नामीबिया से आठ चीते भारत आए हैं। इनमें पांच मादा और तीन नर है। इनकी उम्र चार से छह साल है। यह अपनी तरह का पहला और अनूठा मिशन है। नामीबिया से भारत लाए गए चीतों को प्रधानमंत्री मोदी ने कूनो नेशनल पार्क में बॉक्स खोलकर तीन चीतों को क्वारंटीन बाड़े में छोड़ा। बाद में मोदी ने इनकी तस्वीरें भी ली।
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पीएम मोदी ने पिंजरा खोलकर चीतों को कूनो के बाड़े में छोड़ा।
- फोटो : सोशल मीडिया
इन चीतों को इंटरनेशनल नॉट-फॉर-प्रॉफिट ऑर्गेनाइजेशन चीता कंजर्वेशन फंड (CCF), जिसका हेडक्वार्टर नामीबिया है और यह संस्था चीतों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है, ने उपलब्ध कराया है।
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चीते 11 घंटे के सफर के बाद भारत पहुंचे हैं।
- फोटो : सोशल मीडिया
प्रोटोकॉल के तहत इन आठ चीतों को क्वॉरेंटाइन पिंजरों में 30 दिनों के लिए अलग-अलग रखेंगे। इसके बाद छह वर्ग किमी के नौ विभागों में छोड़ा जाएगा। उनके लिए खतरा बन सकने वाला कोई शिकारी नहीं होगा।
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चीते कुछ दिन क्वारंटीन में रहेंगे, फिर उन्हें बड़े बाड़े में शिफ्ट किया जाएगा।
- फोटो : सोशल मीडिया
चीता का सिर छोटा, शरीर पतला और टांगे लंबी होती हैं। यह उसे दौड़ने में रफ्तार पकड़ने में मददगार होती है। चीता 120 किमी की रफ्तार से दौड़ सकता है।
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भारत में आखिरी बार चीता 1948 में देखा गया था।
- फोटो : अमर उजाला
मध्यप्रदेश टाइगर स्टेट, लेपर्ड स्टेट होने के साथ ही अब चीता स्टेट भी बन गया है। मध्यप्रदेश में देश में सबसे अधिक बाघ और तेंदुए तो हैं ही, अब एकमात्र ऐसा राज्य हो गया है जहां चीते भी हैं।