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सामने आई असली अनामिका शुक्ला ने बताया चौंकाने वाला सच, कहा-प्रदेश में गूंजता रहा नाम और मैं...
Wed, 10 Jun 2020 09:07 AM IST
शाहरुख खान
संजय तिवारी, अमर उजाला, गोंडा
संजय तिवारी, अमर उजाला, गोंडा
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 10 Jun 2020 09:07 AM IST
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anamika shukla
- फोटो : अमर उजाला
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प्रदेश के नौ जिलों में अनामिका शुक्ला के नाम से कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूलों में विज्ञान शिक्षिका के पद पर महिलाएं कार्य कर रहीं थीं, शासन स्तर से हुई जांच में इनके करीब 12 लाख रुपये मानदेय लेने की बात भी सामने आई है। अनामिका शुक्ला के अभिलेखों की पड़ताल करते हुए रविवार के अंक में अमर उजाला ने रिपोर्ट प्रकाशित की थी।
anamika shukla
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मंगलवार को पढ़ाई के समय अनामिका की ओर से दिए पते की जानकारी देते हुए खबर छपी थी। अनामिका ने अमर उजाला से कहा कि उन्हें नहीं पता था कि यह मामला उनसे जुड़ा है, खबर में लिखा पता देख वह चौंक गईं। उन्होंने जिन जिलों में आवेदन ही नहीं किया था वहां भी उनकी नियुक्ति हो गई।
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केजीबीवी में नियुक्ति में निवास प्रमाण पत्रों में दिखा अंतर
अनामिका शुक्ला की ओर से पेश किए गए शैक्षिक अभिलेखों के साथ ही उन्होंने निवास प्रमाण पत्र भी दिया। अनामिका ने वर्ष 2017 में आवेदन के लिए निवास प्रमाण पत्र ऑनलाइन बनवाया था। जिसमें उन्होंने अपने पिता के नाम की जगह पर पति दुर्गेश का नाम दर्शाया है, जबकि अन्य जिलों में आवेदन के समय लगाए गये निवास प्रमाण पत्रों में पिता का ही नाम दर्ज है। बीएसए ने निदेशालय से आए अभिलेखों में निवास प्रमाण पत्र मिलाया तो यह हेराफेरी सामने आई। अनामिका ने कहा कि शादी के बाद उसने आवेदन किया था तो निवास प्रमाण पत्र में पति का ही नाम लिखवाया था। अनामिका ने कहा कि एक तो वह इतना अखबार ही नहीं पढ़ती हैं, दूसरे अनामिका शुक्ला वही हो सकती हैं, उन्हें एहसास ही नहीं था।
अनामिका शुक्ला की ओर से पेश किए गए शैक्षिक अभिलेखों के साथ ही उन्होंने निवास प्रमाण पत्र भी दिया। अनामिका ने वर्ष 2017 में आवेदन के लिए निवास प्रमाण पत्र ऑनलाइन बनवाया था। जिसमें उन्होंने अपने पिता के नाम की जगह पर पति दुर्गेश का नाम दर्शाया है, जबकि अन्य जिलों में आवेदन के समय लगाए गये निवास प्रमाण पत्रों में पिता का ही नाम दर्ज है। बीएसए ने निदेशालय से आए अभिलेखों में निवास प्रमाण पत्र मिलाया तो यह हेराफेरी सामने आई। अनामिका ने कहा कि शादी के बाद उसने आवेदन किया था तो निवास प्रमाण पत्र में पति का ही नाम लिखवाया था। अनामिका ने कहा कि एक तो वह इतना अखबार ही नहीं पढ़ती हैं, दूसरे अनामिका शुक्ला वही हो सकती हैं, उन्हें एहसास ही नहीं था।
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पांच जिलों में किया था आवेदन
अनामिका शुक्ला की मेरिट हाई थी और उन्होंने पांच जिलों में वर्ष 2017 में कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूल में विज्ञान शिक्षिका के लिए आवेदन किया था। उन्होंने सुल्तानपुर, जौनपुर, बस्ती, मिर्जापुर, लखनऊ जिलों में आवेदन किया था। काउंसिलिंग का समय आया तो वह उसमें शामिल नहीं हो सकीं। उस समय उन्होंने ऑपरेशन से बेटी ने जन्म दिया था और वर्ष 2019 में बेटे का जन्म हुआ। दो छोटे बच्चे होने के कारण नौकरी करने में समर्थ नहीं थी।
अनामिका शुक्ला की मेरिट हाई थी और उन्होंने पांच जिलों में वर्ष 2017 में कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूल में विज्ञान शिक्षिका के लिए आवेदन किया था। उन्होंने सुल्तानपुर, जौनपुर, बस्ती, मिर्जापुर, लखनऊ जिलों में आवेदन किया था। काउंसिलिंग का समय आया तो वह उसमें शामिल नहीं हो सकीं। उस समय उन्होंने ऑपरेशन से बेटी ने जन्म दिया था और वर्ष 2019 में बेटे का जन्म हुआ। दो छोटे बच्चे होने के कारण नौकरी करने में समर्थ नहीं थी।
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गोंडा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. इंद्रजीत प्रजापति
- फोटो : अमर उजाला
बीएसए भी हैरान, कैसे हो गई इतने बड़े स्तर पर भर्ती
गोंडा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. इंद्रजीत प्रजापति ने जब अनामिका शुक्ला से पूरा हाल जाना तो वह भी अवाक रह गए। अनामिका शुक्ला ने कभी कहीं मूल अभिलेख नहीं दिए और न ही काउंसलिंग कराई। ऐसे में इन जिलों में नियुक्ति कैसे हो गई।
गोंडा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. इंद्रजीत प्रजापति ने जब अनामिका शुक्ला से पूरा हाल जाना तो वह भी अवाक रह गए। अनामिका शुक्ला ने कभी कहीं मूल अभिलेख नहीं दिए और न ही काउंसलिंग कराई। ऐसे में इन जिलों में नियुक्ति कैसे हो गई।