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Mohan Yadav Dubai Visit: सीएम ने मोहम्मद यामाहि को दिया MP आने का न्यौता, BAPS हिन्दू मंदिर में किये दर्शन
Sun, 13 Jul 2025 09:48 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Sun, 13 Jul 2025 09:48 PM IST
सार
दुबई प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का पहला दिन धार्मिक आस्था और कूटनीतिक संवाद दोनों दृष्टिकोण से खास रहा। उन्होंने जहां BAPS हिंदू मंदिर में दर्शन कर भारतीय संस्कृति को महसूस किया। वहीं अरब संसद के अध्यक्ष मोहम्मद अल यामाहि से भेंट कर मध्यप्रदेश में निवेश और सहयोग पर चर्चा की। इस दौरान सीएम डॉ. यादव को “उम्म-ए-अली” जैसे आत्मीय संबोधन से नवाजा गया।
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अरब संसद अध्यक्ष मोहम्मद अल यामाहि से मिले सीएम डॉ. मोहन यादव
- फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को दुबई प्रवास के दौरान बीएपीएस हिन्दू मंदिर में दर्शन किये। इस दौरान मंदिर के प्रमुख महंत पूज्य ब्रहृविहारी स्वामी ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को मंदिर परिसर का भ्रमण कराया और मंदिर की विशेषताओं से अवगत कराया। इससे पहले सीएम ने अरब संसद के अध्यक्ष मोहम्मद अल यामाहि से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश की उद्योग हितैषी, सरल एवं सुगम नीतियों और निवेश को प्रोत्साहन देने वाली सुविधाओं की जानकारी साझा की। उन्होंने अल यामाहि को प्रदेश में आयोजित होने वाली एनर्जी समिट में शामिल होने के लिए आमंत्रण भी दिया। संयुक्त अरब अमीरात के साथ बढ़ते रणनीतिक संबंधों के संदर्भ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की सक्रिय और रचनात्मक भूमिका का उल्लेख करते हुए ऊर्जा, खनिज, लॉजिस्टिक्स, खाद्य प्रसंस्करण और हरित निवेश के क्षेत्र में सहयोग की मंशा दोहराई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच बढ़ते रणनीतिक संबंधों की सराहना करते हुए आशा जताई कि प्रदेश इन द्विपक्षीय साझेदारियों में सक्रिय और महत्वपूर्ण भागीदार बनेगा।
अबू धाबी में स्थित भव्य BAPS स्वामी नारायण मंदिर में सीएम
- फोटो : अमर उजाला
यामाहि ने मुख्यमंत्री को “उम्म-ए-अली” दिया आत्मीय संबोधन
यामाहि ने यूएई में बसे प्रवासी भारतीयों द्वारा देश के निर्माण में सहयोग के बारे में चर्चा की और उनके योगदान को सम्मानपूर्वक रेखांकित किया। इस विशेष मुलाकात के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को आत्मीयता से “उम्म-ए-अली” कहकर संबोधित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आत्मीय संबोधन से अभिभूत हुए। उन्होंने डॉ. यादव और उनके परिवार को व्यक्तिगत रूप से अपने घर आमंत्रित भी किया। उन्होंने दोनों देशों के लोगों और उत्पादों के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए सहमति दी, जिससे मध्यप्रदेश और यूएई के बीच द्विपक्षीय सहयोग को नई दिशा मिलेगी।
यामाहि ने यूएई में बसे प्रवासी भारतीयों द्वारा देश के निर्माण में सहयोग के बारे में चर्चा की और उनके योगदान को सम्मानपूर्वक रेखांकित किया। इस विशेष मुलाकात के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को आत्मीयता से “उम्म-ए-अली” कहकर संबोधित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आत्मीय संबोधन से अभिभूत हुए। उन्होंने डॉ. यादव और उनके परिवार को व्यक्तिगत रूप से अपने घर आमंत्रित भी किया। उन्होंने दोनों देशों के लोगों और उत्पादों के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए सहमति दी, जिससे मध्यप्रदेश और यूएई के बीच द्विपक्षीय सहयोग को नई दिशा मिलेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंदिर के पुजारी के साथ
- फोटो : अमर उजाला
हर संभव सहयोग के लिए तैयार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश को 'मोस्ट वेलकमिंग स्टेट' के रूप में जाना जाता है, जो हमारे आतिथ्य सत्कार को दर्शाता है। हमारे राज्य में खजुराहो, सांची और भीमबेठका जैसे तीन यूनेस्को विश्व विरासत स्थल हैं। ये हमारी समृद्ध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक हैं। भौगोलिक रूप से "भारत का हृदय" होने से यह निवेश-व्यापार के लिए एक रणनीतिक केंद्र है। साथ ही, यह कृषि समृद्धि में भी अग्रणी है, विशेषकर दालों, सोयाबीन और गेहूं के उत्पादन में कई कीर्तिमान स्थापित किए है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच बढ़ते रणनीतिक संबंधों की हृदय से सराहना करते हैं। हमारी यह आकांक्षा है कि मध्यप्रदेश इन द्विपक्षीय साझेदारियों में एक सक्रिय और महत्वपूर्ण भागीदार बने। हम हर संभव सहयोग के लिए तत्पर हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश को 'मोस्ट वेलकमिंग स्टेट' के रूप में जाना जाता है, जो हमारे आतिथ्य सत्कार को दर्शाता है। हमारे राज्य में खजुराहो, सांची और भीमबेठका जैसे तीन यूनेस्को विश्व विरासत स्थल हैं। ये हमारी समृद्ध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक हैं। भौगोलिक रूप से "भारत का हृदय" होने से यह निवेश-व्यापार के लिए एक रणनीतिक केंद्र है। साथ ही, यह कृषि समृद्धि में भी अग्रणी है, विशेषकर दालों, सोयाबीन और गेहूं के उत्पादन में कई कीर्तिमान स्थापित किए है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच बढ़ते रणनीतिक संबंधों की हृदय से सराहना करते हैं। हमारी यह आकांक्षा है कि मध्यप्रदेश इन द्विपक्षीय साझेदारियों में एक सक्रिय और महत्वपूर्ण भागीदार बने। हम हर संभव सहयोग के लिए तत्पर हैं।
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अबू धाबी में स्थित भव्य BAPS स्वामी नारायण मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
भारत और यूएई के बीच मित्रता का प्रमाण है मंदिर
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 14 फरवरी 2024 को बीएपीएस हिन्दू मंदिर का उद्घाटन किया था। बीएपीएस हिंदू मंदिर मिडिल ईस्ट का पहला पारंपरिक हिंदू मंदिर है। यह भारत और यूएई के बीच मित्रता का प्रमाण है, जो सांस्कृतिक समावेशिता, अंतर-धार्मिक सद्भाव और सामुदायिक सहयोग की भावना को दर्शाता है। यह मंदिर अबू मुरेइखा क्षेत्र में 27 एकड़ भूमि पर स्थित है और पारंपरिक भारतीय वास्तुकला के अनुसार बिना लोहे या स्टील के निर्मित किया गया है। इसमें भारत और अन्य देशों से लाए गए पत्थरों और संगमरमर का उपयोग किया गया है। इस भव्य मंदिर की दीवारों पर वैदिक कथाओं, भारतीय देवी-देवताओं और वनस्पति-जीवों की अत्यंत सूक्ष्म और आकर्षक नक्काशी की गई है। जो हिन्दू धर्म के शांति, सहिष्णुता और सह-अस्तित्व जैसे सार्वभौमिक मूल्यों को दर्शाती है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 14 फरवरी 2024 को बीएपीएस हिन्दू मंदिर का उद्घाटन किया था। बीएपीएस हिंदू मंदिर मिडिल ईस्ट का पहला पारंपरिक हिंदू मंदिर है। यह भारत और यूएई के बीच मित्रता का प्रमाण है, जो सांस्कृतिक समावेशिता, अंतर-धार्मिक सद्भाव और सामुदायिक सहयोग की भावना को दर्शाता है। यह मंदिर अबू मुरेइखा क्षेत्र में 27 एकड़ भूमि पर स्थित है और पारंपरिक भारतीय वास्तुकला के अनुसार बिना लोहे या स्टील के निर्मित किया गया है। इसमें भारत और अन्य देशों से लाए गए पत्थरों और संगमरमर का उपयोग किया गया है। इस भव्य मंदिर की दीवारों पर वैदिक कथाओं, भारतीय देवी-देवताओं और वनस्पति-जीवों की अत्यंत सूक्ष्म और आकर्षक नक्काशी की गई है। जो हिन्दू धर्म के शांति, सहिष्णुता और सह-अस्तित्व जैसे सार्वभौमिक मूल्यों को दर्शाती है।
