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ट्रॉमा सेंटर में सवा लाख रुपये चोरी होने के बाद भटकता रहा परिवार, मरीज की मौत, बवाल

Wed, 26 Jul 2017 01:43 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Wed, 26 Jul 2017 01:43 AM IST
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ruckus in trauma after death of a patient in   Lucknow.

केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर में सोमवार को जिस मरीज के इलाज के सवा लाख रुपये चोरी हो गए थे, मंगलवार को उसकी मौत हो गई। मौत के बाद परिवारीजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए खूब हंगामा किया। मामले की सूचना पाकर मौके पर पुलिस बल की पूरी टीम वहां तैनात कर दी गई। करीब दो घंटे चले हंगामे के बाद घरवालों को समझा-बुझाकर वापस भेजा गया। परिवारीजनों ने मुख्यमंत्री से भी अस्पताल प्रशासन की लापरवाही की शिकायत करने की बात कही है।



ट्रॉमा सेंटर में सोमवार को अलसुबह बस्ती निवासी हेमा सिंह के पर्स में रखे सवा लाख रुपये, मोबाइल के साथ जरूरी कागजात पर चोरों ने हाथ साफ कर दिया था। मृतक की बेटी हेमा सिंह का कहना है कि ये पैसे उन्होंने न्यूरो सर्जरी वार्ड में भर्ती पिता राजकुमार सिंह के इलाज के लिए इकट्ठा किए थे। वह अभी पैसे की चोरी की घटना से उबरी नहीं थीं कि मंगलवार को शाम करीब छह बजे पिता राजकुमार सिंह की मौत हो गई।

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ruckus in trauma after death of a patient in   Lucknow.

पुलिस पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि मंगलवार की सुबह तक चोर को पकड़ने का आश्वासन दिया था। लेकिन, वह कोरा आश्वासन देकर कार्रवाई को ठंडे बस्ते में डाल दिया। अस्पताल प्रशासन से सीसीटीवी फुटेज तक की मांग नहीं की। मृतक के पुत्र समर सिंह ने बताया कि डॉक्टरों की संवेदनहीनता से उनके पिता की मौत हुई है।मामले की शिकायत वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी करेंगे।

आमने-सामने
मृतक की बेटी बोली- रुपये चोरी होने की शिकायत को तो न तो पुलिस ने गंभीरता से लिया न ही केजीएमयू प्रशासन ने। मीडिया को बताने पर जूनियर डॉक्टर के भरोसे छोड़ा मरीज, देखने तक नहीं आए।

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सीएमएस डॉ. एसएन शंखवार ने कहा- मरीज राजकुमार सिंह का मामला ब्रेन हैमरेज का था। गोरखपुर में काफी इलाज होने के बाद लखनऊ रेफर किया गया था। यहां आने तक उनकी स्थिति काफी खराब थी। उनका इलाज न्यूरो सर्जरी विभाग में चल रहा था। लापरवाही का आरोप निराधार है। उनके बचने के चांस बहुत कम थे। यह एक सामान्य मौत है। हमारी तरफ से कोई लापरवाही नहीं हुई है।

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आठ घंटे बाद भी नहीं मिली सीटी स्कैन रिपोर्ट
मृतक राजकुमार सिंह के परिवारीजनों ने बताया कि मंगलवार को दोपहर 12 बजे सीटी स्कैन करा लिया गया था। इसके बाद रिपोर्ट के लिए दौड़ाते रहे। शाम को उनकेमरीज की मौत हो गई, उसके बाद भी सीटी स्कैन की रिपोर्ट डॉक्टरों ने उन्हें नहीं दी।

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पौने छह लाख रुपये ऑपरेशन के मांगे थे
हेमा सिंह ने बताया कि डॉक्टरों ने बताया कि मरीज का दो ऑपरेशन किया जाएगा। पहले छोटा और बाद में बड़ा ऑपरेशन होना है। छोटे ऑपरेशन के लिए सवा लाख और बड़े ऑपरेशन के लिए साढ़े चार लाख रूपये खर्च होने की बात कही थी। चूंकि पहले छोटा होना था, इसलिए उन्होंने पैसे उधार मांगकर इकट्ठा किया था, जो अस्पताल से ही चोरी हो गया।

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