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Shivpuri: ऐतिहासिक सुरवाया की गढ़ी तक जाने वाले रास्ते पर गड्ढों की भरमार, कीचड़ से पटा

Mon, 08 Aug 2022 07:50 AM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिवपुरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिवपुरी Published by: दिनेश शर्मा Updated Mon, 08 Aug 2022 07:50 AM IST
सार

Shivpuri: ऐतिहासिक सुरवाया की गढ़ी तक जाने वाले रास्ते पर गड्ढों की भरमार, कीचड़ से पटा Shivpuri: The road leading to the fort of the historical Suravaya is full of potholes, filled with mud

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Shivpuri: The road leading to the fort of the historical Suravaya is full of potholes, filled with mud
शिवपुरी से 20 किमी दूर झांसी मार्ग पर सुरवाया की गढ़ी स्थित है। - फोटो : सोशल मीडिया
मध्य प्रदेश के शिवपुरी में इन दिनों बारिश और गड्ढों से सड़कों की हालत खराब है। जिले की ऐतिहासिक कही जाने वाली सुरवाया की गढ़ी तक जाने वाले मार्ग की हालत तो सबसे ज्यादा खराब है। पूरा रास्ता गड्ढे और कीचड़ से पटा पड़ा है। इससे पर्यटक पहुंच नहीं पा रहे हैं। 


बता दें कि शिवपुरी से 20 किमी दूर झांसी मार्ग पर सुरवाया की गढ़ी स्थित है। यह स्थान ऐतिहासिक माना गया है। आम दिनों में बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचते हैं। पर बारिश के बाद फोरलेन हाईवे से गांव के अंदर गढ़ी तक जाने वाला रास्ता पूरा कीचड़ से पट गया है। साथ ही पूरे मार्ग पर गड्ढे हो गए हैं। ऐतिहासिक सुरवाया की गढ़ी प्राचीन स्थल है और इसकी देखरेख का काम भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग भोपाल मंडल द्वारा किया जाता है। स्थानीय रहवासियों का कहना है कि इस गढ़ी के ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए यहां पर ज्यादा से ज्यादा पर्यटक आएं, इसलिए यहां पर पहुंच मार्ग को सुधारा जाना चाहिए। साथ ही गढ़ी व इसके आसपास विद्युत की व्यवस्था भी की जाए।
 
Shivpuri: The road leading to the fort of the historical Suravaya is full of potholes, filled with mud
गढ़ी का निर्माण नौवीं-दसवीं शताब्दी के बीच में कराया गया था। - फोटो : सोशल मीडिया
नौवीं-दसवीं शताब्दी के बीच कराया गया था निर्माण
जानकारों का कहना है कि गढ़ी का निर्माण सहस्त्रवर्धन के गुरु पुरंदर ने शिव मत की शिक्षा देने के लिए नौवीं-दसवीं शताब्दी के बीच में कराया था। ऐसा भी कहा जाता है कि जब भारत पर मुगलों ने आक्रमण किया तो इस गढ़ी को बचाने के लिए मिट्टी से ढंक दिया गया था। इसके बाद सिंधिया शासन काल के दौरान 1916 में माधवराव प्रथम ने 9280 रुपये खर्च कर इसका जीर्णोद्धार कराया था।

गढ़ी के अंदर है शिव मंदिर
यह गढ़ी दर्शनीय है। इस गढ़ी के अंदर एक शिव मंदिर है। इस मंदिर की कला और स्थापत्य सुंदरता से भरी है, जबकि मंदिर काफी प्राचीन है। गढ़ी एक सभागार की तरह है जो पूरी तरह से पत्थरों से निर्मित है। इस समय बारिश के दौर में इस गढ़ी के देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं, लेकिन गांव के अंदर का रास्ता खराब होने के कारण पर्यटकों में नाराजगी है।
 
Shivpuri: The road leading to the fort of the historical Suravaya is full of potholes, filled with mud
चौराहे पर जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। - फोटो : सोशल मीडिया
अस्पताल चौराहे की सड़क गड्ढों में तब्दील 
शिवपुरी शहर में इस समय बारिश के बीच अधिकांश सड़कों की हालत खराब है। इसी बीच जिला अस्पताल रोड जो शहर का सबसे व्यस्ततम चौराहा है इसकी हालत खराब है। चौराहे पर जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। मार्ग बदहाल होने के साथ ही अस्पताल तक जाने वाले रास्ते में कई जगह से सड़क ही गायब हो गई। 
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