बदलते परिवेश में बच्चे वक्त से पहले ही बड़े हो रहे हैं। एक तरफ वे कम उम्र में तमाम तरह की उपलब्धियां हासिल कर रहे हैं, तो वहीं दूसरी तरफ वे आपराधिक गतिविधियों को अंजाम भी दे रहे हैं। चोरी, अपहरण, फिरौती, किडनैपिंग, ब्लैकमेलिंग और रेप से लेकर हत्या करने से भी उन्हें कोई परहेज नहीं है। ऐसी घटनाएं भी सामने आती हैं, जब किशोरों ने अपनी यौन इच्छाओं की तृप्ति के लिए छोटी बच्चियों तक को शिकार बनाया है। पैसा और पावर का नशा भी मासूमों को अपराध की दुनिया में धकेलने से पीछे नहीं है। आईए बताते हैं दुनिया के ऐसे 10 खतरनाक बच्चों की टेरर कहानी, जो शौक, पैसा और बदले की आग में हो गए खूंखार।
ये मानना काफी मुश्किल है कि 6 साल का बच्चा किसी का कत्ल कर सकता है, लेकिन ऐसा हुआ जब कार्ल न्यूटन माहन नाम की लड़के ने अपनी दोस्त का कत्ल कर दिया। कार्ल और उसका दोस्त एक दिन पैसा इक्टठे करने की कोशिश कर रही थे, लेकिन किसी बात को लेकर दोनों में अनबन हो गई। इससे नाराज कार्ल ने अपने दोस्त से बदला लेने की ठान ली और घर से पिता की शॉर्टगन निकालकर दोस्त को गोली से उड़ा दिया। उस समय कार्ल को हत्या का सबसे छोटा क्रिमिनल माना गया। इस आरोप कार्ल को 15 साल के लिए बाल सुधार गृह में भेज दिया गया।
यहीं नहीं हत्या करने के पीछे कई वजह हो सकती हैं, लेकिन ईष्या एक ऐसा भाव है जो अक्सर क्राइम के पीछे का बहुत बड़ा कारण बनता है। इसी कारण पेसिनेवनिया में एक 11 साल के बच्चे ने अपने पिता की प्रेग्नेंट गर्लफ्रेंड को शॉर्टगन से मौत के घाट उतार दिया। घटना साल 2009 की है, जब जॉर्डन ब्राउन नाम के बच्चे ने बेड पर उल्टी लेटी हुई गर्लफ्रेंड के सिर में गोली उतार दी। चौंका देने वाली बात है कि ये शॉर्टगन उसे उसके जन्मदिन पर तोहफे के रूप में दी गई थी। कथित तौर पर हत्या करने के बाद जॉर्डन अपने स्कूल चला गया और जब इस चीज के बारे में उससे पूछा गया तो ऐसे पेश आया कि जैसे उसे कुछ पता ही नहीं है।
अमेरिका के कैलीफोर्निया में 1983 में 14 और 15 साल की दो लड़कियों को खूनी खेल खेलने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इन लड़कियों का नाम शिर्ले और साइंडी कोलियर है। बताया जाता है की घर में बड़ें लोगों से डांट और अपने ही माता-पिता व रिश्तेदारों से शोषित होने पर इन दोनों लड़कियों में इतना गुस्सा भरा हुआ था कि इसी गुस्से में दोनों लड़कियों ने एक महिला का गला घोंट कर उसकी हत्या कर दी। चौंका देने वाली बात है कि शिर्ली डायरी लिखा करती थी, जिसमें उसने अपने जुर्म की कहानी को भी बयां किया था।
अगर बच्चे अचानक या नासमझी में कानून को अपने हाथ में तो वह अपराध नहीं माना जाता लेकिन वह अगर इसे अपनी आदत बना ले तो वह क्रिमिनल बन जाता है। साल 2007 में अमरजीत साडा (8) नाम के बच्चे को तीन कत्ल करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उस पर आरोप था कि इसने अपनी 1 साल और 6 महीने की चचेरी बहनों को मौत के घाट उतार दिया था। हालांकि ये दोनों घटनाएं परिवार ने छुपा ली लेकिन अमरजीत के कत्ल करने की सनक यहीं खत्म नहीं हुई उसने अपने पड़ोस में रहने वाले छह महीने के बच्चे का भी कत्ल कर डाला, जिसके बाद उसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।