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Indore News: ठेला चलाकर खिलौने एकत्र करने निकले मुख्यमंत्री, बच्चों से बोले- खुद को अकेला मत समझना, मामा तुम्हारे साथ है
Tue, 31 May 2022 08:13 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: चंद्रप्रकाश शर्मा
Updated Tue, 31 May 2022 08:13 PM IST
सार
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मंगलवार शाम को इंदौर पहुंचे। नृसिंह वाटिका में उन्होंने उन बच्चों से संवाद किया जिनके माता-पिता की कोरोना में मौत हो चुकी है। इसके बाद वे ठेला चलाकर आंगनवाड़ी के बच्चों के लिए खिलौने एकत्र करने निकले।
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खिलौने एकत्र करने के लिए ठेला चलाकर निकले मुख्यमंत्री
- फोटो : सोशल मीडिया
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इंदौर गौरव दिवस के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मंगलवार शाम को इंदौर पहुंचे। सबसे पहले वे एरोड्रम रोड स्थित नृसिंह वाटिका गए। यहां कोरोना में माता-पिता को खो चुके बच्चों से संवाद किया। सीएम ने बच्चों से कहा कि कभी खुद को अकेला मत समझना। तुम्हारा मामा हमेशा तुम्हारे साथ है। सीएम ने ठेला भी चलाया और आंगनवाड़ी के बच्चों के लिए खिलौने जुटाए।
तनिष्का को आशीर्वाद देते मुख्यमंत्री
- फोटो : सोशल मीडिया
सबसे कम उम्र में 12वीं पास करने वाली तनिष्का ने अपने अनुभव बताए। सांसद शंकर लालवानी ने तनिष्का के बारे में सीएम को बताया कि किस तरह 12 साल की उम्र में तनिष्का ने कॉलेज में एडमिशन ले लिया था। वह जज बनना चाहती है। तनिष्का ने कहा कि वह पिछले दस साल से शिवराज मामा से मिलना चाह रही थी। आज यह इच्छा पूरी हुई है। इसके बाद तनिष्का को मंच पर बुलाकर सीएम ने उसे दुलार कर आशीर्वाद दिया। उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। तनिष्का के पिता का कोरोना में निधन हो चुका है। वह मां के साथ रहती है। शिखा ठाकुर ने अपनी बात रखते हुए कहा कि शिवराज सर आपने कलेक्टर सर को जो कहा था उस आदेश के अनुसार वे हमारी पूरी तरह मदद कर रहे हैं। खुशी कुशवाह ने कहा कि मैंने कोरोना में माता-पिता को खो दिया। समझ नहीं आ रहा था कि अब क्या होगा लेकिन आपने जो पहल शुरू की है उसने बहुत मदद की। आपकी छोटी सी कोशिश से जीवन बदल या। मैंने 12वीं 85 प्रतिशत अंकों के साथ पास की है। जेईई की तैयारी कर रही हूं। बहुत खुशी है कि आज भी आप जैसे लोग हैं जो हम जैसों के लिए सोचते हैं।
ठेला चलाकर खिलौने एकत्र करने निकले सीएम
- फोटो : सोशल मीडिया
सीएम ने चलाया ठेला, एकत्र किए खिलौने
बच्चों से संवाद के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गोद ली गई आंगनवाड़ी के बच्चों के लिए खिलौने एकत्र करने शहर में ठेला चलाया। वे लोधीपुरा गली नंबर एक से सीतलामाता बाजार तक घूमे। शाम 6.30 बजे लोधीपुरा पहुंचे सीएम 800 मीटर दूर सीतला माता बाजार तक बच्चों के लिए खिलौने एकत्रित करने के लिए ठेला लेकर घूमे। इस दौरान सीएम ने माइक से कहा कि हार-फूल नहीं चाहिए, बच्चों के लिए खिलौने और जरुरत का सामान चाहिए। इधर शहर को भिक्षुक मुक्त बनाने के लिए मंगलवार को इंदौर में नो भिक्षा, केवल शिक्षा अभियान की शुरुआत की। सीएम ने देश के सबसे स्वच्छ और स्मार्ट शहर इंदौर को भिक्षुक मुक्त बनाने का संकल्प दोहराते हुए कहा कि अब इंदौर की सड़कों पर एक भी भिक्षुक नजर नहीं आएगा। सीएम ने कहा कि जन भागीदारी से शहर में भिक्षुकों के लिए दो आश्रय स्थल शिवधाम और अहिल्याधाम का निर्माण कराया जाएगा। इन आश्रय स्थलों में भिक्षुओं को पुर्नवास किया जाएगा। अहिल्या धाम में महिला और शिवधाम में पुरुष भिक्षुकों को रखा जाएगा।
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ठेला लेकर निकले सीएम, मिला अपार जनसमर्थन
- फोटो : सोशल मीडिया
सीएम के अभियान को अपार जनसमर्थन मिला। लोगों ने खिलौने सहित अन्य चीजें सीएम को सौंपी। भाजपा के अन्य नेता भी उनके साथ रहे। सीएम ने कहा कि सबी संकल्प ले लें कि आंगनवाड़ी के एक भी बच्चे को कुपोषित नहीं रहने देंगे। आंगनवाड़ी को हम शिक्षा का केंद्र बना रहे। इंदौर के लोग तय करें कि जन्मदिन पर बच्चों को दूध और फल खिलाएं। माता-पिता की पुण्यतिथि, विवाह वर्षगांठ पर बच्चों को खाना खिलाएं।
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संबोधित करते सीएम शिवराज।
- फोटो : सोशल मीडिया
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ऐलान किया कि सिर्फ कोरोना की वजह से अनाथ हुए बच्चे ही नहीं बल्कि मध्य प्रदेश के सभी अनाथ बच्चों की देखरेख का जिम्मा मध्य प्रदेश सरकार उठाएगी। कोविड के चलते अनाथ हुए बच्चों के अलावा भी जो अनाथ बच्चे हैं, उन्हें हम किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ सकते, इसलिए सरकार समाज के साथ मिलकर ऐसे बच्चों की शिक्षा, आश्रय और आहार की व्यवस्था, जीवन व्यापन की संपूर्ण व्यवस्था करेगी। इसकी बहुत जल्द एक योजना आपके सामने रखेंगे। जितना समाज का सहयोग मिलेगा वो ठीक है नहीं तो सरकार पूरी व्यवस्था को निश्चित तौर पर करेगी। अगर पिता कमाऊ हैं वो भी चला गया, घर में कोई नहीं है, इस मामले में बहुत गंभीरता से विचार करके बहुत संवेदनशील फैसला करेंगे। हम ऐसे बच्चों को नहीं छोड़ सकते जो मजबूर और परेशान हों, उस पर भी हम फैसला कर रहें हैं।
कहा कि यह कभी नहीं समझना कि हमारा कोई नहीं है, आपके साथ मामा है, पूरी सरकार है। हम बच्चों के अभिभावकों की कमी तो पूरी नहीं कर सकते, लेकिन इतना तो कर ही सकते हैं कि इनकी जिंदगी के कठिन मोड़ को आसान बना सके और बेहतर मार्ग के लिए इन बच्चों के भविष्य को सुरक्षित कर सकें। कोविड का दौर बड़ा ही भयानक था। अपने अभिभावकों को खोने का दर्द मैं भी समझ सकता हूं। मैंने भी बचपन में अपनी मां को खोया है। उन्होंने कहा कि ऐसे बच्चों की 5 हजार रुपये प्रतिमाह की सहायता राशि लगातार जारी रहेगी। साथ ही नि:शुल्क अनाज भी दिया जाना जारी रहेगा। उन्होंने बच्चों से आह्वान किया कि खूब पढ़ना, हिम्मत मत हारना, आगे बढ़ाना, सरकार हर कदम पर आपके साथ है, राह में कोई रोड़ा नहीं आने देंगे, सभी जरूरतें पूरी करेंगे ताकि टैलेंट को पंख लगते रहे।
