पिछले दो दिन से जारी बारिश में लखनऊ में जलभराव को लेकर मंगलवार को नगर निगम कार्यकारिणी में जोरदार हंगामा हुआ। सदस्यों ने अफसरों पर लापरवाही की आरोप लगाया। कहा, कि शहर लबालब हो गया, जनता परेशान होती रही।
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क्षतिग्रस्त हुई गाड़ियां
- फोटो : amarujala
इसके लिए नाला सफाई के काम में देरी और उसमें भ्रष्टाचार जिम्मेदार है। हंगामे के बाद नाला सफाई के भुगतान की जांच कराए जाने का फैसला लिया गया। हंगामे और विरोध के बीच पार्षद कोटे की दो किस्तों के काम पर किसी तरह की रोक नहीं लगाने का प्रस्ताव भी पास कर दिया गया।
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क्षतिग्रस्त हुई गाड़ियां
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अब दस दिन के अंदर पार्षद कोटे से विकास की फाइलें पास हो जाएंगी। इसके साथ ही कार्यकारिणी ने गृहकर में दी जा रही दस प्रशितत की छूट को एक महीने तक बढ़ाए जाने को मंजूरी दी गई।
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जलभराव में निकलती गाड़ियां
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बैठक जैसे ही शुरू हुई कांग्रेस पार्षद गिरीश मिश्र ने सोमवार को पूरे शहर में हुए भीषण जलभराव का मसला उठाया।
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जलभराव में निकलती गाड़ियां
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उन्होंने कि नाला सफाई का काम मई में शुरू हो जाना चाहिए था, मगर जून में शुरू किया गया ताकि बिना काम ही करोड़ों रुपये का भुगतान ठेकेदारों को हो जाए।