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President in Ujjain: सपत्नीक किए महाकाल के दर्शन, कहा- लंबे समय तक यहां रहा हूं, इस शहर से जुड़ी हैं यादें
Sun, 29 May 2022 03:36 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: चंद्रप्रकाश शर्मा
Updated Sun, 29 May 2022 03:36 PM IST
सार
देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद रविवार सुबह हेलीकॉप्टर से उज्जैन पहुंचे। उन्होंने अभा आयुर्वेद महासम्मेलन के 59वें अधिवेशन का उद्घाटन किया। सपत्नीक महाकाल के दर्शन किए। कहा कि उज्जैन में कई साल पहले लंबे समय तक रहां हूं।
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महाकाल के दर्शन करते राष्ट्रपति, राज्यपाल व सीएम
- फोटो : सोशल मीडिया
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद रविवार सुबह हेलीकॉप्टर से उज्जैन पहुंचे। हेलीपैड पर मप्र के राज्यपाल मंगूभाई पटेल, सीएम शिवराज सिंह चौहान समेत अन्य जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। यहां से राष्ट्रपति कालिदास अकादमी पहुंचे। यहां पंडित सूर्यनारायण व्यास संकुल में अखिल भारतीय आयुर्वेद महासम्मेलन के 59वें अधिवेशन का दीप प्रज्वलित कर उद्घाटन किया। बाद में महाकाल मंदिर पहुंचे। गर्भगृह में सपत्नीक महाकाल के दर्शन किए।
कार्यक्रम की शुरुआत में हुआ राष्ट्रगान
- फोटो : सोशल मीडिया
राष्ट्रपति कोविंद ने अपने संबोधन में कहा कि उज्जैन ऐसा शहर है जिसका प्राचीन इतिहास है। मेरी भी इससे अनेक स्मृतियां जुड़ी हैं। कई साल पहले काफी लंबे समय तक मैं यहां रहा। यहां की गलियों से मैं वाकिफ हूं। भारत गांवों का देश है और उनमें प्राचीनतम चिकित्सा पद्धति आज भी आयुर्वेद है। उज्जैन से जुड़ी विभूतियों का जिक्र करते हुए कहा कि सम्राट विक्रमादित्य और महाकवि कालिदास की यह नगरी है। इस भूमि को मैं बार-बार नमन करता हूं। उम्मीद है आयुर्वेद सम्मेलन के परिणाम देश और दुनिया के लिए लाभदायक साबित होंगे। भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर इस संस्था को लोकप्रिय बनाने में अनेक विभूतियों ने अपना योगदान दिया है। सभी लोगों को मध्य प्रदेश को आयुर्वेद का स्थापित केन्द्र बनाने के लिए प्रयास करना चाहिए। आयुर्वेद का अर्थ है आयु का विज्ञान। इसमें स्वास्थ्य रक्षा के साथ ही रोग निवारण पर भी बल दिया जाता है।
संबोधित करते राष्ट्रपति कोविंद
- फोटो : सोशल मीडिया
गुणवत्ता, शोध और अनुसंधान का समय है
राष्ट्रपति ने कहा कि आज गुणवत्ता, शोध और अनुसंधान का समय है। हमारे सामने अनेक चुनौतियां हैं। उम्मीद है सब मिलकर इसे स्वीकारेंगे और प्रगति करेंगे। आहार, दिनचर्या और ऋतुचर्या के बारे में आयुर्वेद में ही बताया जाता है। इस क्षेत्र के लोगों से अपेक्षा है कि जन सामान्य में आयुर्वेद के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाए। ऐसे लोग तैयार करें जो उपचार में योगदान दे सकें। लोगों के उपचार के लिए अनुसंधान निरंतर जारी रहे। सुखी जीवन का परम ध्येय बेतहर स्वास्थ्य है इसे सर्वोपरि रखना चाहिये। समारोह में आयुष मंत्री का संदेश भी प्रसारित किया गया। समारोह में आयुर्वेद विशेषज्ञों को सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति ने शासकीय आयुर्वेदिक कॉलेज के नए भवन का लोकार्पण भी किया।
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संबोधित करते सीएम शिवराज।
- फोटो : सोशल मीडिया
अनादिकाल से ज्ञान, वैराग्य की धरती है उज्जैन
सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मैं महाकाल की पवित्र धरती पर राज्य की जनता की ओर से राष्ट्रपति जी का स्वागत करता हूं। उन्होंने राज्यपाल का भी स्वागत किया। यहां त्रिवेणी संगम है और महामहिम पवित्र कार्य के लिए पधारे हैं। यह अनादि काल से ज्ञान, वैराग्य की धरती है और यहां से लोक सेवा की प्रेरणा मिलती है। राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने अपने संबोधन में राष्ट्रपति का स्वागत करते हुए कहा कि प्राचीन काल से ही रोगों के उपचार में आयुर्वेद की अहम भूमिका रही है। कोविड के खिलाफ लड़ाई में हमारी प्राचीन उपचार पद्धतियां कारगर रही हैं। भारत में आयुर्वेद का विकास लाभकारी और आशाओं का केंद्र है। आज इसे आधुनिक चिकित्सा पद्धति के अनुरूप मान्यता की जरूरत है। कार्यक्रम में पहले अतिथियों का स्वागत किया गया। राज्यपाल मंंगूभाई पटेल व सीएम शिवराज सिंह चौहान का स्वागत किया गया।
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कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले वैद्य, चिकित्सकों का किया सम्मान
- फोटो : सोशल मीडिया
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। करीब 1700 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। कालिदास अकादमी के मुख्य द्वार पर अंदर प्रवेश के लिए पास धारियों को ही अनुमति दी गई। पूरे परिसर में पुलिस का पहरा और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। कालिदास अकादमी में पंडित सूर्यनारायण व्यास सांस्कृतिक संकुल सभागृह के प्रवेश द्वार पर भी मेटल डिटेक्टर के साथ सुरक्षा के अन्य उपकरणों से पासधारियों को भी जांचा जा रहा है। राष्ट्रपति की सुरक्षा और स्वागत की शासन-प्रशासन ने व्यापक तैयारी की। हेलीपैड से लेकर मार्ग, संकुल, सर्किट हाउस और मंदिर को करीब दो करोड़ रुपये खर्च कर सजाया। जगह-जगह पुलिस जवानों की तैनाती की गई है। सीएम, राज्यपाल और केंद्रीय आयुष मंत्री भी आए हैं।
