यूपी सरकार इन दिनों पूरी शिद्दत के साथ इंवेस्टर्स समिट की तैयारियों में जुटी हुई है। रविवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद तैयारियों का जायजा लेने के लिए कार्यक्रम स्थल इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान पहुंच गए। उन्होंने अपनी पूरी टीम के साथ तैयारियों की समीक्षा की। समिट में अतिथियों के प्रवेश को लेकर होने वाले विवाद से बचने की नसीहत देते हुए कहा कि अगर किसी अतिथि के साथ कोई पुलिस कर्मी या प्रशासनिक अधिकारी अभद्रता करता है तो इससे प्रदेश की छवि खराब होगी। इसलिए ऐसी प्रवृत्ति के अधिकारियों की ड्यूटी कार्यक्रम स्थल पर न लगाई जाए।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि इन्वेस्टर्स समिट से बड़े पैमाने पर प्रदेश में निवेश आएगा और रोजगार के रास्ते खुलेंगे। यह आयोजन प्रदेश की छवि बदलने का भी मौका है। इसलिए सभी विभागों के अधिकारी टीम भावना के साथ इसे सफल बनाने में जुटें।
निर्बाध बिजली, चाक-चौबंद सुरक्षा व साफ-सफाई के निर्देश
मुख्यमंत्री ने पावर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष को समिट के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पुलिस महानिदेशक को सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, अतिथियों के वाहनों की पार्किंग व्यवस्था और शहर में सुचारुयातायात व्यवस्था रखने के निर्देश दिए। अन्य अधिकारियों से शहर की साफ-सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने तथा विभिन्न मार्गों पर अनधिकृत तौर पर लगी होर्डिंग्स हटाने को कहा।
अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त डॉ. अनूपचंद्र पांडेय ने स्लाइड के माध्यम से समिट की तैयारियों के संबंध में सत्रवार जानकारी दी। इसके पहले मुख्यमंत्री ने पांडालों का भी निरीक्षण किया।
मंत्रियों व अधिकारियों को दी नसीहत
मुख्यमंत्री ने मंत्रियों व अधिकारियों से को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि मंत्री, अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव व सचिव की ड्यूटी जिस सत्र में लगी हो, उसमें समय पर मौजूद रहना सुनिश्चित करेंगे। साथ ही अब तक लागू हो चुकी पॉलिसियों का अध्ययन करके आएं ताकि निवेशकों के पूछे जाने पर सही जानकारी दे सकें। एमओयू साइन करने वाले निवेशकों को सभी जानकारियां समय रहते उपलब्ध कराई जाएं। योगी ने कहा, सभी विभागों के मंत्री, अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव व सचिव समिट के दौरान अपने-अपने विभाग से संबंधित सत्रों की रिपोर्ट खुद तैयार कराएंगे। इसकी एक प्रति मुझे उपलब्ध कराएंगे ताकि मैं समिट के निष्कर्षों की जानकारी ले सकूं।