MP News: CM शिवराज सुघोष दर्शन कार्यक्रम में बोले- स्कूलों में गीता, रामचरित मानस, रामायण के प्रसंग पढ़ाएंगे
सीएम ने कहा कि हमारे रामायण हो, महाभारत हो, वेद हों, उपनिषद हों, श्रीमद्भगवद्गीता हो यह अमूल्य ग्रंथ हमारे हैं और इन ग्रंथों में मनुष्य को नैतिक बनाने की मनुष्य को संपूर्ण बनाने की क्षमता है। इसलिए हमारे धर्म ग्रंथों की शिक्षा भी, मैं मुख्यमंत्री होने के नाते भी कह रहा हूं कि हम तो शासकीय विद्यालयों में भी देंगे।
बाबा श्री तुलसीदास जी ने महान ग्रंथ लिखा है श्रीरामचरितमानस, मैं उनको प्रणाम करता हूं। ऐसे लोग जो हमारे इन महापुरुषों का अपमान करते हैं वह सहन नहीं किए जाएंगे।
— Shivraj Singh Chouhan (@ChouhanShivraj) January 23, 2023
मध्यप्रदेश में हमारे बच्चों को इन पवित्र ग्रंथों की शिक्षा देकर नैतिक एवं पूर्ण बनाएंगे। pic.twitter.com/5IpqaEstq9
सीएम ने कहा कि हमारे रामायण हो, महाभारत हो, वेद हों, उपनिषद हों, श्रीमद्भगवद्गीता हो यह अमूल्य ग्रंथ हमारे हैं और इन ग्रंथों में मनुष्य को नैतिक बनाने की मनुष्य को संपूर्ण बनाने की क्षमता है। इसलिए हमारे धर्म ग्रंथों की शिक्षा भी, मैं मुख्यमंत्री होने के नाते भी कह रहा हूं कि हम तो शासकीय विद्यालयों में भी देंगे। रामायण, महाभारत, वेद, पुराण, उपनिषद हों, ये हमारे अमूल्य ग्रंथ हैं। इन ग्रंथों में मनुष्य को नैतिक व संपूर्ण बनाने की क्षमता है। इन पवित्र ग्रंथों की शिक्षा देकर हम अपने बच्चों को पूर्ण भी बनायेंगे, नैतिक भी बनायेंगे।
सीएम ने कहा कि अंग्रेजों ने आजादी चांदी की तश्तरी में रखकर नहीं दी थी। इसके लिए कई क्रांतिवीरों ने अपनी शहादत दी। मैं विद्या भारती का ध्यान्यवाद देता हूं कि जो उन्होंने यह कार्यक्रम आयोजित कियाा। सीएम ने कहा कि आजादी का श्रेय केवल एक खानदान को दिया गया। जबकि आजादी की लड़ाई में नेताजी सुभाष चंद्र बोस, खुदीराम बोस, सरदार पटेल समेत कई लोगों ने अपना योगदान दिया। सीएम ने कहा कि मैं नेताजी के चरणामें प्रमाण करता हूं।
।सा विद्या या विमुक्तए।
— Shivraj Singh Chouhan (@ChouhanShivraj) January 23, 2023
विद्या भारती नैतिक शिक्षा देती है। कुछ लोग देश में ऐसे भी हैं जिन्हें हमारी संस्कृति, अध्यात्म, धर्म और महापुरुषों की आलोचना करने में ही आनंद आता है। ऐसे लोग मूढ़ हैं। ऐसे लोग यह नहीं जानते कि देश का वे कितना नुकसान कर रहे हैं। pic.twitter.com/rJZPX5vkxD
ओल्ड कैम्पियन ग्राउंड में सुघोष दर्शन कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने पहले घोष वादन की प्रस्तुति दी। इनमें बांसुरी वादन, शंख वादन सहित अन्य वाद्ययंत्रों का वादन किया गया। इसके अलावा छात्र-छात्राओं ने ओम और स्वास्तिक चिन्हित सहित सुघोष दर्शन की आकृति का भी प्रदर्शन किया।
