फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त

12वीं के बाद पर्यावरण में ऐसे बनाएं करियर, कमाएं मोटी सैलरी

Mon, 18 Dec 2017 08:28 AM IST
टीम डिजिटल / अमर उजाला
टीम डिजिटल / अमर उजाला Updated Mon, 18 Dec 2017 08:28 AM IST
विज्ञापन
career in environment after 12th

पर्यावरण का स्तर दिन-ब-दिन बद से बदतर होता जा रहा है। ग्लोबल वार्मिंग, वायु, जल और भूमि प्रदूषण, मिट्टी का क्षरण, पेड़ों की कटाई आदि पर्यावरण के सामने आने वाली प्रमुख समस्याएं हैं। इन समस्याओं से निबटने, पर्यावरण की सुरक्षा और सुधार 'पर्यावरण इंजीनियरिंग' के अंतर्गत आता है। पर्यावरण इंजीनियरिंग (एनवायरमेंटल इंजीनियरिंग) एक ऐसा क्षेत्र है, जो पर्यावरण से संबंधित समस्याओं पर काम करता है। प्राकृतिक संसाधनों की गुणवत्ता का स्तर सुधारने में योगदान देता है। यह क्षेत्र पर्यावरण के संरक्षण से संबंधित होता है। इसमें कार्य करने वाले पर्यावरण इंजीनियर्स प्राकृतिक पर्यावरण के संकट की चुनौतियों का सामना करने का प्रयत्न करते हैं। पहले, एनवायरमेंटल इंजीनियरिंग को सिविल इंजीनियरिंग की एक शाखा माना जाता था। 



पढ़ें: IIT दिल्ली के पांच छात्रों को सवा करोड़ का पैकेज

career in environment after 12th

क्या है एनवायरमेंटल इंजीनियरिंग 
सीनियर करियर काउंसलर, डॉ. संजिब आचार्य कहते हैं कि एनवायरमेंटल इंजीनियरिंग विज्ञान और इंजीनियरिंग के सिद्धातों का मिश्रण है, जिनकी मदद से इस पृथ्वी पर निवास करने वाले मानव और अन्य जीव-जंतुओं को एक अच्छा वातावरण, स्वास्थ्यवर्धक हवा, पानी और जमीन आदि मुहैया कराने का प्रयास किया जाता है। दूसरे शब्दों में कहें, तो पर्यावरण इंजीनियरिंग इंजीनियरिंग की वह शाखा है, जो पर्यावरण के मुद्दों और समस्याओं पर केंद्रित है। 

career in environment after 12th

शैक्षणिक योग्यता
पर्यावरण इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन करने के लिए आपके पास फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथमेटिक्स में 12वीं पास का प्रमाणपत्र होना चाहिए। वहीं पोस्टग्रेजुएशन करने के लिए एनवायरमेंटल इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री जरूर होनी चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन
career in environment after 12th

संभावनाओं से भरा क्षेत्र
एनवायरमेंटल इंजीनियरिंग में नौकरी के लिहाज से सरकारी एवं निजी कई तरह के क्षेत्र हैं, जहां आपको नौकरी मिल सकती है। चाहे रिसर्च सेंटर्स हों, एनजीओ हो या फिर सरकारी विभाग आदि। प्रदूषण नियंत्रक संस्थाओं में डिजाइनर या प्लानर के रूप में भी अपना भविष्य संवार सकते हैं। भारत की सरकारी संस्था केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड भी यूपीएससी परीक्षा के तहत एनवायरमेंटल इंजीनियरिंग संबंधी पेशेवरों की भर्ती करती है। सरकारी और निजी संस्थाएं रिसर्चर के तौर पर नियुक्ति करते हैं। विश्वविद्यालयों में प्राध्यापक बनकर भी भविष्य निर्माण कर सकते हैं।

विज्ञापन
career in environment after 12th

कार्य स्वरूप
एनवायरमेंटल इंजीनियर को वातावरण संबंधी प्रबंध और उसका ऑडिट करना पड़ता है। जैसे-जैसे शहरों का विकास हो रहा है, वैसे ही यहां कई तरह की परेशानियां भी जन्म देने लगी हैं। इनमें अलग-अलग तरह के प्रदूषण और कूड़ा-कचरा की समस्या प्रमुख होती है। इनसे निपटने के लिए एनवायरमेंटल इंजीनियर को इनका प्रबंध करना पड़ता है। इसके अलावा शहरीकरण के कारण प्राकृतिक पर्यावरण को भी बहुत नुकसान पहुंचा है। प्राकृतिक पर्यावरण का मानवीय जीवन से तारतम्य बनाने के लिए भी एनवायरमेंटल इंजीनियर्स की आवश्यकता पड़ती है।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें शिक्षा समाचार आदि से संबंधित ब्रेकिंग अपडेट।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed