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ये है इंदौर पुलिस : साइकिल से फूड डिलीवरी कर रहे लड़के को देख पसीजा पुलिस का दिल, रुपये जुटाकर दिलवाई बाइक
Mon, 02 May 2022 05:36 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: चंद्रप्रकाश शर्मा
Updated Mon, 02 May 2022 05:36 PM IST
सार
इंदौर पुलिस ने एक गरीब लड़के की मदद कर नेकदिली का उदाहरण पेश किया है। साइकिल से फूड डिलीवरी करने वाले लड़के को देख टीआई का दिल पसीजा तो उसे बाइक दिलाने की ठानी। रुपये एकत्र कर बाइक दिलवाई।
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नई बाइक मिलने पर खुश हो गया जय
- फोटो : सोशल मीडिया
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अगर आप कहीं जा रहे हो और रास्ते में पुलिस रोक ले तो एकबारगी मन में डर आ जाएगा, क्योंकि पुलिस की छवि कुछ ऐसी ही है मगर इसके अलावा पुलिस की नेकदिली भी अक्सर सामने आती रहती है। ऐसा कुछ मामला तब सामने आया जब साइकिल से जा रहे गरीब बच्चे को पुलिस ने रोका। पहले तो वह सहम गया लेकिन बाद में पुलिस ने उसकी जो मदद की उसे वह ताउम्र नहीं भूल सकेगा।
पहले इस साइकिल से करता था फूड डिलीवरी
- फोटो : सोशल मीडिया
गरीब परिवार से है जय
थाना प्रभारी काजी ने बताया कि वे कुछ दिनों पहले गश्त पर थे। तभी उन्होंने साइकिल से एक फूड डिलीवरी बॉय को देखा। वह बहुत जल्दी में था। उसकी कहानी सुनकर काजी ने सोच लिया था कि उसकी ये परेशानी दूर करेंगे। थाने के स्टाफ की मदद से उन्होंने एक दिन की सैलेरी जुटाई। 32 हजार रुपये डाउन पेमेंट जमा कर डिलीवरी बॉय को नई बाइक दिला दी। टीआई ने बताया कि साइकिल से कई बार खाना देर से पहुंचाने के कारण उसे ग्राहकों से डांट भी सुननी पड़ती थी। घर में मां और छोटा भाई है। साइकिल से डिलीवरी करने पर दिन भर में 300-400 रुपये ही कमा पाता है। इससे घर का खर्च पूरा नहीं हो पाता।
पिता दो सालों से मजदूरी करने नासिक गए हैं। जय 10वीं तक पढ़ा है। एक दुर्घटना में हाथ टूटने के बाद स्कूल जाना बंद हो गया। आर्थिक हालत ठीक नहीं होने के कारण वह आगे नहीं पढ़ पाया। वह अभी छोटे भाई को पढ़ा रहा है। जो पांचवीं कक्षा में है। जय ने बताया कि उसकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। परिवार में माता, पिता, भाई और मामा के साथ रहता है। कुछ समय पूर्व उसने बाइक खरीदने के लिए रिश्तेदारों, दोस्तों से रुपये उधार लेकर रुपये एकत्र लिए थे लेकिन एजेंट 20 हजार रुपये लेकर फरार हो गया। इसके बाद उसने बाइक खरीदने की हिम्मत नहीं की।
पुलिसकर्मियों ने रुपये एकत्र कर जय को दिलवाई बाइक
- फोटो : सोशल मीडिया
थाने से आया फोन तो घबरा गया परिवार
एक दिन जय के पास थाने से फोन आया और उसे थाने बुलाया। जय की मां को पता चला तो वे घबरा गईं। जय ने कहा कि उसने कोई गलत काम नहीं किया। बाद में डरते हुए जय ने साइकिल उठाई और थाने पहुंचा। अंदर जाकर टीआई से मिला। वह घबराया हुआ था। टीआई ने उसे हंसते हुए कहा कि तुमको एक बाइक दिला देते हैं। क्या किश्त भर सकोगे। इस पर जय ने कहा कि जरूर। आप डाउन पेमेंट कर दीजिए, मैं किश्त भर दूंगा। इसके बाद जय को नई बाइक दिलवाई, जिसके बाद जय बाइक से ही फूड डिलीवरी करने लगा। देर रात डिलीवरी खत्म होने के बाद वह फिर थाने पहुंचा और टीआई को बताया कि उसने शाम 5 से रात 12 बजे तक 1 हजार रुपये कमा लिए हैं। उसने पुलिस को धन्यवाद भी दिया।
