लखनऊ में कैंट इलाके में बीडीएस छात्रा प्रिया सिंह को उसके दोस्त प्रकाश चंद्र आर्य ने मौत के घाट उतारा था। प्रकाश चंद्र आर्य सचिवालय में चतुथ श्रेणी कर्मचारी था। दोनों में सोमवार देर शाम व्हॉट्सएप पर चैटिंग हुई और मंगलवार सुबह तक साथ रहे। इसके बाद प्रकाश ने प्रिया के सिर पर डंडे से वार किया और मुंह दबाकर हत्या की। खुदकुशी का रूप देने के इरादे से पंखे से फंदा कसा, लेकिन प्रिया को लटकाने में नाकाम रहा। शव को तख्त पर लिटाया और कमरा बाहर से बंद करके फरार हो गया। हड़बड़ाहट में प्रकाश के दोनों मोबाइल फोन प्रिया के कमरे में ही छूट गए थे। मालूम हो लखनऊ में कैंट क्षेत्र में बीडीएस की छात्रा की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। बाहर से बंद कमरे में मंगलवार सुबह तख्त पर उसका शव मिला। छत के पंखे से दुपट्टे का फंदा कसा था और उसके गले पर निशान भी हैं। चार दिन से घर में अकेली छात्रा का हाल पूछने गए फूफा ने नजारा देखकर पुलिस को सूचना दी थी।
बीडीएस छात्रा की हत्या का खुला राज, व्हॉट्सएप पर चैटिंग कर दोस्त पहुंचा घर, रात भर रहा साथ
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क्षेत्राधिकारी तनु उपाध्याय ने बताया कि विद्यानगर मलाक रोड निलमथा निवासी प्रिया सिंह (25) की संदिग्ध हालात में मौत की पड़ताल में बुधवार को खास जानकारी हाथ लगी। पोस्टमार्टम में डॉक्टरों ने सिर के बाएं हिस्से पर ठोस वस्तु से वार के कारण मौत की पुष्टि की। इसके अलावा प्रिया का मुंह भी दबाया गया था। पड़ताल में खुलासा हुआ कि कमरे में मिले पांच मोबाइल फोन में से दो दुर्गापुरी कॉलोनी निवासी प्रकाश चंद्र आर्या के थे। कॉल डिटेल खंगालने पर प्रिया व प्रकाश के बीच चैटिंग की पुष्टि हुई। प्रकाश ने व्हॉट्सएप पर मेसेज करके पूछा कि कहां हो और प्रिया ने उसे जवाब दिया था। प्रकाश चंद्र का लोकेशन सोमवार रात आठ बजे से मंगलवार सुबह 7:15 बजे तक प्रिया के घर पर था। माना जा रहा है कि दोनों लोग रातभर साथ में रहे और सुबह किसी बात को लेकर विवाद में प्रकाश चंद्र ने मोबाइल फोन तोड़ा। प्रिया की हत्या की। खुदकुशी का रूप देने के इरादे से पंखे से फंदा कसा। प्रिया को फंदे पर लटकाने में नाकाम रहने पर उसे तख्त पर लिटाकर फरार हो गया।
प्रभारी निरीक्षक रंजना सचान ने बताया कि बेटी की मौत की खबर पर बिहार से पहुंचे प्रकाश कुमार सिंह ने प्रकाश चंद्र आर्या पर हत्या का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई। एक कंपनी मेें सिविल इंजीनियर प्रकाश कुमार सिंह ने कहा कि बेटी की मौत से पत्नी रेनू की हालत काफी खराब हो गई थी। होश आने पर बताया कि प्रिया ने प्रकाश चंद्र नामक युवक द्वारा रास्ते में छेड़खानी की शिकायत की थी। उन्होंने सामाजिक प्रतिष्ठा बचाने के लिए प्रिया को खुद बचकर चलने की सलाह दी थी।
हत्या आरोपी की गुमशुदगी
प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि विद्यानगर निवासी प्रिया के फूफा संजय कुमार की तरफ से बुधवार दोपहर 12:58 बजे सूचना दर्ज करके पड़ताल शुरू की गई थी। इस बीच शाम 7:29 बजे प्रकाश चंद्र आर्या के परिवारीजन की तहरीर पर गुमशुदगी दर्ज की गई। इसमें कहा गया कि प्रकाश चंद्र मंगलवार देर शाम घर से निकला था। रातभर न लौटने से परेशान परिवारीजन ने तलाश शुरू की। कुछ पता न चलने पर पुलिस को सूचना दी। चंद घंटे बाद इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस से पता चला कि प्रिया के घर से मिले पांच मोबाइल फोन में दो प्रकाश चंद्र आर्या के थे।
दिल्ली के एटीएम से निकाली रकम
प्रिया की हत्या में प्रकाश चंद्र आर्या के नामजद होते ही पुलिस टीम ने उसके परिवारीजनों से तहकीकात की। दोनों मोबाइल फोन प्रिया के घर पर छूट जाने के कारण उसका लोकेशन ट्रेस करने में दिक्कत आ रही थी। पुलिस ने प्रकाश के बैंक खाते के बारे में छानबीन की। उसके द्वारा दिल्ली के एक एटीएम बूथ से रुपये निकाले जाने की पुष्टि हुई। इस पर पुलिस की एक टीम प्रकाश चंद्र की तलाश में दिल्ली रवाना की गई है। परिवार के लोगों पर भी नजर है।