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मध्यप्रदेश: देवास में बनी 'बीरबल की खिचड़ी', दो साल में बनना था ओवरब्रिज, चार साल लग गए, कांग्रेस की चेतावनी के बाद भाजपा ने किया लोकार्पण
Sat, 30 Apr 2022 06:00 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देवास
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देवास
Published by: चंद्रप्रकाश शर्मा
Updated Sat, 30 Apr 2022 06:00 PM IST
सार
देवास में दो साल में जो ओवरब्रिज बनना था वह चार साल में पूरा हुआ। राजनीति खूब हुई और सवाल भी उठे। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि हम लोकार्पण कर देंगे तो भाजपा ने आनन-फानन में कार्यक्रम बनाया और शनिवार को ओवरब्रिज का लोकार्पण कर दिया।
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लोकार्पण समारोह में उपस्थित भाजपा नेता
- फोटो : सोशल मीडिया
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बीरबल की खिचड़ी के नाम का तमगा लेने वाले ओवरब्रिज का लंबे इंतजार के बाद शनिवार को लोकार्पण हुआ। यह लोकार्पण कार्यक्रम भी आनन फानन में तय किया गया। कहा जा रहा है कि कांग्रेस ने एक दिन पहले ही चेतावनी दी थी कि अगर एक सप्ताह में लोकार्पण नहीं हुआ तो कांग्रेस जनता के साथ मिलकर लोकार्पण कर देगी, इसके बाद से भाजपा नेता हरकत में आए और लोकार्पण कर दिया।
फीता काटते हुए विधायक पवार, साथ खड़े हैं सांसद सोलंकी व अन्य
- फोटो : सोशल मीडिया
शनिवार को सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी तथा विधायक गायत्रीराजे पवार के मुख्य आतिथ्य में इस ओवरब्रिज का लोकार्पण हुआ। सांसद सोलंकी और विधायक पवार ने फीता काटकर और पूजा-अर्चना कर ब्रिज का लोकार्पण किया। इस दौरान पण्डित दीनदयाल उपाध्याय की मूर्ति का अनावरण भी हुआ। इस अवसर पर नगर निगम, रेलवे और लोक निर्माण विभाग के अधिकारी, भाजपा नेता मौजूद रहे। सांसद ने कहा कि विकास कार्य हमारी पहली प्राथमिकता है। देवास में निरंतर विकास कार्य हो यही हमारा लक्ष्य है। आज 20 करोड़ 44 लाख 60 हजार रुपये की लागत से निर्मित ओवरब्रिज का लोकार्पण हुआ है। देवास में और भी निर्माण कार्य हो रहे, उनका लोकार्पण भी शीघ्र होगा। केन्द्र और राज्य सरकार विकास की गंगा बहा रही है। देवास को भी इसका लाभ मिल रहा है। विधायक पवार ने कहा कि इस ब्रिज के निर्माण में हम सभी का योगदान है। आज इस ब्रिज का लोकार्पण हो रहा है, यह देवास के लिए बहुत बड़ी सौगात है। यह ब्रिज जनता को समर्पित है। ब्रिज के निर्माण से देवास के आसपास के गांव और रेलवे पटरी के उस पार रहने वाले कॉलोनियों के नागरिकों आवागमन में सुविधा रहेगी। अब नागरिकों को लम्बा फेरा नहीं लगाना पड़ेगा। रेलवे ओवरब्रिज पर आवागमन शुरू होने से देवास के आसपास के गांव और कॉलोनियों के लगभग एक लाख से अधिक नागरिक लाभान्वित होंगे। रेलवे ओवरब्रिज शुरू होने से प्रस्तावित मिनी सुपर कॉरिडोर भी देवास शहर से जुड़ जाएगा।
यह है वह ओवरब्रिज जिसका हुआ लोकार्पण
- फोटो : सोशल मीडिया
दरअसल मेंढकी रोड रेलवे क्रॉसिंग पर यह ब्रिज बना है। पटरी के पार कई कॉलोनियां बसी हैं और कई गांव भी हैं। आएदिन क्रॉसिंग बंद रहने से यहां जाम लगता था और ब्रिज की मांग उठ रही थी। कांग्रेस ने भी ब्रिज की मांग को लेकर प्रदर्शन किए थे। राजनीतिक बयानबाजी भी खूब हुई थी। आखिरकर दिवंगत सांसद मनोहर ऊंटवाल के प्रयासों से चार साल पहले ओवरब्रिज की सौगात मिली। चार साल पहले काम भी शुरू हो गया लेकिन काम इतनी धीमी गति से हुआ कि बनते -बनते चार साल लग गए। अनुबंध की शर्तों के मुताबिक 2020 में यह ब्रिज बनकर तैयार हो जाना था लेकिन तकनीकी समस्याओं, जनप्रतिनिधियों की उदासीनता और कुछ अन्य कारणों के चलते दो साल ज्यादा लग गए और अब जाकर ओवरब्रिज पूरा हुआ। यह रेलवे ओवरब्रिज 20 करोड़ 44 लाख 60 हजार रुपये की लागत से बना है। इसकी कुल लंबाई 735.86 मीटर है। चौड़ाई 12 मीटर केरिजवे 7.50 मीटर है। हालांकि अभी भी ओवरब्रिज में लाइटिंग नहीं लग सकी है, जिसे लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
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लोकार्पण के बाद जनप्रतिनिधि ओवरब्रिज पर चले पैदल
- फोटो : सोशल मीडिया
लोकार्पण करने के बाद भाजपा नेता ओवरब्रिज पर कुछ दूर पैदल चले। इसका निरीक्षण भी किया।
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2020 में ही पूरा हो जाना था ब्रिज का काम
- फोटो : सोशल मीडिया
अब तक माना जा रहा था कि विधिवत रूप से इस ओवरब्रिज का लोकार्पण समारोह तय किया जाएगा। बड़े स्तर पर आयोजन होगा लेकिन इसी बीच शुक्रवार को कांग्रेस ने बयान जारी किया कि यदि ओवरब्रिज एक सप्ताह में शुरू नहीं किया गया तो कांग्रेस लोगों के साथ इसका शुभारंभ कर देगी। शहर कांग्रेस अध्यक्ष मनोज राजानी ने कहा था कि ब्रिज का निर्माण 22 फरवरी 2020 को हो जाना था लेकिन यह ब्रिज अपनी अवधि से दो साल बाद जाकर अब पूरा हुआ है। ब्रिज निर्माण को लेकर कांग्रेस ने कई बार आंदोलन किए। भाजपा चाहती है कि विशेष लोगों को बुलाकर इसका शुभारंभ करे लेकिन बड़े नेताओं की तारीख नहीं मिलने से ब्रिज का शुभारंभ नहीं हो पा रहा। भाजपा नेता यह नहीं सोच रहे हैं कि आज हजारों लोग ब्रिज के अभाव में परेशान हो रहे हैं। आएदिन चाणक्यपुरी रेलवे क्रॉसिंग और उज्जैन रोड पर जाम लग रहा है। हम प्रशासन से मांग करते हैं कि हजारों लोगों की परेशानियों को देखते हुए वे तत्काल ब्रिज का शुभारंभ एक सप्ताह के अंदर कर दे अन्यथा कांग्रेस क्षेत्र के रहवासियों के साथ जाकर ब्रिज का शुभारंभ कर देगी। कांग्रेस की इस चेतावनी के बाद शुक्रवार शाम को अचानक से भाजपा नगर मंडल ने विज्ञप्ति जारी कर कहा कि 30 अप्रैल को ब्रिज का लोकार्पण किया जाएगा। इसके बाद से कांग्रेसजन कहते रहे कि हमारी चेतावनी से भाजपाई डर गए और श्रेय हम न ले लें इसलिए अचानक से लोकार्पण तय कर दिया। इधर सोशल मीडिया पर यह बात भी उठी कि 30 अप्रैल को शनैश्चरी अमावस्या है और अमावस्या पर शुभ कार्य वर्जित रहते हैं। ऐसे में भाजपा ने जल्दबाजी क्यों की। ब्रिज के नामकरण को लेकर भी बहस चल रही है।
