मध्य प्रदेश में सागर जिले के एक पोस्ट ऑफिस में जमा रुपयों से सट्टा खेलने का मामला सामने आया है। लोगों ने जब रकम जमा नहीं होने की शिकायतें की तो मामले का पता चला। पुलिस ने उपडाकपाल विशाल अहिरवार को गिरफ्तार कर लिया है। उधर उपभोक्ता अपनी जमापूंजी के लिए चक्कर काट रहे हैं, पर कोई जवाब नहीं मिल रहा।
2 of 3
उपभोक्ता अपनी जमापूंजी के लिए चक्कर काट रहे हैं, पर कोई जवाब नहीं मिल रहा।
- फोटो : सोशल मीडिया
जानकारी के अनुसार मामला सागर जिले के बीना थाना क्षेत्र में पोस्ट ऑफिस का है। पुलिस ने संभावना जताई है कि रकम करोड़ रुपये से ज्यादा हो सकती है। बीना जीआरपी थाना प्रभारी अजय सिंह ने बताया कि कुछ लोगों ने थाने में आवेदन दिया था कि उन्होंने उपडाकपाल विशाल अहिरवार के जरिए पोस्ट ऑफिस में पैसा जमा किया था, लेकिन वह पैसा पोस्ट ऑफिस में नहीं है।
जब इस मामले की जांच पड़ताल की गई तो पता चला कि हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में रहने वाले विशाल अहिरवार ने इन सभी खाताधारकों को पासबुक उपलब्ध कराई थी और खाते खुलवाए थे। पुलिस के मुताबिक़, यह राशि एक करोड़ रुपये से अधिक की है। पुलिस ने उप डाकपाल विशाल अहिरवार को गिरफ्तार कर लिया है, जिसने यह राशि आईपीएल के सट्टे में लगा दी है। पुलिस ने विशाल के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। बताया जा रहा है कि आरोपी विशाल अहिरवार ने करीब 12 परिवारों से 1 करोड़ की धोखाधड़ी की है।
3 of 3
वर्षा बाथरी, किशोरी बाई जैसे ही कई उपभोक्ता अपने पैसे का पता करने पोस्ट ऑफिस आ रहे हैं।
- फोटो : सोशल मीडिया
बत्तीस साल की वर्षा सोलंकी दो छोटे बच्चों की मां है और उन्होंने पति की मौत के बाद पिछले साल साढ़े छह लाख रुपये फिक्स्ड डिपॉजिट के नाम पर बीना पोस्ट ऑफिस में जमा किए थे, जिसे उप डाकपाल ने उड़ा दिया है। वर्षा अकेली नहीं है इस तरह के कई लोग हैं जिनके साथ यह मामला हुआ है। कोरोना काल में पति को खो चुकी वर्षा बाथरी बताती हैं कि उनके पति की कोरोना काल में मौत हो गई थी। ससुर का भी निधन हो गया है। पति ने बच्चों के भविष्य के लिए 9 लाख रुपये की एफडी पोस्ट ऑफिस में की थी। रकम गायब होने पर कोई जवाब नहीं दे रहा है।
बुजुर्ग किशोरी बाई ने बताया कि पोस्ट ऑफिस में एक-एक पैसा जोड़कर करीब 5 लाख रुपया जमा किया था। चार बेटियां हैं, अभी दो की शादी करनी है। पोस्ट ऑफिस में कोई बात ही नहीं करता है।