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बीच से कट गए नाजुक अंग, यूपी के इस जिले में अजीबोगरीब वायरस का हमला

Sun, 03 Sep 2017 08:57 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, श्रावस्ती
ब्यूरो/अमर उजाला, श्रावस्ती Updated Sun, 03 Sep 2017 08:57 PM IST
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virus attack in shrawasti.

यूपी के श्रावस्ती जिले में दो बच्चों का शनिवार को अज्ञात कारणों से नाजुक अंग कट गया। परिवारीजन ने दोनों बच्चों को लखनऊ के निजी चिकित्सालयों में भर्ती कराया है। जहां गुप्तांग कटने का कारण विशेष वायरस बताया जा रहा है।



भिनगा के शिवालापुरवा निवासी मनोज के ढाई वर्षीय पुत्र चंचल का शनिवार सुबह अचानक नाजुक अंग बीच से कटा हुआ दिखाई दिया। इस दौरान बच्चे ने केवल दर्द की शिकायत की। खून का एक कतरा भी नहीं निकला।

बच्चे की स्थिति देखने के बाद परिवारीजन उसे तत्काल जिला चिकित्सालय बहराइच ले जाकर चिकित्सकों को दिखाया। तो डॉक्टरों ने नाजुक अंग पर टांका लगाकर वापस घर भेज दिया। लेकिन देर शाम को बच्चे का नाजुक अंग लगभग 75 प्रतिशत कट गया। जिसे देख परिवारीजन उसे लखनऊ स्थित एक निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया।

virus attack in shrawasti.

जहां चिकित्सकों ने वायरस अटैक के कारण नाजुक अंग कटने की जानकारी दी। वहीं इसी दौरान हरिहरपुररानी विकास क्षेत्र के गांव में भी एक 12 वर्षीय बच्चे का शनिवार शाम अचानक नाजुक अंग कट गया। जिसे परिवारीजन संयुक्त जिला चिकित्सालय लाए, जहां प्राथमिक उपचार कर उसे भी घर भेज दिया गया। लेकिन शनिवार देर रात दूसरे स्थान से नाजुक अंग कटता देख उसे भी परिवारीजन लखनऊ ले गए। जहां बच्चे का इलाज एक निजी चिकित्सालय में चल रहा है। वहां भी घटना का कारण चिकित्सकों ने वायरस अटैक ही बताया है।

virus attack in shrawasti.

वहीं, इस संबंध में संयुक्त जिला चिकित्सालय के फिजीशियन डॉ. एनएन पांडे बताते हैं कि फंगल सहित अन्य वायरसों से स्किन को नुकसान होता है। लेकिन अभी तक किसी वायरस के कारण नाजुक अंग कटने की जानकारी मेरे संज्ञान में नहीं है। हो सकता है कि लखनऊ में चिकित्सकों को जांच के दौरान किसी ऐसे वायरस की जानकारी हुई हो।

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virus attack in shrawasti.

बाढ़ का भी हो सकता असर
ये भी कहा जा रहा है कि कुछ दिन पूर्व जिले में आई बाढ़ में मवेशी व अन्य जीव-जंतु मर कर सड़ गए थे। बाढ़ का पानी जिले के 190 ग्राम पंचायत के हर घर में भरा था। जिससे पेयजल पूरी तरह से दूषित है। इसी पेयजल का इस्तेमाल ग्रामीण कर रहे हैं। स्थानीय चिकित्सकों का मानना है कि संभवत: बाढ़ के पानी के साथ आए प्रदूषण के चलते कोई विशेष वायरस सक्रिय हुआ हो। जिससे लोगों को समस्या आ रही है।

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