बेहद खास है यूपी के 'बजट ब्रीफकेस' की कहानी
(महेंद्र तिवारी)। यूपी के जिस बजट पिटारे से इस बार लाखों करोड़ लोगों की उम्मीदें निकली, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उस पिटारे को भी ऐतिहासिक बना दिया है। इस पिटारे यानी बजट ब्रीफकेस को उन्होंने खास रूप, रंग और पहचान देने की पहल की है। उनकी चाहत है कि सूबे का हर वित्तमंत्री इसी ब्रीफकेस से बजट पेश करे। बिल्कुल वैसा ही जैसा इंग्लैंड में दशकों से होता आ रहा है। यह ब्रीफकेस तमाम खूबियों के साथ इतिहास को भी समेटे है।
बेहद खास है यूपी के 'बजट ब्रीफकेस' की कहानी
अखिलेश ने जिस सिंदूरी लाल रंग के ब्रीफकेस से बजट पेश किया, उस ब्रीफकेस के रूप-रंग और आकार पाने की पूरी एक कहानी है। इसी ब्रीफकेस को सीएम ने पिछले साल अपने चौथे बजट में पहली बार प्रयोग किया था। वित्त विभाग के एक अधिकारी बताते हैं कि मुख्यमंत्री ने अपना तीसरा बजट पेश करने के बाद एक स्थायी बजट ब्रीफकेस की ओर ध्यान दिलाया। इसके बाद इस पर काम शुरू हुआ। एक युवा छात्र प्रचेताश ने ‘बजट बॉक्स’ का पूरा इतिहास खंगाला और इसे नया रूप देने में अहम भूमिका निभाई।
बेहद खास है यूपी के 'बजट ब्रीफकेस' की कहानी
आकड़ों और फाइलों में सिर खपाने वाले महकमे के अफसरों ने इसे परपंरा और इतिहास के नजरिए से तैयार करने पर खास ध्यान दिया। बजट ब्रीफकेस की सबसे खास बात है इसमें सभी वित्तमंत्रियों के नाम वाली गोल्डन पत्ती। यानी, धुर-विरोधी ही क्यों न हो, बजट पेश करने के लिए जब भी कोई वित्तमंत्री इसे खोलेगा, पूर्ववर्तियों को याद किए बिना नहीं रह सकेगा।
बेहद खास है यूपी के 'बजट ब्रीफकेस' की कहानी
चेन्नई के ईगल स्टार ने तैयार किया पिटारा
बजट ब्रीफकेस को तैयार किया है चेन्नई के ईगल स्टार ने। ब्रीफकेस का सिर्फ एक पीस बनाने के लिए वे बड़ी मुश्किल से तैयार हुए। पूर्व केंद्रीय वित्तमंत्री के लिए ब्रीफकेस बनवाने वाली कंपनी ने तो पहले ही मना कर दिया था। सीएम के सिंदूरी रंग की यह बजट अटैची 6750 रुपये में तैयार हुई।
बेहद खास है यूपी के 'बजट ब्रीफकेस' की कहानी
दिल्ली से बना सूबे का प्रतीक चिह्न
सूबे के प्रतीक चिह्न धनुष, तीर मछली और नदियों की अनुकृति उकेरी है दिल्ली में कनाट प्लेस के देवीचंद ने, 1500 रुपये में। देवीचंद राष्ट्रपति भवन के कर्मियों की ड्रेस भी तैयार करते हैं।