धर्म, संस्कृति और संस्कार की नगरी अयोध्या बदलाव के दौर में है। इसके बदलाव के प्रयास तो कई बार हुए, लेकिन नौ नवंबर 2019 को राम मंदिर पर फैसले के बाद यह सरकार के एजेंडे में शीर्ष पर आ गया। भव्य और दिव्य राम मंदिर का निर्माण शुरू हुआ तो इसको केंद्र में रखकर अयोध्या को अंतरराष्ट्रीय वैदिक सिटी के रूप में विकसित करने पर काम शुरू हुआ।
Ayodhya: आध्यात्मिक वैभव के साथ वर्तमान से कदमताल कर रही अयोध्या, अब दिखने लगे हैं ये बदलाव, एक रिपोर्ट
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परिक्रमा पथ बन रहे फोरलेन
-पुण्य प्राप्ति के लिए अयोध्या की पंचकोसी, चौदहकोसी और 84 कोसी परिक्रमा की जाती है। इन सड़कों का चौड़ीकरण और सुंदरीकरण कराया जा रहा है।
-1500 करोड़ रुपये से पंचकोसी और चौदहकोसी परिक्रमा पथ को फोरलेन बनाया जाएगा। जमीन ले ली गई। निर्माण शुरू कराने की तैयारी है। परिक्रमा पथ के किनारे नागिरक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
-7000 करोड़ से 84 कोसी परिक्रमा पथ का निर्माण शुरू कराया जा रहा है। 235 किमी लंबे परिक्रमा पथ के कुछ हिस्से की जमीन लेने का काम चल रहा है। कुछ हिस्से के लिए टेंडर जारी किया गया है।
ग्रीन फील्ड होगा अयोध्या का नया शहर
-लगभग तीन हजार करोड़ की लागत से 1852 एकड़ भूमि पर नया शहर बसाए जाने का काम शुरू हो गया है। इसमें मठ-धर्मशालाओं को जमीन का आवंटन शुरू कर दिया गया।
जाम से निजात के लिए छह रेलवे ओवरब्रिज
रीडगंज रेलवे ओवरब्रिज बनकर तैयार हो गया। अब लगभग 550 करोड़ रुपये की लागत से बड़ी बुआ, दर्शनगर, सूर्य कुंड, फतहेगंज, हाईवे, दर्शननगर रेलवे स्टेशन के पास रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण कराया जा रहा है।
व्यवस्थित विकास के लिए मास्टर प्लान
-अयोध्या विकास प्राधिकरण पहले चरण में 133 वर्ग किमी का मास्टर प्लान लागू कर चुका है। दूसरे चरण में लगभग 700 वर्ग किमी का मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है।
नए भवन व संस्थान ले रहे आकार
-अयोध्या में तीर्थों के विकास के लिए अयोध्या तीर्थ विकास परिषद का गठन किया गया है। इससे अयोध्या में फैले तीर्थों के साथ ही नागरिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। जल्द ही इसका भवन भी तैयार होगा।
-विश्वस्तरीय मंदिर संग्रहालय बनाया जाएगा। इसमें देश के विभिन्न मंदिरों की वास्तुशैली को दिखाया जाएगा। सरकार से इसकी मंजूरी दे दी गई। अब जमीन की व्यवस्था पर काम चल रहा है।
अयोध्या के चारों तरफ फैल रहा सड़कों का जाल
-सुगम यातायात के लिए सड़कों का विस्तार किया जा रहा है। 1500 करोड़ रुपये की लागत से अयोध्या-जगदीशपुर हाईवे का 90 फीसदी काम पूरा हो चुका है। 400 करोड़ की लागत से अयोध्या-अकबरपुर-बसखारी फोरलेन हाईवे का आधे से ज्यादा काम पूरा।
-जाम से निजात दिलाने के लिए 67 किमी लंबे रिंगरोड का निर्माण कराया जा रहा है। 4000 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला रिंगरोड अयोध्या, गोंडा और बस्ती से जाएगा। इसके लिए जमीन की खरीद अंतिम चरण में है।
-सहादतगंज से नया घाट तक हाईवे का आठ करोड़ रुपये से सुंदरीकरण किया जा रहा है। सहादतगंज से नया घाट के बीच 250 करोड़ की लागत से फोरलेन सडक़ बनाए जाने की घोषणा की गई है।
बदलाव जो अब दिखने लगे
- अयोध्या शहर अब एक रंग रूप में दिखेगा। यहां कामन बिल्डिंग कोड( समान भवन संहिता) लागू की गई है। अयोध्या विकास प्राधिकरण से सभी प्रमुख पथों के किनारे के भवनों के फसाड निर्माण का काम कराया जा रहा है।
- गुप्तारघाट में घाट और सड़क का निर्माण व सुंदरीकरण का काम कराया गया। तीसरे चरण में 16 करोड़ की लागत से अवशेष सुंदरीकरण का काम कराया जा रहा है।
- ढाई करोड़ रुपये की लागत से सीता झील का निर्माण कराया जा रहा है। इसके पहले चरण का काम लगभग पूरा हो गया है।
- मुक्ति/बैकुंठ धाम में पारंपरिक अंतिम संस्कार चैंबर का निर्माण कराया जा रहा है।
- पर्यटन के लिए शहर में लाल डिग्री, गुप्तारघाट और सूर्य कुंड का विकास किया गया है। यह पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं।
- अयोध्या के 84 कोस में स्थित दर्जन भर धार्मिक स्थलों पर पर्यटन विभाग की ओर से जीर्णोद्धार और नागरिक सुविधाओं का विकास कराया जा रहा है।
- अयोध्या में पहले पर्यटक स्थल के रूप में पहले चरण में समदा झील को बर्ड सेंचुरी के रूप में विकसित किया गया। इस पर लगभग आठ करोड़ रुपये खर्च किए गए।
सीवर लाइन से लेकर पार्क तक सुधर रहे
- शहर में पहले चरण में लगभग 134 किमी सीवर लाइन बनाने का काम अंतिम चरण में है।
- नमामि गंगे परियोजना के तहत नालों के गंदे पानी को सरयू में गिरने से पहले शुद्धीकरण कराए जाने का प्रस्ताव है।
- शहर के 33 पार्कों के कायाकल्प का काम पूरा हो गया है। वन और उद्यान विभाग की ओर से विभिन्न पथों पर पेड़-पौधों, फूल के पौधे लगाए जा रहे है। वनों का विकास प्रस्तावित है।
-भगवान श्रीराम के भाई भरत की तपस्थली भरतकुंड को जोड़ने के लिए दो लेन मार्ग का निर्माण पूरा हो गया। 54 करोड़ रुपये खर्च हुए।
-हाईवे से महोबरा बाजार होते हुए श्रीराम जन्मभूमि तक लगभग 45 करोड़ रुपये की लागत से फोरलेन का निर्माण पूरा होने वाला है।
-भगवान श्रीराम के पिता चक्रवर्ती सम्राट राजा दशरथ की समाधि स्थल बिल्वहरि घाट से अयोध्या तक 400 करोड़ रुपये से फोरलेन हाईवे का निर्माण कराया जा रहा है।