मध्य प्रदेश के लिए वर्ष 2023 कई बुरी यादें भी देकर जा रहा है। कूनो में चीतों की मौतों ने जहां चीता प्रोजेक्ट पर सवाल उठाए, वहीं टाइगर स्टेट में बाघों की मौत चिंता का सबब बनकर सामने आई। इंदौर में बेलेश्वर महादेव मंदिर में रामनवमी पर पूजन करने पहुंचे 36 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। वहीं, आदिवासियों और महिलाओं पर अत्याचार के घृणित मामले भी सामने आए।
MP Year Ender: चीतों-बाघों की मौत, पटवारी परीक्षा में धांधली, सीधी कांड, बुरी यादों में गुजरा ये साल
MP Year Ender: चीतों-बाघों की मौत, पटवारी परीक्षा में धांधली, सीधी कांड, बुरी यादों में गुजरा ये साल
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बस हादसों में गई जानें
मध्य प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं में 2023 में हजारों लोगों ने जान गंवाई। तीन बड़े हादसों का जिक्र करना जरूरी हो जाता है। 24 फरवरी 2023 को रीवा-सतना की सीमा पर एक तेज रफ्तार ट्रक ने सड़क किनारे खड़ी तीन बसों को टक्कर मार दी। इसमें 14 लोगों की मौत और 60 लोग घायल हो गए। हादसे में हताहत हुए लोग सतना में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में आयोजित ‘कोल महाकुंभ’ में भाग लेकर लौट रहे थे। इसी तरह आठ मई 2023 को खरगोन में निजी बस 50 फीट ऊंचे पुल से गिर गई। हादसे में 24 यात्रियों की मौत हो गई। बस डोंगरगांव और दसंगा के बीच बोराड़ नदी के पुल की रेलिंग तोड़कर नीचे जा गिरी। इसी तरह, सागर में 16 जुलाई 2023 को कार और ट्रक की भिड़ंत में छह लोगों की मौत हो गई। कार दमोह से सागर जा रही थी।
रामनवमी पर बड़ा हादसा
इंदौर के बेलेश्वर महादेव मंदिर में 30 मार्च 2023 को रामनवमी पर बड़ी संख्या में लोग पूजन करने पहुंचे थे। यह मंदिर एक बावड़ी पर बना था। भीड़ बढ़ने से बावड़ी पर बनी दीवार वजन सहन नहीं कर सकी और ढह गई। लोग गहरी बावड़ी में गिर गए। सब एकाएक हुआ, जिससे नीचे गिरे लोगों को बचाया नहीं जा सका। दो दिन तक बावड़ी ने लाशें उगली और हादसे में मरने वालों की संख्या 36 से अधिक हो गई। 16 लोग घायल हुए थे।
ब्लास्ट से दहला दमोह
दमोह में शहर के बीचों बीच बड़े पुल के पास संचालित अवैध पटाखा फैक्ट्री में 30 अक्टूबर 2023 को विस्फोट में मालिक सहित छह की मौत हो गई थी। एक पटाखा में चिंगारी से आग भड़की और जोरदार धमाका हो गया। फैक्ट्री संचालक छुट्टन असाटी (गुप्ता) के पास दमोह से 12 किलोमीटर दूर इमलाई फैक्ट्री क्षेत्र में बारूद संग्रहण का परमिट था, लेकिन वह अवैध रूप से अपने घर के पिछले हिस्से में पटाखा फैक्ट्री का संचालन कर रहा था।
कूनो में चीतों की मौत
कूनो राष्ट्रीय उद्यान में सितंबर 2022 में नामीबिया से आठ और फरवरी 2023 में दक्षिण अफ्रीका से 12 को मिलाकर कुल 20 चीते लाए गए। 29 मार्च को कूनो राष्ट्रीय उद्यान में छोड़ी गई तीन वर्ष की नामीबियाई मादा चीता 'सियाया' ने चार चीता शावकों को जन्म दिया। चार महीनों में तीन शावकों समेत नौ चीतों की मौत हो गई। इससे प्रोजेक्ट पर ही सवाल उठे। चीफ वाइल्डलाइफ वार्डन को बदला गया। कुछ रिपोर्ट्स में मानसून में रिमोट कॉलर की वजह से हुए इंफेक्शन को मौत की वजह बताया गया। सभी चीतों को फिर से बाड़ों में लाया गया। दिसंबर में ही उन्हें फिर से खुले जंगल में छोड़ने की कवायद शुरू हुई। अब कूनो नेशनल पार्क में 14 चीते और एक शावक बचा है।
