ये है इंदौर। देश का सबसे स्वच्छ शहर। एक या दो नहीं बल्कि पांच बार लगातार स्वच्छता का पुरस्कार। लेकिन क्या ये इतना आसान है, यकीकन नहीं। मगर इंदौर इसीलिए इंदौर है कि इधर ऐतिहासिक गेर निकली और पीछे से सफाईकर्मी काम में जुट गए। लगा ही नहीं कि ये वही मार्ग है जहां से रंग-गुलाल से सड़कें नहाई थी।
2 of 5
निगम सफाई मित्रों ने संभाली सफाई की कमान
- फोटो : सोशल मीडिया
दरअसल, इंदौर में रंगपंचमी पर ऐतिहासिक गेर निकली। चारों तरफ रंग ही रंग नजर आया। आसमान सतरंगी हो गया और लाखों लोग इसमें शामिल हुए। गेर जैसे-जैसे आगे बढ़ी वैसे ही सफाईकर्मियों ने अपनी ड्यूटी संभाल ली। नगर निगम कर्मचारियों के साथ मिलकर सफाई का काम शुरू हुआ और देखते ही देखते मार्ग एकदम साफ हो गया।
3 of 5
रंगपंचमी की गेर के बाद सफाई करने के लिए निगम ने सफाई वाहनों को भी लगा दिया।
- फोटो : अमर उजाला
स्वीपिंग मशीन के साथ ही टैंकरों से सड़कें धोई गई। नगर निगम कमिश्नर प्रतिभा पाल के साथ एडिशनल कमिश्नर संदीप सोनी ने मोर्चा संभाला और सफाई का निरीक्षण किया। पांच जेसीबी की मदद से कचरा उठाया गया तो पांच टैंकरों से सड़कों को चकाचक किया गया।
4 of 5
गेर के पीछे-पीछे सफाईकर्मी चलते रहे। गेर निकलती गई, सफाई होती गई।
- फोटो : अमर उजाला
50 डोर टू डोर वाहन और 10 स्वीपिंग मशीन के साथ ही 700 सफाई मित्रों ने सफाई की कमान संभाली। दो घंटे में पूरे गेर मार्ग को साफ करने का टारगेट रखा गया। निगमकर्मी इसमें जुटे रहे और देखते ही देखते मार्ग एकदम साफ हो गया।
5 of 5
साफ सड़कों को देखकर अंदाज लगाना भी मुश्किल है कि थोड़ी देर पहले यहां लाखों लोग रंग उड़ाते चल रहे थे।
- फोटो : अमर उजाला
निगम के एक अधिकारी ने बताया कि एक घंटे के अंदर राजबाड़ा और उसके आसपास की सड़कें साफ कर ली गई थीं। यहां से लगभग 10 डंपर जूते-चप्पल और कचरा एकत्र किया गया।स्वास्थ्य विभाग के अपर आयुक्त संदीप सोनी पूरे समय मौजूद रहे। आयुक्त प्रतिभा पाल के निर्देश पर निगम की सफाई टीम शहर में गेर निकलने के तत्काल बाद सफाई अभियान में जुट गई थी। बताया गया कि दोपहर 3:10 राजबाडा क्षेत्र में सफाई शुरू हुई 4:15 पर राजवाड़ा क्षेत्र पूरा चकाचक हो गया।