फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Sawan 2023: ब्रह्मेश्वर महादेव के दर्शन से मिलता है ब्रह्म लोक, भगवान कृष्ण ने किया था इस शिवलिंग का नामकरण

Thu, 17 Aug 2023 10:00 AM IST
अंकिता विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन Published by: अंकिता विश्वकर्मा Updated Thu, 17 Aug 2023 10:00 AM IST
सार

Sawan 2023: ब्रह्मेश्वर महादेव के दर्शन से मिलता है ब्रह्म लोक, भगवान कृष्ण ने किया था इस शिवलिंग का नामकरण

विज्ञापन
Sawan 2023: Brahma Lok is attained by the darshan of Brahmeshwar Mahadev Lord Krishna had named this Shivling
ब्रहोश्वर महादेव मंदिर - फोटो : अमर उजाला
धार्मिक नगरी उज्जैन में एक ऐसा दिव्य और अलौकिक शिवलिंग है जिसका पूजन अर्चन और दर्शन करने मात्र से मनुष्य को ब्रह्म व कृष्ण लोक की प्राप्ति होती है। यह मंदिर अत्यंत दिव्य व चमत्कारी है, जिसके बारे में कथा बताती है कि इस शिवलिंग से ऐसे जल की प्राप्ति हुई थी जिसके कारण दैत्यराज पुलोमा का वध हुआ था और इस संसार को पुलोमा के आतंक से मुक्ति मिली थी। मंदिर की पुजारी माधुरी उपाध्याय के अनुसार 84 महादेव में 65वां स्थान रखने वाले श्री ब्रह्मेश्वर महादेव का मंदिर खटीकवाड़ा में स्थित है। मंदिर में भगवान का काले पाषाण का शिवलिंग है। साथ ही मां पार्वती, भगवान श्री गणेश, कार्तिकेय स्वामी के साथ ही भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की दिव्य प्रतिमा विराजमान है, जो कि काले पाषाण की ही बनी हुई है।
Sawan 2023: Brahma Lok is attained by the darshan of Brahmeshwar Mahadev Lord Krishna had named this Shivling
भगवान कृष्ण ने किया था इस शिवलिंग का नामकरण - फोटो : अमर उजाला
अब तक आपने जितने भी शिव मंदिरों के दर्शन किए होंगे वहां आपको भगवान के शिवलिंग से बाहर की ओर कुछ दूरी पर नंदी जी विराजमान दिखाई दिए होंगे। लेकिन यह एक ऐसा मंदिर है जहां पर भगवान की जलाधारी के पास ही आपको नंदी जी विराजमान दिखाई देंगे। 

पुजारी माधुरी उपाध्याय ने बताया कि वैसे तो ब्रह्मेश्वर महादेव का पूजन अर्चन और दर्शन करने से समस्त संकटों का नाश होता है, लेकिन एकादशी को इनका पूजन अर्चन करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। मंदिर में वर्ष भर विभिन्न आयोजन किए जाते हैं, लेकिन अधिक मास और श्रावण मास के साथ ही शिवरात्रि पर मंदिर में नौ दिनों तक शिव नवरात्रि उत्सव धूमधाम से मनाया जाता है। 
Sawan 2023: Brahma Lok is attained by the darshan of Brahmeshwar Mahadev Lord Krishna had named this Shivling
ब्रह्मेश्वर महादेव के जल से हुआ था दैत्यराज पुलोमा का वध - फोटो : अमर उजाला
ब्रह्मेश्वर महादेव के जल से हुआ था दैत्यराज पुलोमा का वध
स्कंद पुराण के अवंतीखंड में श्री ब्रह्मेश्वर महादेव की जो कथा है वह यह बताती है कि वर्षों पूर्व एक दैत्य पुलोमा हुआ करता था। जिसका आतंक कुछ इतना था कि उसने एक दिन विष्णु लोक में पहुंचकर भगवान विष्णु का वध करने का मन बनाया था। वह विष्णु लोक पहुंचा तो उसने भगवान विष्णु के नाभी कमल पर स्थित ब्रह्मा जी को देखा और सबसे पहले उनका वध करने का प्रयास किया। जब भगवान विष्णु ने दैत्य पुलोमा को ऐसा करते देखा तो उन्होंने तुरंत ब्रह्मा जी से इस दैत्य का वध करने के लिए आदेश दिया और यह भी बताया कि इस दैत्य का वध महाकाल वन में स्थित श्री ब्रह्मेश्वर महादेव का पूजन अर्चन करने और उनसे तपस्या के रूप में मिले जल के कारण होगा। ब्रह्मा जी ने विष्णु जी के कहे अनुसार ब्रह्मेश्वर महादेव की पूजा अर्चना की और जब पूजन अर्चन से भगवान शिव प्रसन्न हुए और उन्होंने ब्रह्मा जी को वह जल प्रदान किया जिसके कारण दैत्यराज पुलोमा का वध किया जा सका। बताया जाता है कि यह वही शिवलिंग है जहां भगवान श्रीकृष्ण भी पहुंचे थे, जिन्होंने इस शिवलिंग को ब्रह्मेश्वर महादेव का नाम दिया था, जिसके बाद से ही इस मंदिर को ब्रह्मेश्वर महादेव के नाम से पहचाना जाने लगा।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed