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बच्चे को है कब्ज की शिकायत तो इसकी वजह कहीं आप ही तो नहीं, एक नजर डालें इन सुझावों पर

Tue, 19 Jun 2018 01:00 PM IST
अभिषेक यादव, अमर उजाला, लखनऊ
अभिषेक यादव, अमर उजाला, लखनऊ Updated Tue, 19 Jun 2018 01:00 PM IST
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SGPGI issued suggestions for parents on toilet training
- फोटो : डेमो

संजय गांधी पीजीआई ने देश के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों के साथ मिलकर अभिभावकों के लिए एक महत्वपूर्ण सुझाव तैयार किया है, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि 24 महीने की उम्र तक बच्चे को टॉयलेट ट्रेनिंग देने की जरूरत नहीं है।

SGPGI issued suggestions for parents on toilet training
- फोटो : डेमो
वहीं तीन से चार वर्ष की उम्र के बच्चों के लिए भी यह आदत विकसित करने के लिए अलग-अलग सुझाव दिए गए हैं। बच्चों में बढ़ते फंक्शनल कॉन्स्टीपेशन के मामलों को देखते हुए उनके खानपान की आदतों से लेकर चिकित्सा तक पर दी गई जानकारियों को सामने रखा गया है।
SGPGI issued suggestions for parents on toilet training
- फोटो : डेमो

कब्ज बच्चों में सामान्य समस्या है। कई देशों में अपने परिस्थितियों के अनुसार इससे निपटने के लिए गाइडलाइंस हैं, लेकिन भारत में ऐसी गाइडलाइंस नहीं थीं। इस समस्या को समझने के लिए इंडियन सोसाइटी ऑफ पीडियाट्रिक गेस्ट्रोइंट्रोलॉजी, हिपेटोलॉजी और न्यूट्रिशन की ओर से यह रिपोर्ट तैयार करवाई गई।

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SGPGI issued suggestions for parents on toilet training
doctors
इसमें एसजीपीजीआई लखनऊ के चिकित्सक सुरेंद्र कुमार याचा, अंशु श्रीवास्तव और गुड़गांव व जयपुर के दो जाने माने निजी अस्पतालों से डॉ. नीलम मोहन, डॉ. ललित भरड़िया व डॉ. मोइनक सेन सरमा शामिल हुए। 
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SGPGI issued suggestions for parents on toilet training
- फोटो : डेमो
देश के विभिन्न हिस्साें में बाल रोग विशेषज्ञों के अनुभवों को साझा किया गया। सामने आया कि बच्चों में पेट से जुड़ी समस्याओं के 30 प्रतिशत मामलों में फंक्शनल कांस्टीपेशन है। इन्हीं अनुभवों के आधार पर यह रिपोर्ट तैयार की गई। 
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