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श्रद्धा सुसाइड केस: यूपी के कैबिनेट मंत्री के बड़े भाई का दामाद है आशीष तिवारी, बिटिया के मोबाइल में छिपे कई अहम राज

Mon, 01 Nov 2021 11:20 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या Published by: शाहरुख खान Updated Mon, 01 Nov 2021 11:20 AM IST
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shraddha gupta suicide case Ashish Tiwari is the son-in-law of the elder brother of the UP cabinet minister
shraddha gupta suicide case - फोटो : अमर उजाला
पंजाब नेशनल बैंक की सहायक प्रबंधक की आत्महत्या के मामले में अयोध्या कोतवाली नगर पुलिस ने मृतका के पिता की तहरीर पर आईपीएस अधिकारी आशीष तिवारी समेत तीन पर आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में धारा 306 के तहत केस दर्ज किया है। मृतका श्रद्धा ने अपने सुसाइड नोट में विवेक गुप्ता, आशीष तिवारी (एसएसएफ हेड लखनऊ) व अनिल रावत (पुलिस फैजाबाद) को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया था। मृतका के पिता राजकुमार गुप्ता उर्फ राजू निवासी राजाजीपुरम लखनऊ ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनकी पुत्री श्रद्धा गुप्ता पीएनबी अयोध्या में स्केल वन अधिकारी के पद पर तैनात थी। वह ख्वासपुरा मोहल्ले में विष्णु अग्रवाल के मकान में किराए पर रहती थी। बताया कि वर्ष 2020  में उनकी बेटी की शादी विवेक गुप्ता पुत्र उमाशंकर गुप्ता निवासी उतरौला से तय हुई थी, किंतु कोरोना काल के चलते यह विवाह नहीं हो पाया। दोनों की आपस में फोन पर बात भी होने लगी थी। बताया कि कुछ दिन पहले श्रद्धा ने बताया कि विवेक की आदतें ठीक नहीं है, इसलिए वह उससे शादी नहीं करेगी। मैंने कई बार विवेक से मिलकर उसे समझाने का प्रयास किया, तो उसने मुझसे कहा कि मेरे संबंध बड़े पुलिस अधिकारियों से हैं, अगर मुझे परेशान करोगे तो बहुत बुरा होगा। 

 
shraddha gupta suicide case Ashish Tiwari is the son-in-law of the elder brother of the UP cabinet minister
श्रद्धा गुप्ता का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
पिता ने तहरीर में बताया कि श्रद्धा हर सप्ताह घर आती थी, लेकिन 15 दिन से वह बहुत परेशान थी। उसने अपनी मम्मी को बताया था कि विवेक उसे लगातार परेशान कर रहा है। वह बड़े-बड़े पुलिस अधिकारी से फोन कराकर उसे प्रताड़ित भी कर रहा है। इसके बाद हमने उसे समझा बुझाकर अयोध्या भेज दिया था। बताया कि शनिवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे उन्हें सूचना मिली कि श्रद्धा ने अपने किराए के घर में आत्महत्या कर ली। 
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पीड़ित परिवार - फोटो : अमर उजाला
दोपहर करीब 12 बजे जब वह अयोध्या पहुंचे तो बेटी के बेड पर एक सुसाइड नोट मिला। जिसमें उसने विवेक गुप्ता, आशीष तिवारी एसएसफ हेड लखनऊ व अनिल रावत नामक फैजाबाद पुलिस नामक व्यक्तियों को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया था। बेटी के कमरे से एक डायरी भी मिली है जिसमें उसने विवेक के संबंध में कई बातें लिखी है।

 
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श्रद्धा गुप्ता का सुसाइड नोट - फोटो : अमर उजाला
वहीं कोतवाली नगर पुलिस ने तहरीर के आधार पर रात 10:30 बजे तीनों के खिलाफ धारा 306 के तहत केस दर्ज कर लिया। एसएसपी शैलेश पांडेय ने बताया कि मृतका के पिता की तहरीर पर विवेक गुप्ता, आशीष तिवारी (एसएसएफ हेड लखनऊ) व अनिल रावत (पुलिस फैजाबाद) के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में केस दर्ज किया है। मामले की जांच की जा रही है।

 
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श्रद्धा गुप्ता सुसाइड केस - फोटो : अमर उजाला
बिटिया के फांसी लगाने के बाद उसके कमरे में बरामद एक डायरी तिवारी की कारस्तानी की परत दर परत खोल रही है। मामला आईपीएस और उनके रसूखदार परिवार का है। आशीष, कैबिनेट मंत्री मोती सिंह के बड़े भाई वीरेंद्र कुमार सिंह उर्फ मानी के दामाद हैं। इसलिए, पुलिस अधिकारी सांप भी मर जाए और लाठी भी न टूटे..नीति पर काम करती दिख रही है। जून 2019 में फैजाबाद जिले के एसएसपी रहे आशीष तिवारी महिला अपराध के प्रति बेहद गंभीर और पति-पत्नी विवाद सुलझाने में बेहद समझदारी भरे रवैये अपनाते थे। 

 
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