यूपी में सोमवार से प्रदेश के सभी जिलों में बुजुर्ग व गंभीर पुरानी बीमारियों से ग्रस्त मरीजों का टीकाकरण शुरू हो गया है। बुजुर्ग अपने परिजनों के साथ टीकाकरण के लिए पहुंचे। इसके पहले आज सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के एम्स अस्पताल में कोरोना का टीका लगवाया। इससे लोगों का हौसला बढ़ा। उम्मीद है कि अब टीकाकरण में लोग बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे। प्रदेश में 225 केंद्रों पर टीकाकरण किया जा रहा है। इस अभियान में लगभग 23 हजार लाभार्थियों के टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के श्यामा प्रसाद मुखर्जी अस्पताल में टीकाकरण की तैयारियों का निरीक्षण किया और लोगों का हालचाल लिया।
वहीं, पीएम मोदी द्वारा टीकाकरण करवाने से उनकी तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। उन्होंने खुद भी लोगों से टीकाकरण के लिए आगे आने की अपील की है। प्रधानमंत्री मोदी सोमवार को सुबह-सुबह एम्स अस्पताल पहुंचे अस्पताल जाने के लिए उन्होंने कोई तय रूट फॉलो नहीं किया जिससे लोगों को उनके काफिले के कारण किसी तरह की परेशानी न हो। उन्हें पुडुचेरी की नर्स पी निवेदा ने कोरोना का टीका लगवाया। इस दौरान प्रधानमंत्री के पीछे केरल की नर्स खड़ी थी। उन्होंने गले में असम का गमछा डाला हुआ था तो उनकी वेशभूषा पश्चिम बंगाल की थी।
राज्य टीकाकरण अधिकारी डॉ. अशोक कुमार घई ने बताया कि बुजुर्गों व बीमारों को कोविन एप पर पंजीकरण कराना होगा। पंजीकरण के लिए मोबाइल नंबर व पहचान पत्र अनिवार्य होगा। उन्होंने बताया कि 59 साल कुछ माह पूरे करने वाले ऐसे लोग जिनकी उम्र 2021 में 60 साल हो जाएगी, उन्हें भी लाभ मिलेगा।
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टीकाकरण
- फोटो : amar ujala
शहरी क्षेत्र में लोग स्वयं पंजीकरण करा सकते हैं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में इसके लिए आशा-एएनएम व अन्य स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं से मदद ली जा रही है। सरकारी अस्पतालों में टीका मुफ्त होगा, लेकिन निजी अस्पतालों में 250 रुपये लगेंगे। टीकाकरण केंद्रों की जानकारी जिला प्रतिरक्षण अधिकारी व मुख्य चिकित्सा अधिकारी, इंटीग्रेटेड कोविड कमांड सेंटर से ली जा सकती है।
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लखनऊ के श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल अस्पताल में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने टीकाकरण की प्रक्रिया को परखा।
45 से ऊपर वालों के मेडिकल सर्टिफिकेट जरूरी
45 साल से अधिक उम्र वाले ऐसे लोग जिन्हें गंभीर पुरानी बीमारियां हैं उन्हें अस्पताल से पुरानी बीमारी के इलाज का चिकित्सा प्रमाण पत्र लाना होगा। तभी उनका पंजीकरण व टीकाकरण हो सकेगा। भारत सरकार ने ऐसे लोगों के लिए 20 बीमारियों की सूची तैयार की है।
इनसे पीड़ित लोगों का होगा टीकाकरण
हार्ट फेल के मरीज, हृदय वाल्व का प्रत्यारोपण करा चुके, हदय के वाल्व की बीमारी, जन्मजात दिल की बीमारी, उच्च रक्तचाप, डायबिटीज, दिल की धमनियों में रुकावट, किडनी, लिवर की बीमारी, डायलिसिस व पेरोटोनियल डायलिसिस वाले, सांस की बीमारी, एचआईवी संक्रमित, मस्कुलर डिस्ट्राफी, इंटेलेक्चुअल डिसएबिलिटीज, नेत्रहीन, मूक-बधिर, कैंसर जैसे ल्यूकीमिया, लिम्फोमा, मायलोमा, एप्लास्टिक एनीमिया, सिकल सेल डिजीज, थैलासीमिया मेजर, बोन मैरो फेल्योर, स्ट्रोक आदि के मरीज।