धार जिले में होने वाली जनसुनवाई में एक सेवानिवृत्त ड्राइवर ने हंगामा कर दिया। उसकी पत्नी के हाथ में जहर था, जिसे खाकर आत्महत्या करने की धमकी दी जा रही थी। उसका कहना था कि उसे दो साल से पेंशन नहीं दी जा रही और घर खाली करने का भी दबाव भी बनाया जा रहा है।
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जनसुनवाई में आवेदक की पत्नी जहर लेकर पहुंची थी।
- फोटो : अमर उजाला
जानकारी के अनुसार धार जिला मुख्यालय के नजदीक स्थित तिरला में स्वास्थ्य विभाग में ड्राइवर के पद पर भरत सिंह चौहान पदस्थ थे। दो साल पहले वे रिटायर हो गए हैं, लेकिन उन्हें आज तक पेंशन नहीं दी जा रही है। उनका आरोप है कि वे जिस मकान में रह रहे हैं, उन पर मकान खाली करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। इस मामले को लेकर वह धार में जनसुनवाई में पहुंचा था। उसके साथ उसकी पत्नी भी थी, जो जहर की गोलियां लेकर आई थी। भरत सिंह चौहान का कहना था कि वे घर में 4 सदस्य हैं, उनका एक बच्चा विकलांग है। हम बाप-दादाओं के समय से मकान में निवास कर रहे हैं।
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एसडीएम नेहा शिवहरे ने समझाइश दी।
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उन्होंने कलेक्टर से गुहार लगाते हुए आवेदन भी दिया था, जिसमें समस्या हल नहीं होने पर आत्महत्या कर लेने की बात भी लिखी थी। आवेदक भरत सिंह चौहान ने तिरला बीएमओ अशोक पाटीदार पर एक लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगाया। तिरला भाजपा मंडल के अध्यक्ष अमित पाटीदार सचिव कमलेश मुकाती, पटवारी पवन यादव, सुनील कानूनगो, पेंशन अधिकारी गोविंद बामने, बाबू विनोद पाटीदार पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया। एसडीएम नेहा शिवहरे ने समझाइश दी।
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जनसुनवाई में पहुंची महिला से जहर छीनने की कोशिश की गई।
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सरकारी आवास खाली करने पर ही मिलती है पेंशन
मामले में सीएमएचओ एमएल मालवी ने कहा कि जब तक सरकारी मकान खाली नहीं होता तब तक पेंशन नहीं मिल सकती, इन्हें कब मकान दिया गया, किन नियमों के तहत दिया गया सभी दस्तावेजों को देखा जाएगा और चूंकि किसी भी विभाग का मकान हो, मकान खाली करने के बाद ही पेंशन का प्रावधान है।