घंटो ऑफिस की कुर्सी पर बैठे रहना...। खड़े होकर काम करना... और दिनभर की दौड़-भाग। ऐसे में कमर दर्द या पीठ दर्द होना तय है। किसी को यह दर्द तेज होता है तो किसी को हल्का। एक वक्त था जब यह समस्या उम्र बढ़ने पर होती थी, लेकिन आज यह आम हो चुकी है। कई बार लोग दर्द निवारक दवाओं के आदी हो जाते हैं, जो सही नहीं है। यदि समय रहते इसका उपचार नहीं किया गया तो आगे बड़ी दिक्कत पैदा कर सकता है।
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कमर दर्द है तो बदले जीवनशैली, खुद को रखें तनाव से दूर और करें ये आसन
Tue, 20 Aug 2019 04:45 PM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: Amulya Rastogi
Updated Tue, 20 Aug 2019 04:45 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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डॉ अमर जीत यादव
- फोटो : amar ujala
अगर आप लगातार कमर दर्द से पीड़ित हैं तो अपनी जीवनशैली पर गहराई से मंथन करें। यूं तो कमर दर्द के कई कारण हो सकते हैं, लेकिन लगातार बैठे रहने की आदत भी कमर का दर्द देती है। इसके अलावा सर्जिकल डिलीवरी, ऊंचे हील की सैंडिल पहनने से भी कमर में दर्द होता है। लविवि योग संस्थान के प्रवक्ता डॉ. अमर जीत यादव कमर दर्द और पीठ दर्द में योग को सबसे मुफीद मानते हैं। उनका कहना है कि पीछे मुड़कर करने वाले आसन जैसे धनुआसन, चक्रासन, मकरासन और कोणासन करने से दर्द में राहत देते हैं। वहीं, आसनों का अभ्यास हमेशा प्रशिक्षित योगाचार्य के निर्देशन में ही करना चाहिए।
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स्टीम बाथ लेना उचित
कमर दर्द के रोगी को स्टीम बाथ लेना लाभकारी होता है। साथ ही कमर पर प्रतिदिन 10-10 मिनट तक गर्म व ठंडी सेंक देना उपयोगी होता है। कमर दर्द में खानपान का ध्यान रखना भी जरूरी है। सुपाच्य भोजन, सलाद, फल, हरी सब्जियां तथा चोकर युक्त आटे की रोटी का उपयोग करना चाहिए।
कमर दर्द के रोगी को स्टीम बाथ लेना लाभकारी होता है। साथ ही कमर पर प्रतिदिन 10-10 मिनट तक गर्म व ठंडी सेंक देना उपयोगी होता है। कमर दर्द में खानपान का ध्यान रखना भी जरूरी है। सुपाच्य भोजन, सलाद, फल, हरी सब्जियां तथा चोकर युक्त आटे की रोटी का उपयोग करना चाहिए।
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- फोटो : अमर उजाला
मोटापे से बनाएं दूरी
खुद को तनाव मुक्त रखने से भी कमर दर्द जैसी बीमारियों से दूर रह सकते हैं। मोटापा कमर दर्द का बड़ा कारण है। इससे मुक्ति पाने को दिनचर्या में योग को शामिल किया जाना चाहिए।
खुद को तनाव मुक्त रखने से भी कमर दर्द जैसी बीमारियों से दूर रह सकते हैं। मोटापा कमर दर्द का बड़ा कारण है। इससे मुक्ति पाने को दिनचर्या में योग को शामिल किया जाना चाहिए।
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उठने-बैठने, खड़े होने और चलन का सही तरीका अपनाएं
कमर दर्द से बचने के लिए हमेशा चलने फिरने, उठने-बैठने के सही तरीके अपनाना चाहिए। क्योंकि गलत तरीके से चलने-फिरने और उठने बैठने से भी कमर दर्द होता है। कंधों को झुकाकर नहीं बल्कि तन कर खड़ा होना चाहिए। गर्दन, रीढ़, कूल्हे एवं पैर सीधे होने चाहिए। बैठते समय भी सिर, गर्दन, रीढ़ और कूल्हे एक ही रेखा में होने चाहिए। चलते समय हमारे कदम एक के पीछे एक पड़ने चाहिए। चलते समय केवल नाक से ही सांस लेनी चाहिए। रात को जल्दी सोएं और सबसे जल्दी उठें। छह से आठ घंटे की नींद जरूरी है। कड़े बिस्तर पर सोना कमर दर्द के रोगियों के लिए फायदेमंद है।
कमर दर्द से बचने के लिए हमेशा चलने फिरने, उठने-बैठने के सही तरीके अपनाना चाहिए। क्योंकि गलत तरीके से चलने-फिरने और उठने बैठने से भी कमर दर्द होता है। कंधों को झुकाकर नहीं बल्कि तन कर खड़ा होना चाहिए। गर्दन, रीढ़, कूल्हे एवं पैर सीधे होने चाहिए। बैठते समय भी सिर, गर्दन, रीढ़ और कूल्हे एक ही रेखा में होने चाहिए। चलते समय हमारे कदम एक के पीछे एक पड़ने चाहिए। चलते समय केवल नाक से ही सांस लेनी चाहिए। रात को जल्दी सोएं और सबसे जल्दी उठें। छह से आठ घंटे की नींद जरूरी है। कड़े बिस्तर पर सोना कमर दर्द के रोगियों के लिए फायदेमंद है।