जिला मुख्यालय के समीपस्थ चितावलिया हेमा स्थित निर्माणाधीन मुरली मनोहर एवं कुबेरेश्वर महादेव मंदिर में जारी सात दिवसीय भव्य शिव महापुराण का रविवार को अंतिम दिन था। इस दौरान लाखों भक्त उमड़े। नाटिका उत्सव में उत्तराखंड, दिल्ली आदि से आए कलाकारों के साथ श्रद्धालुओं ने फूलों ने होली खेली।
भागवत भूषण पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि जीवन में जितना अधिक सत्य होगा, हम उतने ही परमात्मा के अधिक निकट होंगे। सत्य परमात्मा को पाने की सीढ़ी है। संसार के पीछे भागने से अच्छा है परमात्मा के पीछे दौड़िये। उसके मिलते ही दुनिया आपके पीछे दौड़ेगी। भगवान शंकर के मंदिर में पट नहीं रहता है, शंकर के हृदय में कपट नहीं रहता है और शिव भक्त में खटपट नहीं रहती है। हमारा मन जितना निर्मल होता जाएगा उतना भक्त शिव के निकट होता जाएगा। इसके लिए सत्य का मार्ग जरूरी है।
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शिव महापुराण का रविवार को अंतिम दिन था। इस दौरान लाखों भक्त उमड़े।
- फोटो : अमर उजाला
रविवार को शिव महापुराण के अंतिम दिन भागवत भूषण पंडित मिश्रा ने कहा कि पिता के द्वारा डांटा गया पुत्र, गुरु के द्वारा डांटा गया शिष्य, तथा सुनार के द्वारा पीटा गया सोना ये सब आभूषण ही बनते हैं। इसलिए आपको जितने कष्ट मिल रहे हैं, उन कष्टों को सहन कर आगे बढ़ो। शिखर दर्शनम् पाप नाशम् यानी किसी भी मंदिर के शिखर दर्शन के करने मात्र से ही पापों का नाश हो जाता है। हमारे मन में श्रद्धा और विश्वास प्रबल होना चाहिए, उसी समय शिव की कृपा होती है।
पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि आगामी दिनों में मंदिर परिसर से ही अभिमंत्रित रुद्राक्षों का वितरण किया जाएगा। इसके लिए एक काउंटर की व्यवस्था की जाएगी और आठ माह तक यहां पर आने वाले श्रद्धालुओं को इसका वितरण किया जाएगा। पूर्व में निर्णय लिया गया था कि ऑनलाइन इसका वितरण किया जाए, लेकिन श्रद्धालुओं को मिले इसके लिए मंदिर परिसर में ही व्यवस्था की जाएगी। सात दिवसीय शिव महापुराण का समापन आस्था और उत्साह के साथ किया गया। कथा के अंतिम दिन सात से अधिक पंडालों में श्रद्धालुओं कथा का श्रवण किया। इसके पश्चात प्रशासन और समिति के सहयोग से यहां पर आए श्रद्धालुओं को आसानी से बाहर जाने की व्यवस्था भी की। मंदिर में देर रात्रि तक श्रद्धालुओं के जाने का सिलसिला रहा। अभी भी शहर की सभी धर्मशाला, होटल और सामाजिक संगठनों के भवनों से श्रद्धालुओं का जाने का क्रम चल रहा है।
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मंदिर में देर रात्रि तक श्रद्धालुओं के जाने का सिलसिला रहा।
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श्रद्धालुओं ने खेली फूलों की होली
विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी प्रियांशु दीक्षित ने बताया कि शिव महापुराण का सात दिवसीय आयोजन के दौरान लगातार चलने वाले रात्रिकालीन नाटिका उत्सव में उत्तराखंड, दिल्ली आदि से आए कलाकारों के साथ श्रद्धालुओं ने फूलों ने होली खेली। इस क्रम में लगातार कलाकारों ने सती चरित्र के अलावा अन्य प्रसंगों का सुंदर मंचन किया।
महापुराण के अंतिम दिन पंडित मिश्रा ने संत और संगठन का महत्व बताते हुए कहा कि संत के प्रवचन समाज को जगाता है संगठन शक्ति। मनुष्य के जीवन में संगठन का बड़ा महत्व है। अकेला मनुष्य शक्तिहीन है, जबकि संगठित होने पर उसमें शक्ति आ जाती है। संगठन की शक्ति से मनुष्य बड़े-बड़े कार्य भी आसानी से कर सकता है। संगठन में ही मनुष्य की सभी समस्याओं का हल है। जो परिवार और समाज संगठित होता है वहां हमेशा खुशियां और शांति बनी रहती है और ऐसा देश तरक्की के नित नए सोपान तय करता है।