‘यह हमारे लिए गौरव की बात है कि भारत पहली बार चेस ओलंपियाड की मेजबानी करने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने ओलंपियाड की मशाल रैली का आगाज करके इसे और भव्य बना दिया है। शतरंज से भारत का हजारों साल पुराना नाता रहा है। यह खेल हमें धैर्य और अनुशासन सिखाता है। साथ ही इस खेल से हमारे निर्णय लेने की क्षमता का भी विकास होता है।’ यह कहना है प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का, जो रविवार को कानपुर से लखनऊ पहुंची पहुंची 44वें चेस ओलंपियाड की मशाल के स्वागत समारोह का हिस्सा बने।
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44वें चेस ओलंपियाड की मशाल का लखनऊ में हुआ भव्य स्वागत
- फोटो : अमर उजाला
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि विश्व शतरंज महासंघ (फिडे) ने प्रत्येक चेस ओलंपियाड की मशाल को भारत से शुरू करने का फैसला करते हुए हमारा मान बढ़ाया है। यह हमारा प्राचीन खेल है, जिसे आज दुनिया मान रही है। आज के आयोजन में आए भारत के दिग्गज खिलाड़ी विश्वनाथन आनंद का खास तौर पर स्वागत करते हैं, जिन्होंने यहां आकर इस रैली को और भी बढ़ा बना दिया है।
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सीएम योगी और विश्वनाथन आनंद के बीच हुआ शतरंज का मुकाबला
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इस अवसर पर प्रदेश के खेलमंत्री गिरीश चंद्र यादव ने कहा कि खेलों के प्रोत्साहन को लेकर यूपी सरकार हमेशा ही प्रयासरत है। चेस ओलंपियाड से जुड़कर बहुत अच्छा लगा है। उम्मीद है यह आयोजन सफल रहेगा।
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44वें चेस ओलंपियाड की मशाल का लखनऊ में हुआ भव्य स्वागत
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मौके पर चेस एसोसिएशन ऑफ इंडिया के संजय कपूर ने कहा कि तमिलनाडु के महाबलीपुरम में 28 जुलाई से 10 मार्च तक होने वाले इस महाआयोजन में 187 देशों से 2202 खिलाड़ी शह और मात के इस खेल का हिस्सा बनेंगे। मशाल रैली यूपी के नौ जिलों से होकर गुजरेगी। मेरा सीएम योगी से अनुरोध है कि वे शतरंज को प्रदेश के स्कूलों में पाठ्यक्रम के रूप में शामिल करें, जिससे इस खेल की अलग पहचान बने।
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44वें चेस ओलंपियाड की मशाल का लखनऊ में हुआ भव्य स्वागत
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इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, कैबिनेट मंत्री सूर्य प्रताप शाही, अपर मुख्य सचिव ग्रह अवनीश अवस्थी, अपर मुख्य सचिव सूचना नवनीत सहगल, प्रमुख सचिव खेल कल्पना अवस्थी समेत अन्य मौजूद रहे। इससे पहले शाम साढ़े छह बजे विधानसभा के सामने मशाल पहुंची, जिसका हजारों की संख्या में मौजूद युवा खिलाड़ियों ने करतल ध्वनि से स्वागत किया। मौके पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच मशाल के आगमन का इस्तकबाल किया गया।