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परीक्षा सुधार: केंद्र को सौंपे गए 15 सूत्रीय सुझाव, पारदर्शी परीक्षा और समयबद्ध परिणाम पर जोर

Mon, 14 Sep 2026 10:50 AM IST
आकाश कुमार अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Published by: आकाश कुमार Updated Mon, 14 Sep 2026 10:50 AM IST
सार

अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने परीक्षा सुधार हेतु केंद्र की टास्क फोर्स को 15 सूत्रीय सुझाव भेजे हैं। इनमें पारदर्शी मूल्यांकन, समयबद्ध परिणाम, एन्क्रिप्टेड प्रश्नपत्र और मुफ्त संसाधनों द्वारा कोचिंग पर निर्भरता घटाने पर जोर दिया गया है।
 

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15 Key Proposals Sent to Center's Task Force for Public Exam Reforms, Transparency & NTA Reforms
Exam - फोटो : Adobe Stock

विस्तार

अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने सार्वजनिक परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग करते हुए केंद्र सरकार की हाई पावर टास्क फोर्स को 15 सूत्रीय सुझाव भेजे हैं। महासंघ ने कहा कि परीक्षा सुधार केवल प्रश्नपत्र की सुरक्षा तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि पूरी व्यवस्था को सुरक्षित, पारदर्शी, वैज्ञानिक और विद्यार्थी-केंद्रित बनाने पर जोर दिया जाना चाहिए।

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महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. नारायण लाल गुप्ता ने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में विद्यार्थियों का विश्वास और निष्पक्षता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने 'एक विद्यार्थी-अनेक प्रमाणित मूल्यांकन' और राष्ट्रीय मेरिट फ्रेमवर्क विकसित करने, बहु-अवसर परीक्षा व्यवस्था लागू करने तथा दक्षता आधारित मूल्यांकन को बढ़ावा देने का सुझाव दिया। राष्ट्रीय महामंत्री प्रो. गीता भट्ट ने राष्ट्रीय प्रश्न बैंक, स्वतंत्र विशेषज्ञ तंत्र, वैज्ञानिक मॉडरेशन, बहुस्तरीय प्रश्नपत्र सुरक्षा, एन्क्रिप्टेड प्रश्नपत्र और डिजिटल ऑडिट ट्रेल की मांग की। एनटीए समेत प्रमुख परीक्षा संस्थाओं को अधिक पेशेवर और स्वतंत्र बनाने पर भी जोर दिया गया।
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महासंघ ने सरकारी परीक्षा केंद्रों का राष्ट्रीय नेटवर्क, ग्रामीण क्षेत्रों में सीबीटी सुविधाएं, दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए सुगम व्यवस्था, भारतीय भाषाओं में परीक्षा सामग्री और एकीकृत राष्ट्रीय परीक्षा कैलेंडर की मांग की। साथ ही समयबद्ध परिणाम, स्वतंत्र परीक्षा लोकपाल तथा महंगी कोचिंग पर निर्भरता कम करने के लिए सरकारी मॉक टेस्ट और निशुल्क डिजिटल संसाधन उपलब्ध कराने का सुझाव दिया।

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