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Ujjain Mahakal Sawari: हरि से हर के मिलन के बाद फिर महाकाल पहुंची बाबा की सवारी, शाही सवारी 11 सितंबर को

Mon, 04 Sep 2023 08:20 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन Published by: दिनेश शर्मा Updated Mon, 04 Sep 2023 08:20 PM IST
सार

श्री महाकालेश्वर भगवान की श्रावण भाद्रपद माह में निकलने वाली नौवीं सवारी सभा मंडप में हुए पूजन अर्चन के बाद शुरू हुई। महाकाल ने नगर भ्रमण किया। इस सवारी में शामिल होने लाखों लोग उज्जैन पहुंचे थे। अगली सवारी 11 सितंबर को होगी। इसे शाही सवारी कहा जाता है।  

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Ujjain Mahakal Sawari: after worshiping in the hall, Mahakal came out to give darshan in nine forms
महाकाल की सवारी - फोटो : सोशल मीडिया
श्री महाकालेश्वर भगवान की श्रावण भाद्रपद माह में निकलने वाली नौवीं सवारी धूमधाम से निकली। सभा मंडप में पंडित घनश्याम पुजारी द्वारा करवाए गए विशेष पूजन अर्चन के बाद रजत पालकी में भगवान श्री चंद्रमौलेश्वर विराजित हुए और पालकी जय श्री महाकाल के उद्घोष के साथ नगर भ्रमण पर निकली। विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर के मुख्य द्वार पर सशस्त्र पुलिस बल के द्वारा भगवान श्री चंद्रमोलेश्वर को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। बाबा महाकाल की सवारी जैसे ही हरि के द्वार यानी गोपाल मंदिर पहुंची वहां पुष्पों से बाबा महाकाल का भव्य स्वागत किया गया जिसके बाद गोपाल मंदिर के पुजारी बाबा महाकाल का विशेष पूजन अर्चन करने पहुंचे। शाम को महाकाल की सवारी मंदिर पहुंची, जहां पूजन किया गया। अब अगली सवारी 11 सितंबर को रहेगी, जिसे शाही सवारी कहा जाता है। इस दिन लाखों भक्त महाकाल के दर्शन को उमड़ते हैं 




बाबा महाकाल की सवारी आज जैसे ही रामघाट पर पहुंची वैसे ही पुजारी गणों द्वारा मां शिप्रा के जल से बाबा महाकाल के स्वरूप श्री चंद्रमौलेश्वर का पूजन अर्चन अभिषेक किया गया। जिसके बाद बाबा महाकाल की शिप्रा तट पर भव्य आरती की गई। इस दौरान लाखों श्रद्धालु शिप्रा तट के दोनों और बाबा महाकाल की एक झलक पाने को आतुर नजर आए। श्रावण भादो मास में निकलने वाली बाबा महाकाल की 9वीं सवारी नगर भ्रमण के बाद निर्धारित समय पर विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंची जहां सभागृह में पंडित आशीष पुजारी द्वारा बाबा महाकाल के श्री चंद्रमौलेश्वर एवं श्री मनमहेश स्वरूप का पुनः विधि विधान के साथ पूजन अर्चन किया गया और उसके बाद इस सवारी का समापन हुआ। प्रत्येक सवारी की तरह ही इस सवारी में भी लाखों श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के विभिन्न स्वरूपों के दर्शन कर अपने आपको कृतार्थ किया।

 
Ujjain Mahakal Sawari: after worshiping in the hall, Mahakal came out to give darshan in nine forms
नगर भ्रमण पर निकलने से पहले भगवान श्री चंद्रमोलेश्वर को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। - फोटो : सोशल मीडिया
बाबा महाकाल की सवारी अपने परंपरागत मार्ग से होते हुए धीरे-धीरे पुनः मंदिर की ओर बढ़ने लगी है। बाबा महाकाल की सवारी जैसे ही हरि के द्वार यानी गोपाल मंदिर पहुंची वहां पुष्पों से बाबा महाकाल का भव्य स्वागत किया गया जिसके बाद गोपाल मंदिर के पुजारी बाबा महाकाल का विशेष पूजन अर्चन करने पहुंचे। इस  पूजन अर्चन के बाद भगवान श्री हरि और भगवान हर का मिलन हुआ और चारों और जय श्री महाकाल और जय श्री कृष्णा के जयकारे गूंज उठे.... गोपाल मंदिर पर हरि से हर के मिलन का यह दृश्य देखते ही बन रहा था। हर कोई इस दृश्य को देखकर अपने आपको गौरवान्वित कर रहा था। बाबा महाकाल की सवारी गोपाल मंदिर से सीधे पटनी बाजार, गुदरी चौराहा, महाकाल चौराहा होते हुए महाकाल मंदिर पहुंचेगी। जहां षोडशोपचार पूजन अर्चन के बाद इस सवारी का समापन होगा ।

 
Ujjain Mahakal Sawari: after worshiping in the hall, Mahakal came out to give darshan in nine forms
महाकाल की सवारी - फोटो : सोशल मीडिया
श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक एवं अपर कलेक्टर संदीप कुमार सोनी ने बताया कि श्री महाकालेश्वर भगवान की सवारी निकलने के पूर्व श्री महाकालेश्वर मंदिर के सभामंडप में भगवान श्री चन्द्रमौलेश्वर का विधिवत पूजन-अर्चन किया गया। उसके पश्चात भगवान श्री चन्द्रमौलेश्वर पालकी में विराजित होकर नगर भ्रमण पर निकले। मंदिर के मुख्य द्वार पर सशस्त्र पुलिस बल के जवानों द्वारा पालकी में विराजित भगवान को सलामी दी गई। रामघाट पर शिप्रा नदी के जल से भगवान का अभिषेक और पूजन-अर्चन किया गया। सवारी रामानुजकोट, मोढ की धर्मशाला, कार्तिक चौक खाती का मंदिर, सत्यनारायण मंदिर, ढाबा रोड, टंकी चौराहा, छत्री चौक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार और गुदरी बाजार से होती हुई पुन: श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचेगी।
 
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Ujjain Mahakal Sawari: after worshiping in the hall, Mahakal came out to give darshan in nine forms
शिप्रा पर महाकाल की सवारी का पूजन किया गया। - फोटो : सोशल मीडिया
इन स्वरूपों में दर्शन देने निकले बाबा महाकाल
श्रावण भाद्रपद माह की नौवीं सवारी में पालकी में श्री चन्द्रमौलेश्वर, हाथी पर श्री मनमहेश, गरूड़ रथ पर शिवतांडव, नन्दी रथ पर उमा-महेश और डोल रथ पर होल्कर स्टेट के मुखारविंद, श्री घटाटोप मुखोटा, रथ पर श्री जटाशंकर, श्री रुद्रेश्वर स्वरूप श्री चन्द्रशेखर स्वरूप रथ पर विराजित होकर अपनी प्रजा का हाल जानने नगर भ्रमण पर निकले। 
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