डेढ़ साल पहले ही निकाह हुआ था। जिंदगी भर दुख-सुख में साथ रहने की कसमें खाई थीं। घर में नन्हा मेहमान आने वाला था। पत्नी को डिलीवरी के लिए अस्पताल ले गया तो पता चला कि वह कोरोना पॉजिटिव है। इसकी भनक लगते ही एक झटके में सारी कसमें भूल गया। पत्नी को अस्पताल में छोड़कर भाग निकला।
यही नहीं जब अस्पताल कर्मियों ने उसके नंबर पर कॉल किया तो पत्नी को पहचानने से ही इनकार कर दिया। ससुर ने उसे फोन किया तो कोराना मरीज से किसी तरह का संबंध न रखने की बात कही। इस संवेदनहीनता से बच्चा गर्भ में ही मर गया।
इस विपत्ति के बावजूद पीड़िता ने आठ दिन तक अस्पताल में रहकर कोरोना से जंग जीत ली और स्वस्थ्य होकर मायके चली गई। महिला का कहना है कि पति के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाएगी। इंदिरानगर की हिना (24) का निकाह 26 फरवरी 2019 को चांदन गांव निवासी फकरुल के साथ हुआ था। गत चार जुलाई को उसे डिलिवरी के लिए लोहिया अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने उसकी कोरोना जांच कराई तो रिपोर्ट पॉजिटिव आई।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
आरोप है कि इसकी भनक पति को लगी तो वह हिना को अस्पताल में छोड़कर भाग निकला। हिना का कहना है कि वह पहले काफी देर तक पति का इंतजार करती रही, लेकिन जब वह नहीं आया तो अस्पतालकर्मी की मदद से पति के नंबर पर कॉल करवाया। इस पर पति ने अस्पताल स्टाफ से हिना से कोई रिश्ता न होने की बात कह फोन काट दिया। इसके बाद महिला ने अपने मायके कॉल करके पिता को जानकारी दी। ससुर ने दमाद के नंबर पर कॉल किया तो उसने कोरोना मरीज से किसी तरह के संबंध न होने की बात कही। इसके बाद अकेले अस्पताल में पड़ी हिना की देखरेख के लिए लिए उसकी बहन पहुंची और दोनों को लोकबंधु अस्पताल भेज दिया गया।
सभी के नंबर डाल दिये थे ब्लैक लिस्ट में
हिना का कहना है कि पति को जब अस्पताल व मायके से फोन गया तो उसने इन सभी नंबरों को ब्लॉक कर दिया, ताकि उसे दोबारा फोन न कर सकें। उसने ससुराल के सभी नंबर ब्लॉक कर रखे हैं। जिंदगी भर साथ रहने की कसम खाई थी और बुरा वक्त आते ही दामन छुड़ा लिया।