैं।
दिल्ली नहीं इन राज्यों में ज्यादा होते हैं महिलाओं से रेप
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मध्यप्रदेश में महिलाओं पर सबसे ज्यादा अत्याचार
महिलाओं के साथ बीते साल रेप के कुल 34,451 मामले दर्ज हुए हैं। इसमें सबसे ज्यादा मामले मध्य प्रदेश में दर्ज हुए हैं। इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर महाराष्ट्र, तीसरे पर राजस्थान, चौथे पर उत्तर प्रदेश, और पांचवे पर ओडिशा रहा है।
2015 के आए आकंड़ों के मुताबिक मध्य प्रदेश में सबसे अधिक 4391 मामले दर्ज हुए हैं।
सेफ मुंबई रही लिस्ट में दूसरे नंबर पर
देश की सबसे सेफ माने जाने वाली सिटी मुंबई महिलाओं के साथ रेप के मामलों में दूसरे नंबर पर रही है। हालांकि मुंबई को महिलाओं के मामले में काफी सुरक्षित माना जाता है लेकिन एनसीआरबी के आंकड़े इन दावों पर सवाल खड़े करते हैं।
रेप के मामलों में एनसीआरबी की लिस्ट में दूसरे नंबर पर रही मुंबई में 4144 रेप के मामले दर्ज हुए हैं।
वसुंधरा के राजस्थान में भी सुरक्षित नहीं हैं महिलाएं
दूसरी ओर राजस्थान भी महिलाओं के साथ आपराधिक घटनाओं में पीछे नहीं है। एनसीआरबी की रिपोर्ट के मुताबिक रेप के मामलों में यह राज्य तीसरे नंबर पर रहा है। राजस्थान में 3644 रेप के मामले 2015 में दर्ज किए गए हैं।
उत्तर प्रदेश भी नहीं है पीछे
लचर कानून व्यवस्था की समस्या से जूझ रहा उत्तर प्रदेश भी इस लिस्ट में चौथे नंबर पर रहा है। आपराधिक मामलों का यूपी से पुराना नाता रहा है और इसी वजह से सत्तारुढ़ समाजवादी पार्टी सवालों के घेरे में घिरी रहती है। हाल ही में हुए बुलंदशहर गैंगरेप मामले से देश में अलग बहस छिड़ गई थी जिसने यूपी से लेकर दिल्ली तक की राजनीति पर असर डाला था। एनसीआरबी की रिपोर्ट के मुताबिक यूपी में 3025 रेप मामले दर्ज किए गए हैं और इस लिहाज से यह राज्य चौथे नंबर पर आता है।