फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

इन होनहारों ने दृष्टिहीनों के लिए बनाई स्मार्ट स्टिक तो प्लास्टिक से निजात का नायाब तरीका भी खोजा

Sat, 06 Oct 2018 02:59 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 06 Oct 2018 02:59 PM IST
विज्ञापन
students presented their innovations in science festival lucknow
science festival - फोटो : amar ujala
दृष्टिहीनों के लिए स्मार्ट स्टिक, वायु प्रदूषण से बचाने वाला त्रिस्तरीय मास्क, ऑटोमेटिक फ्लेम कंट्रोलर, बायोडिग्रेडेबल सेनेटरी नैपकिन। नन्हें वैज्ञानिकों ने ऐसे 50 मॉडलों से बड़ी-बड़ी समस्याओं का हल प्रस्तुत किया। मौका था भारतीय अंतरराष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव में शुक्रवार को नवभारत निर्माण कार्यक्रम का। देशभर से आए 50 मॉडलों में भले ही सभी को पुरस्कार नहीं मिल पाया हो, पर नन्हें वैज्ञानिकों ने वरिष्ठ वैज्ञानिकों से वाहवाही जरूर लूटी। आइए जानें इनके इनोवेशन के बारे में।
students presented their innovations in science festival lucknow
science festival - फोटो : amar ujala
सामने कुछ होने पर दृष्टिहीनों को अलर्ट करेगी छड़ी
एमिटी स्कूल साकेत, दिल्ली से आई जसकरन और सिद्धार्थ की जोड़ी ने दृष्टिहीनों के लिए स्मार्ट स्टिक बनाई है। इसकी खासियत यह है कि दृष्टिहीन व्यक्ति के सामने 50 सेमी के दायरे में कोई भी वस्तु होेने पर छड़ी न सिर्फ अलार्म देगी, बल्कि वाइब्रेट भी करेगी। इससे दृष्टिहीन सावधान हो जाएगा।
students presented their innovations in science festival lucknow
science festival - फोटो : amar ujala
मक्के और गन्ने से मिलेगा प्लास्टिक का विकल्प
प्लास्टिक आज की सबसे बड़ी समस्या बनती जा रही है। ऐसे में एनआईएफएफटी रांची के हिमांशु शेखर और कृति गुप्ता की टीम ने इसका विकल्प दिया है। इसमें मक्के और गन्ने की सहायता से पॉली लैस्टिक एसिड तैयार किया जाएगा। यह पूरी तरह से रिसाइकिल होगा। वहीं, थ्रीडी प्रिंटिंग की सहायता से इससे विभिन्न वस्तुएं बनाई जा सकती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
students presented their innovations in science festival lucknow
साइंस फेस्टिवल - फोटो : amar ujala
...तो सड़कों पर नहीं भरेगा पानी
सेंट मार्टिन्स इंजीनियरिंग कॉलेज, हैदराबाद के विद्यार्थियों की टीम ने वाटर एब्जॉर्बिंग रोड का मॉडल पेश किया। इस रोड की खासियत यह है कि इसमें पानी नहीं भरता। इसका निर्माण ऐसे किया गया है कि पानी रोड के बीच से होते हुए नीचे चला जाता है। फिर इसका इस्तेमाल भूमि रिचार्ज में किया जा सकता है। सात्विका, राजेश्वरी, नागेश, विक्रम, साईं प्रसाद और अभिनव की टीम ने बताया कि यह रोड सामान्य के मुकाबले सस्ती भी है। साथ ही पानी न भरने से खराब भी कम होगी।
विज्ञापन
students presented their innovations in science festival lucknow
साइंस फेस्टिवल - फोटो : amar ujala
150 रुपये की डिवाइस दूध गिरने से बचाएगी
वीआईटी, चेन्नई की छात्रा अभिरामी ने महज 150 रुपये में स्मार्ट डिवाइस तैयार की है। इसे गैस चूल्हे पर लगाया जाएगा। इसमें टाइम सेटर होगा। इसकी सहायता से चूल्हे पर कुछ भी चढ़ाकर समय तय कर दिया जाएगा। इससे गैस निर्धारित समय बाद खुद ही बंद हो जाएगी। इससे खाना नहीं जलेगा और उबलने से दूध भी नहीं गिरेगा। गैस की बचत भी होगी।
 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed