तेजस एक्सप्रेस ने त्यौहार के सीजन में एक माह में 70 लाख रुपये की कमाई की है। लेकिन ऑफ सीजन में यात्री जुटाने की चुनौती होगी, ऐसी आशंकाएं जताई जा रही हैं। त्यौहार के बाद ऑफ सीजन में शताब्दी, डबलडेकर सहित अन्य ट्रेनों की तरह तेजस को भी चुनौतियों से जूझना होगा।
डीआरयूसीसी सदस्य एसएस उप्पल ने बताया कि तेजस में भले ही सुविधाएं दी जा रही हों, लेकिन किराया भी महंगा है। ऐसे में ऑफ सीजन में यात्री तेजस से कटेंगे।
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तेजस एक्सप्रेस
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बता दें कि तेजस में 13 से 18 नवंबर तक चेयरकार में क्रमश: 264, 346, 356, 345, 333 और 382 सीटें खाली हैं, जिनका किराया 16 सौ रुपये के आसपास है। जबकि एग्जीक्यूटिव क्लास में इन तारीखों पर क्रमश: 18, 28, 23, 27, 25 व 28 सीटें खाली हैं और किराया 23 सौ रुपये के इर्दगिर्द है।
शताब्दी की स्थिति भी ऐसी ही है और इन तारीखों पर चेयरकार में बुधवार को वेटिंग है, वहीं गुरुवार से आगे तक 395, 324, 466, 235 और 641 सीटें खाली हैं, जिनका किराया तेजस से कम है। यह 1250 रुपये है और शताब्दी के एग्जीक्यूटिव क्लास में इन तारीखों पर वेटिंग चल रही है। लखनऊ मेल, एसी एक्सप्रेस, गोमती, कैफियत आदि ट्रेनों में वेटिंग चल रही है।
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तेजस एक्स्प्रेस
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कोहरे से हुई लेट तो भी मिलेगा रिफंड
आईआरसीटीसी के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक अश्विनी श्रीवास्तव ने बताया कि तेजस एक्सप्रेस के लेट होने पर जो रिफंड दिया जाता है, वह कोहरे की वजह से देरी होने पर भी मिलेगा। मसलन, एक घंटे लेट होने पर सौ रुपये और दो से अधिक होने पर ढाई सौ रुपये का रिफंड क्लेम करने पर मिलता है। ऐसे में कोहरा शुरू होने पर अगर ट्रेन कोहरे के कारण भी देरी की शिकार होती है तो पैसेंजरों को यह सुविधा प्रदान की जाएगी।