{"_id":"62dd14397076560afc0067d0","slug":"rain-water-filled-houses-and-roads-in-bhopal-and-sehore","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"MP News: भोपाल में नदी-नाले उफान पर आने से घरों में भरा पानी, प्रदेश के अधिकांश बांधों के गेट खुले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
MP News: भोपाल में नदी-नाले उफान पर आने से घरों में भरा पानी, प्रदेश के अधिकांश बांधों के गेट खुले
Sun, 24 Jul 2022 07:00 PM IST
वीरेंद्र शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Sun, 24 Jul 2022 07:00 PM IST
सार
बारिश की वजह से भोपाल में नदी और नाले उफान पर हैं। तालाब की जीवनदायिनी कुलांसी नदी में लगातार जलस्तर बढ़ता जा रहा है। सीहोर में सड़कों पर तीन फुट पानी आ गया है। आवाजाही बंद हो गई है।
विज्ञापन
डैम के खोले गए गेट
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मूसलधार बारिश की वजह से भोपाल में नदी और नाले उफान पर हैं। तालाब की जीवनदायिनी कुलांसी नदी में लगातार जलस्तर बढ़ता जा रहा है। जिसकी वजह से कुलांसी नदी का पानी बोरखेड़ी, कोडिया फंदा खुर्द समेत कई गांवों में घुसा गया है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पानी आ जाने की वजह से हाल बदतर होते जा रहे हैं। लेकिन उनकी कोई सुनने वाला है। अभी तक उपसरपंच, एडीएम आकाश श्रीवास्तव कोई भी बाढ़ प्रभावित गांवों का निरीक्षण करने के लिए पहुंचे है। इसके अलावा फंदा, पिपलिया, ईंटखेड़ी गांव में कुलांसी नदी का पानी मेन रोड पर 3 फुट ऊपर बह रहा है। वहीं, एसडीएम का कहना है कि एहतियातन एसडीआरएफ की टीम को तैनात करने के निर्देश दिए है। यह टीम हर परिस्थिति में रेस्क्यू के लिए तैयार रहेगी।
भोपाल में घरों में भरा पानी
- फोटो : amar ujala
भोपाल शहर में लगातार हो रही बारिश से निचली बस्तियों में पानी भर गया है। पुराने भोपाल के नारियलखेड़ा क्षेत्र जलमग्न हो गया है। वार्ड 12 के प्रेमनगर समेत अनेक क्षेत्र प्रभावित हुए है। लोगों का आरोप है कि नगर निगम का जोन से लेकर वार्ड अमला बिल्कुल नदारद है। अधिकारियों और नवनिर्वाचित पार्षदों से संपर्क किया जा रहा है।
सीहोर में नदी और नाली उफान पर
- फोटो : amar ujala
नदी नाले आए उफान पर
सीहोर में भी लगातार हो रही भारी बारिश के चलते नदी नाले उफान पर आ गए है। बारिश के चलते जीवनदायिनी सीवन नदी अपने उफान पर आ गई है। जिसके चलते कर्बला पुल जलमग्न हो गया है। पुल के ऊपर पानी आजाने से दर्जनों ग्रामों का सड़क संपर्क जिला मुख्यालय से टूट गया है। पुल के तीन चार फीट ऊपर से पानी बह रहा है। जिससे दो दर्जनों गांवों का सड़क संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया है। अवागमन बंद होने की वजह से लोगों को भारी परेशानियां उठानी पड़ रही है।
सीहोर में भी लगातार हो रही भारी बारिश के चलते नदी नाले उफान पर आ गए है। बारिश के चलते जीवनदायिनी सीवन नदी अपने उफान पर आ गई है। जिसके चलते कर्बला पुल जलमग्न हो गया है। पुल के ऊपर पानी आजाने से दर्जनों ग्रामों का सड़क संपर्क जिला मुख्यालय से टूट गया है। पुल के तीन चार फीट ऊपर से पानी बह रहा है। जिससे दो दर्जनों गांवों का सड़क संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया है। अवागमन बंद होने की वजह से लोगों को भारी परेशानियां उठानी पड़ रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
कलियासोत डेम के 13 में से 13 गेट खोले गए।
- फोटो : सोशल मीडिया
खंडवा में इंदिरा सागर बांध के 12 गेट खुले
खंडवा जिले में नर्मदा नदी पर बने इंदिरा सागर बांध के जलाशय का जलस्तर 257.60 मीटर पहुंचने से रविवार सुबह करीब 9:30 बजे बांध के 12 गेट खोल दिए गए। आधा मीटर की ऊंचाई तक खोले गए गेट से नर्मदा में प्रति सेकंड 2004 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है। इससे बांध के डाउन स्ट्रीम में नर्मदा का जल स्तर बढ़ गया है। यहां से पानी ओंकारेश्वर बांध के जलाशय में पहुंचने से वहां से छोड़े जा रहे पानी की मात्रा भी बढ़ा दी गई है। ओंकारेश्वर बांध प्रबंधन के डीजीएम केएस पांडे ने बताया कि बर्षा के रूख को देखते हुए एहतिहात बतौर गेट खोले गए हैं। डाउनस्ट्रीम के सभी जिला प्रशासन को इसकी सूचना दे दी गई है। लोगों और नाविकों को नर्मदा और बांध क्षेत्र से दूर रहने की ताकीद दी गई है।
ओंकारेश्वर में नगर परिषद की ओर से लाउडस्पीकर पर लगातार लोगों को नर्मदा नदी के नजदीक नहीं जाने की चेतावनी दी जा रही है। एनएचडीसी प्रबंधन में शनिवार को ओंकारेश्वर और इंदिरा सागर बांध के गेट रविवार सुबह जरूरत के अनुसार खोलने की सूचना जारी कर दी थी। बाढ़ नियंत्रण प्रकोष्ठ एवं ओम्कारेश्वर पावर स्टेशन के प्रभारी केएस पांडेय ने बताया कि ओम्कारेश्वर बाँध के 23 गेटों में से 18 गेट खोले गए हैं। 5 गेट ढाई मीटर तक खोले हैं। 2 गेट डेढ़ मीटर तक खोले गए हैं। 3 गेट 1-1 मीटर तक खोले गए हैं। 1 गेट आधा मीटर तक खोले गए हैं। पावर हाऊस एवं 18 गेटों से 9 हजार 200 क्यूमेक्स पानी प्रति सेकेंड डिस्चार्ज किया जा रहा है।
भदभदा डैम के 2 गेट खुले
भोपाल में रात 8:30 बजे तक एक इंच से ज्यादा बारिश हुई। अधिक बारिश होने की वजह से बड़े तालाब का जलस्तर बढ़कर 1666.80 फीट पहुंच गया है। चिकित्सा शिक्षा मंत्री कैलाश सारंग ने निर्देश पर भदभदा डैम के गेट खोले गए। ताकि शहर में कहीं जलभराव की स्थिति न बन सके। शनिवार दोपहर एक बजे गेट नंबर पांच और छह को खोला गया। भोपाल की नवनिर्वाचित महापौर मालती राय भी इस दौरान मौजूद रहीं। वहीं भोपाल के कलियासोत डेम के 13 में से 13 गेट खोले गए।
खंडवा जिले में नर्मदा नदी पर बने इंदिरा सागर बांध के जलाशय का जलस्तर 257.60 मीटर पहुंचने से रविवार सुबह करीब 9:30 बजे बांध के 12 गेट खोल दिए गए। आधा मीटर की ऊंचाई तक खोले गए गेट से नर्मदा में प्रति सेकंड 2004 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है। इससे बांध के डाउन स्ट्रीम में नर्मदा का जल स्तर बढ़ गया है। यहां से पानी ओंकारेश्वर बांध के जलाशय में पहुंचने से वहां से छोड़े जा रहे पानी की मात्रा भी बढ़ा दी गई है। ओंकारेश्वर बांध प्रबंधन के डीजीएम केएस पांडे ने बताया कि बर्षा के रूख को देखते हुए एहतिहात बतौर गेट खोले गए हैं। डाउनस्ट्रीम के सभी जिला प्रशासन को इसकी सूचना दे दी गई है। लोगों और नाविकों को नर्मदा और बांध क्षेत्र से दूर रहने की ताकीद दी गई है।
ओंकारेश्वर में नगर परिषद की ओर से लाउडस्पीकर पर लगातार लोगों को नर्मदा नदी के नजदीक नहीं जाने की चेतावनी दी जा रही है। एनएचडीसी प्रबंधन में शनिवार को ओंकारेश्वर और इंदिरा सागर बांध के गेट रविवार सुबह जरूरत के अनुसार खोलने की सूचना जारी कर दी थी। बाढ़ नियंत्रण प्रकोष्ठ एवं ओम्कारेश्वर पावर स्टेशन के प्रभारी केएस पांडेय ने बताया कि ओम्कारेश्वर बाँध के 23 गेटों में से 18 गेट खोले गए हैं। 5 गेट ढाई मीटर तक खोले हैं। 2 गेट डेढ़ मीटर तक खोले गए हैं। 3 गेट 1-1 मीटर तक खोले गए हैं। 1 गेट आधा मीटर तक खोले गए हैं। पावर हाऊस एवं 18 गेटों से 9 हजार 200 क्यूमेक्स पानी प्रति सेकेंड डिस्चार्ज किया जा रहा है।
भदभदा डैम के 2 गेट खुले
भोपाल में रात 8:30 बजे तक एक इंच से ज्यादा बारिश हुई। अधिक बारिश होने की वजह से बड़े तालाब का जलस्तर बढ़कर 1666.80 फीट पहुंच गया है। चिकित्सा शिक्षा मंत्री कैलाश सारंग ने निर्देश पर भदभदा डैम के गेट खोले गए। ताकि शहर में कहीं जलभराव की स्थिति न बन सके। शनिवार दोपहर एक बजे गेट नंबर पांच और छह को खोला गया। भोपाल की नवनिर्वाचित महापौर मालती राय भी इस दौरान मौजूद रहीं। वहीं भोपाल के कलियासोत डेम के 13 में से 13 गेट खोले गए।
विज्ञापन
घरों और सड़कों पर भरा पानी
- फोटो : amar ujala
सड़कें और घरों में घुसा पानी
सीहोर जिले के रेहटी में रात भर से हो रही मूसलाधार बारिश की वजह से जलमग्न हो गया है। मेन रोड पर कई फुट पानी भर गया है। साथ ही घरों और दुकानों में भी बारिश का पानी घुस गया है। बारिश के चलते नदी नाले उफान पर आ गए है। बारिश का पानी लोगों के घरों दुकानों में घुसने से लोगों को काफी नुकसान हुआ है।
सीहोर जिले के रेहटी में रात भर से हो रही मूसलाधार बारिश की वजह से जलमग्न हो गया है। मेन रोड पर कई फुट पानी भर गया है। साथ ही घरों और दुकानों में भी बारिश का पानी घुस गया है। बारिश के चलते नदी नाले उफान पर आ गए है। बारिश का पानी लोगों के घरों दुकानों में घुसने से लोगों को काफी नुकसान हुआ है।
